Home Health Care महिला सशक्तिकरण के लिए अरुण जेटली के ये रहे प्रयास!

महिला सशक्तिकरण के लिए अरुण जेटली के ये रहे प्रयास!

विभिन्न तरह की बीमारियों से जूझ रहे पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त को एम्स अस्पताल में हुआ. Arun Jaitley Passes away

पूर्व वित्त मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद 24 अगस्त को निधन (Arun Jaitley) हो गया. दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली.

Arun Jaitley

गत 9 अगस्त से वे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती थे. 66 वर्षीय अरुण जेटली की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी.

शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस (Arun Jaitley Passes away) ली. उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों की तरफ से दिन प्रतिदिन उनकी स्थिति खराब होने की ही सूचना दी जा रही थी.

हालांकि गत शुक्रवार को डॉक्टरों ने उनके परिजनों से स्थिति और भी ज्यादा खराब होने की जानकारी दी थी. तभी से परिवार वालों की उम्मीदें टूटती हुई नजर आ रही थी.

तभी से इन लोगों को लगने लगा था कि अब शायद वे नहीं बचेंगे. अरुण जेटली की तबीयत पिछले एक महीने से ही लगातार खराब चल रही थी.

उनके फेफड़ों में पानी जमने की वजह से उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था.

जेटली एक नहीं कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित (Arun Jaitley Passes away) थे। उन्हें सॉफ्ट टिशू सरकामो की बीमारी थी जो, कि एक प्रकार का कैंसर है.

उनकी स्थिति ज्यादा खराब होने की वजह है कि वे पहले से डायबिटिज से पीड़ित थे. उनकी किडनी का भी ट्रांसप्लांट हुआ था.

सॉफ्ट टिशू कैंसर की बीमारी डिटेक्ट होने के बाद इसका इलाज कराने वे अमेरिका भी गए थे. वहीं अपना मोटापा कम करने के लिए उन्होंने बैरिएट्रिक सर्जरी भी कराई थी.

नारी सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका – Women Empowerment

भाजपा के कद्दावर नेता अरुण जेटली ने महिलाओं को सशक्त (Women Empowerment) बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनकी सोच यही थी कि महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.

उन्होंने अपनी तरफ से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में वित्त मंत्री के तौर पर कई तरह की व्यवस्थाएं की.

महिला आरक्षण बिल को कानून का रूप प्रदान करने के लिए अपनी तरफ से अथक प्रयास किया था.

राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास कराने के लिए उन्होंने अहम भूमिका अदा की थी. हालांकि इतने प्रयास के बाद भी यह बिल अब तक लंबित पड़ा है.

Arun Jaitley

उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को दी नई दिशा – Women Empowerment

अरुण जेटली की उज्ज्वला योजना से महिलाओं को नई दिशा मिली. खासकर इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी ही आसान कर दी है.

इस योजना ने बड़े पैमाने पर कामयाबी हासिल की. उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस कनेक्शन मुहैया कराया गया है.

महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर – Women Empowerment

अरुण जेटली के वित्त मंत्री रहने के दौरान महिला उद्यमियों (Women Empowerment) को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया गया था. इसके लिए कई रास्ते अपनाए गए थे.

जैसे सबसे अहम मुद्रा योजना की शुरूआत की गई थी. इस योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का कोष अलग ही रखा गया था. इस कोष को महिलाओं द्वारा शुरू किए जा रहे नए वेंचर्स में लगाए जाने की योजना थी.

कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान बना मैटरनिटी लीव –

इनके कार्यकाल में ही मैटरनिटी लीव को 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीना किया गया. मैटरनिटी लीव बढ़ने की कामकाजी महिलाओं (Women Empowerment) को काफी आसानी हुई.

नवजात शिशु को मां का साथ मिलता रहे इसके लिए ऑफिस में क्रेच की व्यवस्था भी महिलाओं को आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है.

पूर्व वित्त मंत्री ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत दिल्ली विश्वविद्यालय से स्टूडेंट लीडर के तौर पर की थी. इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बने थे.

केंद्र सरकार में जेटली का योगदान –

केंद्र सरकार में अरुण जेटली का योगदान भूला नहीं जा सकता. वर्ष 1989 में वे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बनाए गए थे.

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार में उन्हें 13 अक्टूबर 1999 में सूचना प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था.

राम जेठमलानी के इस्तीफे के बाद 23 जुलाई 2000 में जेटली को कानून, न्याय व कंपनी मामलों के मंत्री का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया था.

मई 2014 में मोदी सरकार में इन्हें वित्त व रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया था. इन्हें 2 बार रक्षा मंत्री बनाया गया था.

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री बने जेटली ने इस बार स्वास्थ्य कारणों की वजह से मंत्री बनने से मना कर दिया था.

भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी केंद्रीय मंत्री के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका में थे.

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