Home Health Care फेफड़ा फेल होने से जिंदगी व मौत से जूझ रहा एथलीट!

फेफड़ा फेल होने से जिंदगी व मौत से जूझ रहा एथलीट!

17 वर्षीय ट्रिस्टन जोहफेल्ड के फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया है. उनकी इस हालत की वजह युवाओं में बढ़ती वेपिंग की लत बताई जाती है. Athlete Lungs Failed

हमें जिंदा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला शरीर का एक जरूरी अंग हमारा फेफड़ा है. इसका स्वस्थ्य रहना हमारी अच्छी सेहत की निशानी है. लेकिन अगर फेफड़े ही कमजोर पड़ जाए (Lungs Blocked) तो हमारा जीना मुश्किल हो जाता है.

अमेरिका का एक एथलीट ऐसी ही परिस्थिति से गुजर रहा है. अमेरिका के टेक्सास में रहने वाले 17 वर्षीय एथलीट ट्रिस्टन जोहफेल्ड जिंदगी व मौत से लड़ रहे हैं. 26 जुलाई से ही वे अस्पताल में भर्ती हैं.

उनका फेफड़ा ब्लॉक हो चुका है और उसने काम करना भी बंद कर दिया (Lungs Blocked है. उनकी यह स्थिति वेपिंग के कारण हुई है. ट्रिस्टन जोहफेल्ड पिछले 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं और वेंटीलेटर पर हैं.

उनके फेफड़ा का एक्सरे करने के दौरान पता चला कि ट्रिस्टन का फेफड़ा पूरी तरह ब्लॉक व फेल (Lungs Blocked) हो चुका है. उनका इलाज कर रहे चिकित्सक का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण व युवाओं में वेपिंग की लत ने फेफड़ों को खराब करना शुरू कर दिया है.

यह समस्या सिर्फ अमेरिका की नहीं है. बल्कि पूरे विश्व की समस्या है. भारत के साथ ही यह समस्या पूरे विश्व में तेजी से फैल रही है.

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन फिलहाल 16 राज्यों में फेफड़ों की गंभीर बीमारी के लगभग 153 मामलों की जांच कर रहे हैं.

जिसमें में वेपिंग द्वारा होने वाली फेफड़े की बीमारी (Lungs Blocked) भी शामिल है. फेफड़े की बीमारी हमारे शरीर के लिए बहुत ही घातक है. फेफड़ा संबंधी बीमारी के प्रति अगर पहले से ही सतर्क हो जाएं तो इसे काफी हद तक रोकना संभव हो सकता है.

सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि फेफड़ा काम कैसे करता है –

फेफड़ों का काम Lungs Failed

इंसान के जीवित रहने के लिए प्रत्येक कोशिका को ऑक्सीजन की जरूरत होती है. इस जरूरत को हमारे फेफड़े पूरा करते हैं. सांस लेने के दौरान हमारे शरीर में जाने वाले धूल-कण व एलर्जी फैलाने वाले बैक्टीरिया के कुछ अंश नाक के भीतर ही फिल्टर हो जाते हैं.

लेकिन अब इसके बाद फेफड़ों (Lungs Blocked) का काम सबसे ज्यादा जरूरी होता है. फेफड़ों में लगे छलनी की तरह छोटे-छोटे बहुत सारे वायुतंत्र, जिन्हें एसिनस कहा जाता है. यह एसिनस हवा को फिल्टर कर स्वच्छ ऑक्सीजन के साथ-साथ रक्त को हमारे दिल तक पहुंचाने का काम करते हैं.

पूरे शरीर में रक्त यहीं से प्रवाहित होती है. इसके अलावा फेफड़ा बची हुई हवा को दोबारा फिल्टर कर हानिकारक तत्वों को सांस छोड़ने के दौरान शरीर से बाहर निकालने का भी काम करते हैं.

हमारे शरीर में फेफड़ों का काम सबसे महत्वपूर्ण है. अगर यह आपना काम सही तरीके से नहीं करें तो प्रदूषित वायु में पाए जाने वाले बैक्टीरिया व वायरस हमारे हृदय सहित के तमाम जरूरी अंगों को हानि पहुंचाएंगे. इसके प्रभाव से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर सकते हैं.

फेफड़ों के खराब होने के लक्षण

1. सांस लेने में तकलीफ होना.

2. सीने में दर्द की शिकायत व बार-बार खांसी होना.

3. खांसी का लंबे समय तक रहना व खांसी के वक्त अधिक मात्रा में बलगम आना.

4. बलगम का अधिक मात्रा में बनने के साथ-साथ गाढ़ा हो जाना व रंग में भी बदलाव आना.

5. सांस फूलना व सांस लेने की गति तेज होना.

6. तेज बुखार के साथ सिरदर्द व छींक होना.

7. मांसपेशियों में दर्द, हृदय की धड़कने तेज होना.

8. बंद नाक व घरघराहट होना.

9. कफ के साथ ब्लीडिंग.

10. पीठ व सीने में दर्द.

11. खांसने व हंसने के दौरान दर्द तेज होना.

12. आवाज में बदलाव.

13. वजन का तेजी से घटना.

lungs disease

फेफड़ों के खराब होने की वजह Lungs Failed

1. सिगरेट या पैसिव स्मोकिंग का धुआं भी फेफड़ों के खराब होने की एक बड़ी वजह है.

2. वायु प्रदूषण की वजह से भी फेफड़े खराब होते हैं.

3. अनुवांशिकता भी इसकी प्रमुख वजहों में शामिल है.

4. सिगरेट या तंबाकू में पाए जाने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे तत्व हमारे फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं.

5. केमिकल फैक्ट्री से निकलने वाले रसायन भी फेफड़ों को खराब करने का कारण बन सकते हैं.

6. जंक फूड में पाए जाने वाले प्रिजर्वेटिव्स भी फेफड़ों के लिए घातक है.

7. इन दिनों तो वेपिंग से भी फेफड़ों को खराब करने का नया चलन बन गया है.

कैसे करें बचाव Lungs Failed

1. पर्याप्त नींद जरूरी

संक्रमण जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूरी नींद लेना और आराम करना आवश्यक होता है.

2. तनाव से रहे दूर

तनाव बहुत सारी बीमारियों की वजह हो सकती है. तनाव से जितना दूर रहेंगे फेफड़ा संबंधी बीमारी का खतरा उतना ही कम होगा.

3. स्वच्छ पानी व स्वस्थ आहार ग्रहण करें

हमेशा स्वच्छ पानी का ही सेवन करें. क्योंकि पानी भी इस बीमारी की वजह हो सकती है. वहीं स्वस्थ आहार संक्रमण से लड़ने में शरीर का मदद करता है.

4. धूम्रपान ना करें

तंबाकू आपके फेफड़ों को कमजोर बना देता है. जिसकी वजह से वो संक्रमण से नहीं लड़ पाते. जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें लंग इंफेक्शन का खतरा सामान्य लोगों से ज्यादा होता है.

5. सीढ़ियों का इस्तेमाल करें

रोजाना नियमित रूप से 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करने से फेफड़ों में दबाव कम हो जाता है. इससे ऑक्सीजन प्राप्त करने की क्षमता में सुधार होता है. शारीरिक रूप से गतिशील रहने से मेटाबॉलिज्म में भी सुधार आत है.

6. खूब मात्रा में तरल पदार्थ पिएं

हर दिन में कम से कम 8 ग्लास तरल पदार्थ पीएं. इनमें पानी, फलों का रस व अन्य स्पोर्ट्स ड्रिंक शामिल है. विभिन्न तरह के तरल पदार्थ पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना और भी बेहतर है.

7. हाथों को साफ रखने की आदत डालें

बहुत सारे कीटाणु ऐसे हैं जो हाथों के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. अंदर जाकर ये संक्रमण फैलाते हैं. इसलिए हमें हर वक्त अपने हाथों को साफ रखना चाहिए. #LungFailed

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