Home Health Care Burari kand: तो 11 आत्महत्याओं की वजह थी ये बीमारी!

Burari kand: तो 11 आत्महत्याओं की वजह थी ये बीमारी!

भ्रम विकार की बीमारी से ग्रसित था बुराड़ी कांड का भाटिया परिवार. इस बीमारी के मरीज वास्तविक नहीं बल्कि कल्पना की दुनिया में जीते हैं. Delusion Disorder

दिल्ली का बुराड़ी कांड (Burari Kand) तो आपको याद ही होगा. जिसमें एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. दिल दहला देने वाली इस घटना को बीते एक साल हो चुके हैं. इन सभी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगा कर ही आत्महत्या की जानकारी दी गई थी.

Delusion disorder

हालांकि इसको लेकर अगल-अगल लोगों की अगल राय सामने आ रही थी. जैसे कई लोगों का कहना था कि किसी दुश्मनी को केंद्र करने इन सभी की हत्या की गई है. वहीं कुछ लोगों ने इस मौत की वजह भूत-प्रेत को बता रहे थे. अगर मानसिक रोग विशेषज्ञ की बात मानें तो वे ना ही इसे हत्या मान रहे हैं और ना ही कोई साजिश.

इस घटना को लेकर मानसिक रोग विशेषज्ञ का क्या कहना है आइये जानते हैं इस बारे में –

1. दिल्ली के बुराड़ी का भाटिया परिवार भ्रम विकार (Delusion Disorder) से ग्रसित था. भ्रम विकार से ग्रसित लोगों की दुनिया ही अलग होती है. यानी वे इस दुनिया से अलग एक बनावटी दुनिया में जीने लगते हैं.

2. भ्रम विकार (Delusion Disorder) से ग्रसित होने की वजह से ही परिवार का एक सदस्य गलती करता, तो पूरा परिवार उसका साथ देता था.

3. इस परिवार में ललित भाटिया नाम का एक व्यक्ति था, जो हमेशा पूजा-पाठ करवाता रहता था. परिवार के हर सदस्य को उसकी गतिविधियां पसंद थी. यही वजह थी कि पूरा परिवार ही बनावटी दुनिया में जीने लगा था.

4. अंत में मोक्ष पाने के लिए इन सभी ने आत्महत्या का रास्ता चुना था.

आइए जानते हैं भ्रम विकार होता क्या है –

भ्रम विकार (Delusion Disorder) एक तरह की मानसिक बीमारी है. इसमें मरीज असल जिंदगी से दूर होकर भ्रम में जीना शुरू कर देता है. उसे सिर्फ काल्पनिक चीजों पर ही विश्वास होता है. सीधे तौर पर कहें तो व्यक्ति वास्तविक व काल्पनिक चीजों में अंतर करना छोड़ देता है.

Delusion disorder

भ्रम विकार (Delusion Disorder) की यह बीमारी बहुत ही दुर्लभ है. यह बीमारी बहुत कम लोगों को होती है.इस बीमारी की एक दिलचस्प बात यह है कि इसके शिकार रोगी का व्यवहार सामान्य रहता है. सामने वाले को उसकी गतिविधियों से इस बीमारी की भनक तक नहीं लगती.

लेकिन इस स्थिति में वृद्धि होने का बुरा प्रभाव परिवारिक जीवन पर पड़ता है. इसलिए जिसे भी भ्रम विकार की समस्या हो उसे समय नष्ट किये बगैर जल्द से जल्द मनोचिकित्सक से इलाज कराने की जरूरत है. अन्यथा बाद में स्थिति गंभीर रूप धारण कर लेती है.

इस बीमारी के लक्षणों को जानना है जरूरी –

1. भ्रम विकार के रोगी में चिड़चिड़ापन व अधिक गुस्सा आने की समस्या होती है.

2. ऐसे लोग हमेशा सपनों में काल्पनिक चीजों को ही देखते हैं. वास्तविकता से उनका कोई लेना-देना नहीं होता.

3. जब कुछ ऐसा दिखाई देना जिस दृश्य की कोई सच्चाई न हो. ऐसा सुनाई देना जिसे बोला नहीं जा रहा हो. ये सभी लक्षण भ्रम विकार से जुड़े हैं.

इस तरह के लक्षणों वाले लोग किसी के साथ इस बात को साझा करने से बचते हैं जो कि गलत है. बातचीत से इस बीमारी का काफी हद तक समाधान किया जा सकता है.

Delusion disorder

इन वजहों से होता है मनो विकार –

1. जानकारी के अनुसार भ्रम विकार की यह समस्या अनुवांशिक है. जिनके परिवार में किसी को यह बीमारी रहती है उनमें यह समस्या होने की संभावना ज्यादा रहती है. माता-पिता से उनके बच्चों में भ्रम विकार के लक्षण देखे जाते हैं.

2. वैसे तो भ्रम विकार के सही कारणों की जानकारी अब तक नही लग पाई है, लेकिन फिर भी विशेषज्ञ जैविक, अनुवांशिक, मनोवैज्ञानिक कारकों की भूमिका को देख रहे हैं.

3. नशीली दवाओं व शराब का सेवन करने वालों में भी इस तरह की समस्या घर कर सकती है. इसके अलावा अकेले रहने वाले लोगों में यह समस्या देखी जाती है.

ये हैं इलाज के रास्ते –

1. भ्रम विकार (Delusion Disorder) के रोगी को स्वस्थ व तनाव रहित जीवनशैली जीने की जरूरत होती है. भरपूर नींद के साथ किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन छोड़ना भी लाभदायक होता है. इन सबकी सहायता से इस बीमारी से बचा जा सकता है.

2. जिसे यह बीमारी होती है उसे स्वयं ही इसका आभाष नहीं रहता. इस बीमारी का कनेक्शन मरीज से ज्यादा उसके आस-पास के लोगों के साथ जुड़ा होता है.

3. मनोचिकित्सक से परामर्श लेकर इसका इलाज किया जा सकता है.

Delusion disorder

4. व्यक्तिगत मनोचिकित्सा से रोगी को जिन विचारों से भ्रम रोग की समस्या होती है उसे वह बदल पाता है.

5. इसके इलाज के लिए मनोचिकित्सा के साथ दवाएं भी दी जाती है.

इस लेख से आपको यह तो जानकारी मिल गई होगी कि भ्रम विकार कितनी गंभीर बीमारी है. इसलिए जैसे ही इस बीमारी के लक्षणों का आभाष हो तुरंत मनोचिकित्सक से परामर्श लेना उचित होता है. आपके समक्ष भी अगर ऐसी कोई समस्या आती है तो हमारे आलेख की सहायता लें व अपने अनुभव को ‘योदादी’ के माध्यम से जरूर साझा करें. #BurariKand

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