Home Annex वैश्विक चिंता: आखिर आतंकवाद खत्म क्यों नहीं हो रहा?

वैश्विक चिंता: आखिर आतंकवाद खत्म क्यों नहीं हो रहा?

किसी भी देश के लिए आतंकवाद बेहद गंभीर समस्या है. इससे निपटने के लिए सभी देशों को एकजुट होने की जरूरत है. तब जाकर इसमें सफलता मिल सकती है.

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आतंकवाद की समस्या पूरे विश्व की सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है. लोगों को आतंकवाद व हिंसा से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ही ‘आतंकवाद विरोधी दिवस’ (Anti Terrorism Day) का पालन किया जाता है.

Mumbai Attack
source: meriproperty

हर देश इस प्रयास में लगा है कि किसी भी तरह आतंकवाद का जड़ से खात्मा किया जाए. लाख कोशिशों के बावजूद भी इसे जड़ से उखारना मुश्किल हो गया है. इसे खत्म करने की जितनी कोशिश की जा रही है यह उतना ही अधिक विकराल रूप धारण करता जा रहा है.

आतंकवाद को खत्म करने के सभी देशों का प्रयास भी जारी है. आतंकियों की न तो कोई जात होती है ना ही कोई मजहब. ये तो बस खून के प्यासे होते हैं. इनका मकसद बस खून-खराबा करना होता है.

अतंकियों को तो इंसानों की श्रेणी में रखना गलत है. इनमें इंसानियत नाम की कोई चीज नहीं होती. आतंकवाद का मकसद सिर्फ और सिर्फ लोगों में हिंसा का डर फैलाना है. यह इंसानों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा खतरा है.

आइए आपको आतंकवाद से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देते हैं –

आतंकवाद विरोधी दिवस

पूरे इंडिया में 21 मई पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की स्मृति में आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti Terrorism Day) का पालन किया जाता है. 21 मई 1991 को ही राजीव गांधी जी की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. तामिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में चुनाव प्रचार के दौरान हुए इस हमले में राजीव गांधी के साथ ही 18 लोगों की मौत हुई थी. जबकि 43 गंभीर रूप से जख्मी हुए थे.

“आतंकवाद एक दीमक की तरह है जो धीरे-धीरे एक राष्ट्र को खोखला कर देता है।”

उद्देश्य (An Objective):

  • पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बलिदान की याद में इस दिवस (Anti Terrorism Day) का पालन किया जाता है.
  • सभी वर्गों के लोगों के बीच हिंसा व आतंकवाद के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है.
  • आतंकवाद से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी दी जाती है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके.
terrorist
Anti Terrorism Day । source: rajdhaniupdate
  • राष्ट्रीय हितों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, आतंकवाद के कारण आम जनता को हो रही परेशानियों से दूर रखना है.
  • स्कूलों, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में आतंकवाद और हिंसा के खतरों पर परिचर्चा, वाद-विवाद, संगोष्ठि, सेमिनार व व्याख्यान आदि का आयोजन किया जाता है.

दुष्परिणाम (Bad Effects):

  • आतंकवाद का मुख्य लक्ष्य राजनैतिक व सामाजिक व्यवस्था को आघात पहुंचाना है. आतंकी गतिविधियों का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ता है. जिन पर हमले होते हैं वे मासूम होते हैं.
  • उनका सरकार व आतंकियों से कोई लेना-देना नहीं होता है. आतंकी हमले होने के बाद लोगों में एक भय घर कर जाती है. बाहर निकलते हुए भी उनके मन में एक डर रहता है कि कहीं कुछ अनहोनी ना घट जाए.

आतंक से असुरक्षा की भावना –

  • आतंकवाद से लोगों के अंदर एक भय की भावना उत्पन्न होती है. वे राज्य व देश में भी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं. आतंकवाद इतना संवेदनशील मामला है कि इसे मुद्दा बनाकर सरकार को भी गिराया जा सकता है.
  • आतंकी गतिविधियों में संपत्ति तो नष्ट होती ही है हजारों, लाखों मासूमों की जान तक चली जाती है. मानव जाति का एक दूसरे पर से भरोसा उठ जाता है. एक आतंकी गतिविधियां अन्य आतंकियों को बल देती है.
Terrorist Attack
Anti Terrorism Day । source: intoday

आतंकवाद के प्रमुख कारण (Major Causes of Terrorism):

1. आबादी में तेजी से हो रही वृद्धि

2. राजनैतिक, सामाजिक अर्थव्यवस्था

3. धार्मिक कट्टरपंथी

4. देश की व्यवस्था से असंतुष्टि

5. हाईड्रोजन बम, परमाणु बम, मिसाइल, बंदूक, मशीन तोपें आदि का अधिक मात्रा में निर्माण.

6. अशिक्षा व बेरोजगारी

7. गलत संगत

8. बहकावे में आकर

विश्व में आतंकी हमले (Terrorist Attacks in the World):

अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला (11 सितम्बर 2001)

संसद भवन पर हमला (13 दिसंबर 2001)

मॉस्को के थिएटर में हमला (23 अक्टूबर 2002)

बेसलैन स्कूल हमला (1 सितंबर 2004)

मुंबई में ट्रेन बम ब्लास्ट (11 जुलाई 2006)

मुंबई में ताज होटल पर हमला (26 नवम्बर 2008)

पेशावर में स्कूल पर हमला (16 दिसंबर 2014)

अफगानिस्तान में आतंकी हमला (23 नवम्बर, 2014)

पेरिस में सिलसिलेवार आतंकी हमले (13 नवम्बर 2015)

श्रीलंका के चर्चों में हमला (21 अप्रैल 2019)

आतंकवाद रोकने के उपाय (Measures to Stop Terrorism):

आतंक के मामले में सबसे जरूरी है धर्म को समझना. धर्म हमारी सुविधा के लिए है. धर्म हमें इंसानियत सिखाती है, अच्छी शिक्षा देती है. दुनिया में प्यार से बढ़कर कोई चीज नही है. धर्म हमें इंसानियत की शिक्षा देती है. प्रेमभाव से रहना सिखाती है. धर्म हमें कभी किसी से बैर करना नहीं सिखाता.

आतंकवाद को जड़ से मिटाने (Anti Terrorism Day) के लिए अच्छी शिक्षा की बहुत जरूरी है. शिक्षा सही मिलने पर व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति में बदलाव आता है. एक शिक्षित व्यक्ति को सही-गलत की जानकारी होती है. ऐसे इंसान को गलत जानकारी देकर बहकाना असंभव होता है. शिक्षित व्यक्ति कोई भी कदम उठाने से पहले उस पर विचार करता है.

Indian Army

Anti Terrorism Day । source: khabarindiatv

सबसे प्रमुख बात है कि आज वैश्विक स्तर पर आतंकवाद की परिस्थिति घातक है. विश्व व्यापी इस समस्या से निपटने के लिए तमाम देशों को एकजुट होकर इस मामले में कदम उठाने की जरूरत है. इसी उद्देश्य पूर्ति के लिए प्रति वर्ष 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस का पालन किया जाता है.

पनाहगारों को भी मिले फांसी –

आतंकियों की सहायता करने वाले व उसे पनाह देने वालों को भी फांसी की सजा दी जाए. इसके अलावा आतंकी संगठनों को जो हथियार व रुपये दिए जाते हैं उसे रोका जाना चाहिए. अगर सरकार इसे रोकने में सफलता हासिल करती है तो आतंकवाद नियंत्रण (Anti Terrorism Day) के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण कदम होगा.

जैसे ही आतंकी दिखे उसे तुरंत गोली मारने का आदेश रहना जरूरी है. समय-समय पर हमारे सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण होते रहना चाहिए. ताकि उन्हें आतंकियों का खात्मा करने में आसानी हो.

सरकार की पहली प्राथमिकता देश में धार्मिक कट्टरता को रोकना होनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्रीय संघ, इंटरपोल व अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को भी इस मामले में अहम भूमिका निभाते हुए इसका जड़ से अंत करना होगा.

किसी भी देश के लिए आतंकवाद बेहद गंभीर समस्या है. वैश्विक स्तर पर फैली इस समस्या का अकेले समाधान करना किसी भी देश के लिए संभव नहीं है. इसकी जड़ें विस्तृत हैं. इस पर लगाम कसने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर सख्त कदम उठाने होंगे. तभी जाकर इस पर नियंत्रण किया जा सकता है. क्या आप हमारे विचारों से सहमत हैं? अगर हां तो ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. #AntiTerrorismDay

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