Home Health Care बच्चों को लेकर घबराएं नहीं, बाल रोग विशेषज्ञ हैं ना!

बच्चों को लेकर घबराएं नहीं, बाल रोग विशेषज्ञ हैं ना!

शिशु का शरीर बेहद संवेदनशील होता है. उसके प्रति जरा सी चूक बड़ी समस्या बन सकती है. जब कभी आपका बच्चा बीमार हो, या बीमारी का आभास हो तो फौरन उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास लेकर जाएं.

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बच्चे जब बहुत छोटे होते हैं तो उन पर प्रति मिनट निगरानी रखनी होती है. उसके पालन-पोषण की कभी अनदेखी नहीं की जा सकती. इनके प्रति बरती गई जरा सी लापरवाही आपके और बच्चे के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकती है. बच्चे के मामले में हर माता-पिता को सजग रहना बहुत महत्वपूर्ण है. सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात है कि जब आपका बच्चा बीमार हो. या बीमारी का आभास हो तो फौरन उसे बाल रोग विशेषज्ञ (Child specialist in Kolkata) के पास लेकर जाएं. बच्चों का शरीर बेहद संवेदनशील होता है. जरा सी चूक बड़ी समस्या बन सकती है. इसलिए कोशिश करें कि अपने मासूम पर हमेशा निगरानी रखी जाए.

अपने मासूम के प्रति सावधानी बरतना जरूरी है. पर बहुत ज्यादा संवेदनशील होना सही नहीं है. ऐसा मानना है कि घबराहट में इंसान गलत कदम उठा लेता है. कई बार देखा जाता है कि बच्चों के मामले में माता-पिता बहुत जल्दी घबरा जाते हैं. हालांकि इसका अंजाम भी बुरा होता है. एक बार हाथ से मौका निकल जाने के बाद फिर आप चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते.

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source: babycenter

बाल रोग विशेषज्ञ से जुड़ी अहम जानकारी –

1. एंटीबायोटिक से रहें दूर

लोगों की धारणा होती है कि छोटी-छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक लेने से बीमारी जल्दी ठीक होगी. जबकि ऐसा नहीं ह. एंटीबायोटिक हर बीमारी में और ऐसे ही नहीं खाना चाहिए. ऐसे ही इसका सेवन करने से यह हानिकारक होता है. सच मानें तो एंटीबायोटिक का इस्तेमाल संक्रमण के ज्यादातर मामलों में या वायरल फ्लू में किया जाता है. उसमें भी इसका कोर्स जितनी कम दवाओं में हो सके उतने में ही किया जाता है. इसलिए बेहतर होता बाल रोग चिकित्सक (Child specialist in Kolkata) से परामर्श लेकर ही आगे बढ़ें.

2. बुखार की गंभीरता को समझें

बच्चे को बुखार होते ही माता-पिता भयभीत हो जाता हैं. आपका भयभीत होना जायज भी है. हालांकि बुखार हर वक्त चिंता का कारण नहीं होता. सामान्य बीमारियों के लक्षण में भी बुखार शामिल होता है. जब भी शिशु को बुखार हो तो उसके डिहाइड्रेशन को कम करने का हर संभव प्रयास करे. इसके अलावा आप बिना किसी भय के बाल रोग विशेषज्ञ (Child specialist in Kolkata) की सलाह जरूर लें. ताकि लापरवाही की वजह से वह गंभीर रूप धारण नहीं कर ले.

3. इंटरनेट पर अत्यधिक भरोसा गलत

यह तो आप भली-भांति जानते हैं कि जमाना इंटरनेट का है. हर जरूरत की पूर्ति के लिए लोग तुरंत इंटरनेट का सहारा लेते हैं. यह कहना गलत होगा कि इंटरनेट आपकी हर समस्याओं का समाधान नहीं निकाल सकता. पर स्वास्थ्य संबंधी सहायता, वो भी अगर बच्चे के लिए लेनी हो तो मेरा मानना है कि आप आंखें बंद करके इस पर भरोसा ना करें. कभी-कभी इंटरनेट आपकी समस्या को और बढ़ा सकता है. इसलिए बेहतर उपाय है अपनी सूझ-बूझ से किसी अच्छे बाल रोग चिकित्सक (Child specialist in Kolkata) की क्लिनिक में जाकर उनसे परामर्श लें.

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4. नियमित जांच जरूरी (Regular check required):

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित हेल्थ चेकअप महत्वपूर्ण होता है. पर व्यस्त दिनचर्या की वजह से कई बार लोग भूल जाते हैं. या फिर कई बार नजरअंदाज भी करते हैं. लोगों की धारणा यह भी होती है कि इसे गैर जरूरी समझा जाता है. यह सिद्धांत सही है कि उपचार से बेहतर रोकथाम है. इसलिए एक समझदार माता-पिता की तरह शिशु के स्वस्थ रहते हुए भी उसकी नियमित जांच करवाना सही है.

5. टीकाकरण जरूर कराएं

बच्चों के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है. इसमें तो कभी भी लापरवाही ना बरतें. बाल रोग विशेषज्ञ अगर आपको किसी टीकाकरण की सलाह दें तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें. यह टीकाकरण बच्चों की भलाई के लिए होता है. इससे शिशु को कोई नुकसान नहीं होता. इसलिए आप बाल रोग विशेषज्ञ (Child specialist in Kolkata) की सलाह लेकर बच्चे का टीकाकरण करा सकते हैं.

6. ज्यादा चिंता ना करें

माता-पिता का तो बच्चे को लेकर चिंतित होना सामान्य सी बात है. पर चिंता इतनी ज्यादा भी ना हो कि आप सही गलत की समझ खो दें. मेरी मानें तो नवजात के लिए एक हद तक फिक्र करना सही है. आपको लगता होगा कि यह बहुत मुश्किल है. पर इसे अगर आदत में डाल लिया जाए तो यह बहुत आसान हो जाता है. फिर आपके और बच्चे दोनों के लिए लाभदायक होता है. बाल रोग विशेषज्ञों (Child specialist in Kolkata) का मानना है कि अगर आप किसी विषय को लेकर अधिक चिंता करते हैं तो आपके लिए वह मामला संवेदनशील हो जाता है. जरा सा कुछ होते ही आप बहुत जल्दी घबरा जाता हैं. माना जाता है कि जब आप तनाव मुक्त रहते हैं तो बच्चे के बारे में बेहतर सोचते हैं. जिसका परिणाम भी सटीक होता है.

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Child specialist in kolkata

7. क्यू-टिप्स का इस्तेमाल करने से बचें

स्वच्छता तो हर इंसान के लिए जरूरी है. चाहे वह बच्चे हो या बड़े. हर किसी को अपनी साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखना जरूरी है. बात जब बच्चे की आती है तो सफाई के बीच सावधानी को भी समाहित करना जरूरी होता है. छोटे बच्चों के कान की सफाई करते समय कई बार अच्छे की जगह बुरा हो सकता है. अपनी या बच्चे की कानों की सफाई करते समय Q टिप्स का व्यवहार ना करें. इस टिप्स की वजह से कान के भीतरी हिस्से में तकलीफ हो सकता है. इसलिए कान को बाहर से ही साफ करना पर्याप्त है.

कोलकाता के कुछ बाल रोग विशेषज्ञों की सूची –

1. डॉ अंजन भट्टाचार्या

2. डॉ अभिजीत चौधरी

3. डॉ सब्यसाची दास

4. डॉ सौमित्रा दत्ता

5. डॉ सुब्रत दे

6. डॉ सुमिता साहा

7. डॉ एम.एल मल

8. इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ कलकत्ता

9. डॉ बत्राज

10. डॉ अनिंदय कुंडू

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Child specialist in kolkata

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप अपने शिशु को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित रहते हैं. बच्चे का ख्याल रखना तो ठीक है, पर जरूरत से ज्यादा ख्याल रखना भी उचित नहीं है. स्वास्थ्य जैसे मामले में चिंता करने से बेहतर है बाल चिकित्सक का परामर्श लेना. जी हां बच्चे की हर एक गतिविधि पर निगरानी रखते हुए जब भी जरूरत हो सीधे चिकित्सक की सलाह लें. आपको भी अगर इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो मेरे इन सुझाव से आपको सहायता मिल सकती है. आपको अगर मेरा विचार ठीक लगा हो तो ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. Childspecialist

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