Home Health Care इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज, हो सकता है ‘चमकी बुखार’

इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज, हो सकता है ‘चमकी बुखार’

इन दिनों चमकी बुखार बच्चों की जान का दुश्मन बना है. कुछ सावधानियां बरतकर आप अपने बच्चे को इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रख सकते हैं. [Chamki Fever Symptoms]

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इन दिनों चमकी नामक बुखार एक के बाद कई बच्चों को अपना शिकार बना रही है. बिहार के मुजफ्फरपुर समेत आस-पास के जिलों में जारी चमकी नामक जानलेवा बुखार के कहर ने अब तक 56 बच्चों की जानें ली है. मरने वाले बच्चों की उम्र 4 से 15 वर्ष के बीच है. जबकि सैकड़ों बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.

जापानी इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) या फिर एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) को ही बिहार में चमकी बुखार (Chamki Fever Symptoms) के नाम से जाना जा रहा है. वायरल इंफेक्शन के कारण इस बीमारी में शरीर में सूजन हो जाती है.

जिसकी वजह से शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम और दिमाग के ऊत्तकों पर हमला होता है. किसी को अगर यह बीमारी है तो समय नष्ट किए बगैर जल्द से जल्द इलाज शुरू करें. क्योंकि इसमें तुरंत देखभाल की जरूरत पड़ती है.

थोड़ी सी भी लापरवाही दिमाग में सूजन का कारण बन जाती है. यह बीमारी (Chamki Fever Symptoms) मुख्य रूप से बच्चों को ही शिकार बनाती है. इसमें मरीज के शरीर में तेज दर्द के साथ ऐंठन व तेज बुखार भी होता है. कितनी बार तो तेज बुखार की वजह से बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं.

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इसमें मरीज के स्वभाव में चिड़चिड़ापन के साथ कई बार उल्टियों की समस्या भी होती है. अगर चिकित्सा में देरी हुई तो बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है. इस बीमारी का अटैक सुबह के वक्त ही होता है.

इस बीमारी के कई लक्षण हैं जिनकी पहचान कर इसके इलाज में सुविधा होती है.

लक्षण – Chamki Fever Symptoms

1. एक लगातार तेज बुखार रहना व शरीर में ऐंठन के साथ दर्द भी होना.

2. बच्चे का दांत पर दांत दबाए रखना. काफी कोशिशों के बावजूद भी दांत की सामान्य स्थिति में नहीं आना.

3. मरीज में कमजोरी की वजह से सुस्ती समाए रहना व बेहोश भी हो जाना.

4. चिउंटी काटने पर भी मरीज के शरीर में किसी तरह की गतिविधि नहीं होना.

5. शरीर में चमकी आना भी इस बीमारी के लक्षणों में शामिल है.

6. इस रोग से पीड़ित मरीज का दिमागी संतुलन भी बिगड़ जाता है.

7. बीमारी गंभीर होने पर शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं. शरीर में लकवा जैसी खतरनाक बीमारी की भी शिकायत हो जाती है.

8. चमकी के मरीज को बोलने व सुनने में भी तकलीफ होती है.

9. इस बीमारी से पीड़ित बच्चे की खोपड़ी के नरम स्थानों में उभार आना.

उपाय – Chamki Fever Symptoms

1. इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने इससे बचाव के उपाय भी सुझाए हैं. जैसे

2. खाना खाने से पहले बच्चे का हाथ साबुन से जरूर धुलाएं.

3. पीने के पानी में कभी भी हाथ ना डालें.

4. बच्चे को उन स्थानों पर जाने से रोकें जहां सूअरों का आना-जाना होता हो.

5. कई बार देखा जाता है कि बच्चे बगीचे में गिरे जूठे फल को उठाकर खा लेते हैं. लेकिन इस तरह के फलों को खाना खतरे से खाली नहीं है इसलिए बच्चों को इन को बिल्कुल भी नहीं खाने दें.

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6. बढ़े हुए नाखून में गंदगी जमना आसान काम है, जो कि बीमारियों का घर है. इसलिए बच्चे के नाखूनों को बिल्कुल ना बढ़ने दें.

7. गंदगी व जल जमाव वाली जगहों से बच्चे को हमेशा दूर हीं रखें.

8. पीने का पानी अगर बाल्टी में रखा गया है तो उस पानी को निकालने के लिए हैंडल वाले मग का व्यवहार करें.

इलाज – Chamki Fever Symptoms

चमकी बुखार (Chamki Fever Symptoms) से पीड़ित मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. बच्चे को सिर्फ स्वस्थ भोजन ही दें और रात्रि में भोजन के बाद हल्का मीठा भी जरूर खाने को दें. चमकी पीड़ित मरीज में हाइपोग्लाइसीमिया (यानी) की कमी देखी जा रही है.

मरीज को थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर कुछ तरल पदार्थ खाने को देते रहने पर शरीर में पानी की कमी नहीं होती है. आपके बच्चे में भी अगर यहां बताए गए लक्षण दिखते हैं तो जितनी जल्दी हो सके उसे डॉक्टर के पास लेकर जाएं.

क्योंकि समय रहते इसका इलाज (Chamki Fever Symptoms) जरूरी है. बीमारी के अंतिम स्टेज में पहुंचने पर मरीज को बचाना मुश्किल होता है. किसी एक बच्चे को यह बीमारी होने पर यह आस-पास के अन्य बच्चों को भी अपनी चपेट में ले लेती है.

इसलिए फैलने वाली इस बीमारी (Chamki Fever Symptoms) के प्रति सावधानी बरतना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है. वर्ष 2012 में भी इस बीमारी ने अपना कहर बरपाया था. उस वक्त करीब 150 बच्चों की मौत हुई थी. #ChamkiFever

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