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जानते हैं, शिशुओं का घुटने के बल चलने के कितने सारे फायदे हैं?

हर बच्चे की चलने की शुरुआत घुटने से होती है. प्रकृति का यह नियम सभी बच्चों पर लागू होता है. बच्चे घुटनों के बल ऐसे ही नहीं चलते बल्कि इस तरह चलने से बच्चे का शारीरिक व मानसिक विकास होता है. [Benefits of babies kneeling]

शिशु का घुटनों के बल चलना हर माता-पिता को खुशी देने वाला पल होता है. घुटनों के बल चलने के बाद ही फिर धीरे-धीरे बच्चा अपने पैरों पर चलना सीखता (Benefits of babies kneeling) है. हर चीज के पीछे कुछ कारण होते हैं. जैसे शिशु का घुटनों के बल चलने का भी कारण है. प्रकृति के इस नियम का कुछ खास उद्देश्य है.

घुटनों के बल चलना बच्चों का चलना सीखने की पहली सीढ़ी होती है. चलना सीखने के अलावा इससे बच्चे को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं. इस प्रक्रिया से बच्चे को शारीरिक व मानसिक दोनों किस्म के लाभ (Good habits in child) मिलते हैं और यह बच्चों के विकास के लिए जरूरी भी होता है.

Benefits of babies kneeling
शिशुओं का घुटने के बल चलने के फायदे. फोटोः Pixabay

घुटनों के बल चलने से बच्चों का ऐसे होता है बहुमुखी विकास:

1. आत्मविश्वासी बनता है बच्चा – Benefits of babies kneeling

घुटनों के बल चलने का एक फायदा (Good habits in child) यह भी है कि इस क्रिया के दौरान बच्चा आत्मविश्वासी बनता है. अब आप सोचेंगे कि घुटनों के बल चलने से बच्चा आत्मविश्वासी कैसे बनेगा. तो मैं बताती हूं. जैसे बच्चा जब घुटनों के बल जमीन पर चल रहा होता है और उसके सामने किसी तरह का अवरोध आए तो अपना रास्ता कैसे बदलना है.

या फिर उसके सामने अगर कोई कीड़ा आ जाता है तब उस कीड़े से बचना है या चलते ही जाना है. यह फैसला बच्चा खुद से ही ले पाता है. इन छोटे-छोटे क्रिया-कलाप से बच्चे का मानसिक विकास तो होता ही है, बच्चा आत्मविश्वासी भी बनता है.

जब बच्चे चलना शुरू करते हैं तो शुरुआत के दिनों में चलते-चलते वह गिरते भी है. गिरने के दौरान बच्चे को चोट भी लगती है. चोट लगती है तो उसे दर्द भी होता है. इसका मतलब है कि तब बच्चा फिजिकल रिस्क लेता है. इस तरह बच्चे को रोजाना छोटे-छोटे रिस्क लेने पड़ते हैं.

इसमें कई बार वह सफल होता है तो कई बार असफल भी होता है. इस तरह जब बच्चा जोखिम लेकर सफल होता है तो उसमें आगे भी जोखिम उठाने का आत्मविश्वास (Good habits in child) आता है. यह भी कह सकते हैं कि यही वह वक्त होता है जब शिशु का आधार तैयार होता है. अब तो आप समझ ही गए होंगे कि शिशु का घुटनों के बल चलना कितना जरूरी है.

2. शारीरिक विकास के लिए – Benefits of babies kneeling

शिशु के शारीरिक विकास के लिए इनका घुटनों के बल चलना जरूरी है. बच्चे जब चलते हैं तो उनकी हड्डियां तो मजबूत होती ही है. उसमें लचीलापन भी आता है. हड्डियों का लचीला होना कितना जरूरी है यह तो आप जानते ही होंगे.

क्योंकि शिशु को पैरों पर चलने, दौड़ने, शरीर को मोड़ने व घुमाना सीखने के लिए मददगार होती है. इसलिए जब शिशु का घुटनों के बल चलना शुरू होता है तब उसे पौष्टिक आहार देने की आवश्यकता होती है. पौष्टिक भोजन देने से बच्चे की हड्डियों में मजबूती आती है व शरीर भी तेज गति से विकास करता है. यही वजह है कि शिशु का घुटनों के बल चलना महत्वपूर्ण होता है.

Benefits of babies kneeling
शिशुओं का घुटने के बल चलने के फायदे. फोटोः Pixabay

3. दृष्टि व दूरी की समझ का बढ़ना – Benefits of babies kneeling

शिशु जब गोद में रहता है तो वह बस दूर से ही चीजों को देखता है. लेकिन जब वह खुद से चलना शुरू करता है तो उसे किसी भी चीज की दूरी का पता चलता है. चीजों को वह अपनी आंखों से नजदीक से देख पाता है. यानी घुटनों के बल चलने से बच्चे की आंखों के नियमों की समझ बढ़ती है.

बचपन की यह समझ इंसान की पूरी जिंदगी काम आता है. बाद में हमें यह तय करने में मदद करती है कि हम कौन सा काम किस गति से करेंगे तो हमारे लिए सही रहेगा. किसी जगह जाने में यह पता चलेगा कि वहां की दूरी कितनी है व जाने में कितना समय लगेगा आदि.

4. मस्तिष्क का विकास – GOOD HABITS IN CHILD

बच्चों पर किए गए कई सारे शोधों में यह बात सामने आई है कि बच्चे के घुटनों पर चलने के दौरान ही उसके मस्तिष्क का विकास सबसे ज्यादा हुआ है. इस दौरान शिशु का दायां व बायां मस्तिष्क आपस में सामंजस्य स्थापित करना सीखता है.

इन दोनों के बीच ताल-मेल बैठाने की वजह से इनका दिमागी विकास तेजी से होता है. शिशु जब घुटनों के बल चल रहा होता है तो वह अपने हाथ-पैर दोनों का इस्तेमाल करता है. इस दौरान बच्चा तापमान, दूरी, गहराई हर चीजों को महसूस करना सीखता है.

जिससे उनका दिमागी विकास तेजी से होता है. बच्चे के अंदर प्राकृतिक नियमों की समझदारी भी इसी दौरान होती है. चलने के दौरान उसके अंदर आस-पास की चीजों के प्रति समझ बढ़ती है.

शिशुओं का घुटने के बल चलने के फायदे

5. शरीर का व्यायाम भी है घुटनों के बल चलना

बच्चे का घुटनों के बल चलना एक तरह का शारीरिक व्यायाम है. इस तरह चलने से बच्चे के पैरों में ताकत आती है. पैरों की हड्डियों में मजबूती आने के बाद ही उसके खड़े होकर चलने की क्षमता का विकास होता है. #KneeMovements

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