Home Health Care क्या आपके बच्चे को भी है एनीमिया, ऐसे करें उपचार!

क्या आपके बच्चे को भी है एनीमिया, ऐसे करें उपचार!

एनीमिया नवजात शिशु में होने वाली सामान्य बीमारी है. पर यह बीमारी किसी जानलेवा बीमारी का भी घर हो सकती है. इसके कुछ लक्षणों पर ध्यान देकर आप समय रहते अपने बच्चे को इस बीमारी से राहत दिला सकते हैं.

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सामान्यतः शरीर में पीलापन होने का मतलब पीलिया समझा जाता है. जबकि शरीर पीला दिखने का मतलब खून की कमी (एनीमिया) भी हो सकती है. शरीर में रेड ब्लड सेल्स की मात्रा घटने की वजह से एनीमिया (anemia) जैसी बीमारी होती है. नवजात बच्चों (newborn baby) में इस बीमारी के कारण थकान, कमजोरी व त्वचा में पीलापन के लक्षण दिखते हैं. एनीमिया कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है. पर यह कई घातक बीमारियों की वजह जरूर बन सकती है. कई बार गाय के दूध का सेवन करने वाले शिशु को भी एनीमिया की समस्या होती है.

आपको बताते हैं एनीमिया (anemia) के लक्षण व इलाज के बारे में ताकि आपका बच्चा रहे सुरक्षित:

anemia
source: active

एनीमिया के लक्षण ( anemia symptoms)

शरीर में एनीमिया (anemia) के लक्षण को आप आसानी से पहचान सकते हैं. आम तौर पर होंठ, नाखून, मसूड़े, हथेलियों व आंखों की परत पर पीलापन दिखने लगता है. शरीर में थकान व आलस की समस्या भी इसके लक्षणों में शामिल है. जिसकी वजह से छोटे बच्चों (newborn baby) को नींद ज्यादा आती है. जो बच्चे थोड़े बड़े होते हैं उन्हें चक्कर आना, सिर में दर्द, हृदय की धड़कन तेज होना व आंखों के सामने अंधेरा छाने की समस्या होती है. इस बीमारी का एकमात्र कारण है शरीर में खून की कमी.

एनीमिया (anemia) के कारण शिशु में पीलिया भी हो सकता है. साढ़े 8 महीने की अवधि से पहले पैदा हुए बच्चों में यह खतरा अधिक होता है. बच्चे के व्यवहार में चिड़चिड़ापन, सीने में दर्द, शिशु के विकास में कमी, मुंह के किनारे फटना, आंखों के सफेद हिस्से में नीलापन आना भी एनीमिया के लक्षण हैं. आयरन की कमी से एनीमिया बच्चों के सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है. इस बीमारी से मुक्ति में कुछ घरेलू नुस्खे व स्वस्थ जीवनशैली कारगर सिद्ध होते हैं.

anemia in newborn
source: entremaesefilhos

1. बच्चों को दें पर्याप्त आयरन (Enough Iron to Children)

स्वस्थ माँ के स्वस्थ नवजात शिशु में आरयन की पर्याप्त मात्रा होती है. बाकी माँ के दूध से ही उसकी 4-6 महीने तक की आयरन की जरूरत पूरी हो जाती है. समस्या तब शुरू होती है जब बच्चे का जन्म वक्त से पहले हो जाए. क्योंकि समय से पहले जन्म लेने वाला बच्चा कमजोर होता है. ऐसे में नवजात (newborn baby) को जरूरत अनुरूप आयरन की खुराक दी जाती है. डॉक्टर के अनुसार सामान्य 7-12 महीने तक के शिशु को रोज 11 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता पड़ती है. जबकि 1-3 से तीन वर्ष तक के शिशु को रोजाना 7 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है.

वहीं 4-8 वर्ष तक की उम्र के शिशु को रोजाना 10 मिलीग्राम आयरन देना जरूरी होता है. जबकि 9-13 वर्ष के शिशु को 8 मिलीग्राम रोजाना जरूरत पड़ती है. लड़कियां जब किशोरावस्था में होती है तो उन्हें आयरन की ज्यादा जरूरत पड़ती है. वहीं लड़कों को लड़कियों की तुलना में कम आरयन की आवश्यकता पड़ती है. लड़कों को किशोरावस्था में रोजाना 11 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है. जबकि लड़कियों को रोजाना 15 मिलीग्राम की आवश्यकता पड़ती है.

2. शिशु को दें सही आहार (Give the baby the right diet)

माता-पिता बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह सकर्त रहते हैं. अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार देना जरूरी है. नवजात शिशु (newborn baby) के लिए आहार का चयन करते हुए विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. शरीर में पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले आहार ही बच्चों को दें. शुरू के दिनों में शिशु को ज्यादा नहीं बल्कि हल्का कैलोरी युक्त भोजन दें. जैसे सूजी का खीर, खिचड़ी, दलिया आदि क्योंकि इस उम्र में शिशु को पर्याप्त आयरन की भी जरूरत होती है.

स्वास्थ्य धन सबसे कीमती है. हेल्थ के प्रति सतर्कता से ही आप इस धन को सुरक्षित रखने में सफल होंगे.

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source: zeenews

सही समय पर जन्म लेने वाले बच्चे के शरीर में छह महीने तक आयरन की कोई कमी नहीं होती. पर धीरे-धीरे शरीर में आयरन की कमी होने लगती है. इसलिए बच्चे के भोजन में आयरन की पर्याप्त मात्रा देना आवश्यक हो जाता है. दलिया, दाल, अंकुरित दाल, ब्रोकली व बंदगोभी भी आयरन के बेहतर स्त्रोत है. अंकूरित मूंग, चना, मोठ, गेहूं पालक, सेब और टमाटर भी बच्चे के लिए पौष्टिक होता है. सोयाबीन में आयरन की मात्रा अधिक होने की वजह से आप इसे किसी भी सब्जी के साथ दे सकते है.

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3. बड़े बच्चों के लिए आयरनयुक्त भोजन (Iron Foods for Older Children)

बड़ों की तरह बच्चों के भोजन में भी हरी सब्जियों व फलों के साथ ड्राई फ्रूट्स को भी शामिल करें. स्वस्थ शरीर के लिए जितना जरूरी आयरन है उतना ही विटामिन-सी भी. इसलिए खाने में आयरन के साथ विटामिन सी को शामिल करना जरूरी है. विटामिन-सी शरीर में आयरन सोखने में मदद करती है. इसके लिए जरूरी है नाश्ते में मुख्य रूप से अंडे को शामिल करना. नींबू के रस वाले सलाद और नियमित रूप से संतरे के जूस का सेवन फायदेमंद होता है. एक ग्लास पानी में नींबू निचोड़ दें. इसके बाद उसमें शहद डालकर भी बच्चे को दे सकते हैं. शरीर में खून बनाने के लिए गुड़ और चने का सेवन करना भी अच्छा रहता है.

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source: evehow

सावधानी (caution)

आपके बच्चे में भी अगर एनीमिया के लक्षण दिखते हैं तो सावधान. बिना चिकित्सक की सलाह के बच्चे को कोई भी दवा ना दें. बल्कि बगैर देरी के जल्द से जल्द डाक्टर की सलाह लें. फिर डॉक्टरी परामर्श के बाद बच्चे को कोई दवा दें.

एनीमिया (anemia) नवजात में होने वाली सामान्य बीमारी है. यहां दिए गए सुझाव को फॉलो कर आप बच्चे की इस समस्या से दूर हो सकती है. ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. #newborncare #anemiacare

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