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बच्चे को जरूर सिखाएं ये 10 अच्छी आदतें

बच्चों में अच्छी आदतों का होना उतना ही जरूरी है जितना स्वस्थ शरीर के लिए आहार. मत भूलें कि अच्छी आदतें ही बच्चे को बेहतर इंसान बनाने में मदद करती है. [Good Habits In Child]

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हर अभिभावक चाहता है कि उनके बच्चे अच्छी आदतों (Good Habits in Child) से परिपूर्ण हों. अच्छी आदतें ही बच्चे को बेहतर इंसान बनाने में मदद करती हैं. लेकिन इन सद्गुणों को बच्चों में डालने की ड्यूटी तो माता-पिता की ही होती है. इसके लिए बच्चे पर शुरू के दिनों से ही निगरानी करनी होती है.

बच्चों को अच्छी आदतों के साथ परवरिश करने का अर्थ है उन्हें रोजाना कुछ नया सिखने के लिए प्रोत्साहित करना. बच्चे में सद्गुणों का विकास करने की प्रक्रिया कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए बहुत धैर्य व अनुशासन की आवश्यकता होती है. बड़े-बुजुर्गों ने हमें बचपन में अच्छी आदतें सिखाई थी.

अच्छी आदतें (Good Habits in Child) पीढ़ी दर पीढ़ी चलनी चाहिए. इसलिए हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बच्चों में उन अच्छी आदतों का विकास करे. बचपन में सीखी हुई बातों को बच्चे कभी नहीं भूलते. छोटी उम्र में अगर उनमें अच्छी आदतें डाली जाती है तो उसे वह हमेशा याद रखता है. बचपन से ही उन्हें छोटी-छोटी बातों को सिखाना शुरू करें.

यहां जानें बच्चे को बेहतर इंसान बनाने में कौन-कौन सी अच्छी आदतों का होना है जरूरी:

1. प्लीज, सॉरी और धन्यवाद बोलना

इंसान का विनम्र होना उसके सुंदर स्वभाव को दर्शाता है. बेहतर इंसान बनने के लिए विनम्रता सबसे पहली सीढ़ी है. इस कड़ी में आप बच्चे को प्लीज व धन्यवाद व सॉरी बोलना अवश्य सीखाएं. इन शब्दों से बच्चों में शिष्टाचार (Good Habits in Child) की भावना झलकती है.

2. समय का महत्व समझना

व्यक्ति के जीवन में समय सबसे कीमती होता है. बीते वक्त को लाखों रुपये में भी नहीं खरीदा जा सकता. जिंदगी में तरक्की करने के लिए समय की कद्र करना बेहद महत्वपूर्ण है. बच्चे को अपने काम के प्रति वफादार बनाते हुए सही वक्त पर परफेक्ट तरीके से अपने कार्यों को पूरा करना सिखाएं.

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3. बीच में नहीं बोलना

आपने देखा होगा बहुत सारे बच्चों की आदत होती है कि वे अपनी बात रखने के लिए थोड़ी देर भी इंतजार नहीं कर सकते. जब दो लोग बात कर रहे होते हैं तो बच्चा भी बीच में ही बोलना शुरू कर देता है.

बच्चे को इस तरह की बुरी आदतों से दूर रखें. बीच में अगर कुछ बोलना हो तो ‘एक्सक्यूज मी’ बोलने की आदत (Good Habits in Child) डालें. वह भी पूरी विनम्रता के साथ. इस आदत को खांसी या डकार लेने के बाद बोलनी चाहिए.

4. ईमानदारी का पाठ

मनुष्य जीवन को प्रभावशाली बनाने के लिए व्यक्ति में ईमानदारी का होना अत्यंत आवश्यक है. ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है. इसलिए बच्चे को ईमानदारी का पाठ जरूर पढ़ाएं. बच्चा ईमानदार होगा तो वह ना तो झूठ बोलेगा और ना ही कोई गलत काम करेगा. ईमानदार बच्चे सबके प्रिय भी होते हैं.

5. कमरे में जाने से पहले दरवाजा खटखटाना

किसी के भी कमरे में जाने से पहले दरवाजा खटखटाना जरूरी है. बच्चे को यह सिखाएं कि अगर वो किसी के कमरे में जा रहा हो तो पहले दरवाजा खटखटाना ना भूले. भले ही दरवाजा अंदर से खुला हो फिर भी बगैर अनुमति के अंदर प्रवेश करना बुरी आदत होती है.

6. मदद के लिए तत्पर रहना

किसी जरूरतमंद की सेवा करने से आंतरिक सुकून मिलता है. बच्चों में शुरू से ही इस आदत के बीच बोने चाहिए. उन्हें यह जरूर सिखाएं कि मुसीबत में फंसे किसी भी इंसान को अपनी क्षमतानुसार मदद का हाथ बढ़ाए. सिर्फ अपनों की ही नहीं बल्कि अनजान लोगों की भी सहायता करने को प्रेरित करना चाहिए.

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7. शारीरिक बनावट पर कमेंट नहीं करना

किसी इंसान के चेहरे व शारीरिक बनावट को लेकर कमेंट करना बहुत ही बुरी आदत है. भले यह कमेंट मजाक में हो या फिर पीठ पीछे ही किया गया हो. दोनों रूपों में ही यह गलत है.

8. असभ्य भाषा का प्रयोग करना गलत

बच्चे जो देखते हैं बहुत जल्दी सीखते हैं. लेकिन उन्हें सही-गलत की जानकारी नहीं होती है. जिस कारण वे गलत चीजों को भी सही समझ कर उसे अपनी आदत में डाल लेते हैं. अनजाने में ही सही लेकिन लोगों के साथ गलत रवैया अपनाते हैं, उनके साथ गलत शब्दों का व्यवहार करते हैं. इसलिए उन्हें शुरू से ही असभ्य भाषा का व्यवहार करने से रोकें.

9. चीजों को शेयर करना

चीजों को शेयर करने से रिश्तों को मजबूती मिलती है. बच्चे को यह बताना जरूरी है कि कोई भी चीज या फिर सुविधा सिर्फ उसके लिए नहीं है. मिल बांट कर उन चीजों का व्यवहार करे. ऐसे में बच्चे दूसरों की जरुरतों व भावनाओं का ख्याल रखना भी सीखता है.

10. बड़ों का सम्मान करना

सभी बच्चों में बड़ों के प्रति आदर की भावना होनी चाहिए. उनको बड़ों के साथ शिष्टाचार में रहकर बातें करना व बड़ों का सम्मान करना जरूर सिखाएं. बच्चे को समझाएं कि अगर आपसे बड़ा व्यक्ति कुछ बोलता है तो उसकी बातों को ध्यान सुनें. यह मत भूलें कि बड़े जो बोल रहे हैं उनकी भलाई के लिए ही बोल रहे हैं.

बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं. उन्हें हम जैसा आकार देंगे वे उसी रूप में ढ़ल जाएंगे. बच्चों में शिष्टाचार लाने व अच्छी आदतों को विकसित करने के लिए शुरुआत के दिनों से ही इस पर विशेष पहल की जानी चाहिए.

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* आवश्यक

इस आलेख के माध्यम से हमने बच्चों में डाली जाने वाली कुछ अच्छी आदतों (Good Habits in Child) का उल्लेख किया है. आप अपने बच्चे पर भी इसे लागू कर सकते हैं. आपके अनुसार अगर कुछ और अच्छी आदतें इसमें जोड़ने की जरूरत लगे तो कृप्या ‘योदादी’ के साथ अपने सुझाव कमेंट कर जरूर शेयर करें. #GoodHabits

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