Home Parenting अजनबियों से डरते हैं बच्चे तो ऐसे करें भय खत्म!

अजनबियों से डरते हैं बच्चे तो ऐसे करें भय खत्म!

हर बच्चे में तो नहीं लेकिन बहुत सारे बच्चों में अजनबियों के प्रति भय की भावना रहती है. इसे दूर करने के लिए पहले उसके कारणों को जानना जरूरी होता है. [PARENTING TIPS IN HINDI]

अधिकतर बच्चे स्वभाव से चंचल होते हैं. कुछ बच्चे अपने घर में तो वह परिवार के साथ बहुत खुश रहते हैं लेकिन किसी अजनबी के सामने आते ही वह डर जाता है. भय की वजह से वो आपके पीछे छिप जाता है और फिर रोने भी लगता है.

अगर बच्चा कभी-कभी ऐसा करे तब (PARENTING TIPS IN HINDI) तो कोई बात नहीं लेकिन जब वो हमेशा ही अजनबियों को देखकर यही बर्ताव करे तो फिर इस समस्या को गंभीरता से लेना जरूरी होता है. इसके पीछे के कारणों को जानना जरूरी होता है कि आखिर बच्चा डर क्यों रहा है.

साइकोलॉजिस्ट का कहना है कि बाहरी लोगों के साथ कम मिलने वाले बच्चों में (PARENTING TIPS IN HINDI) साधारणतः यह समस्या देखी जाती है. यदि आप बच्चे को बाहर घुमाने लेकर नहीं जाते, तो वह घर में तीन-चार सदस्यों के बीच ही रहता है.

तो ऐसे में कभी-कभी किसी अनजान व्यक्ति को देखकर उसका डरना व आपके पीछे छिप जाना बहुत स्वाभाविक है. हर वक्त घर में रहने वाले बच्चे मानसिक रूप से किसी अजनबी के साथ घुलने-मिलने को तैयार नहीं रहते.

यही कारण है कि वह किसी अनजान लोगों से मिलने व बातचीत करने में डरता रहता है. आपके बच्चे में भी अगर अजनबियों के प्रति डर है तो उसे निकालने में हम आपकी मदद कर सकते हैं.

बच्चों में व्याप्त इस तरह के भय को दूर करने के कुछ टिप्स यहां बताए जा रहे हैं जो आपके लिए बहुत ही उपयोगी है –

1. बच्चे को बाहर निकलने का अवसर प्रदान करें – PARENTING TIPS IN HINDI

अजनबियों को देखकर डरने वाले बच्चों की उम्र का ख्याल रखना भी जरूरी है. अगर 7-8 महीने से लेकर 1 साल तक के बच्चे ऐसा व्यवहार करते हैं तो यह सामान्य बात है. लेकिन उससे बड़े बच्चे अगर अनजान लोगों को देखकर डरना शुरू करे तो फिर यह चिंता का विषय माना जाता है.

बच्चे को अजनबियों के साथ रिलैक्स अनुभव कराने के लिए उन्हें घर के बाहर लोगों से मिलना-जुलना सिखाना (PARENTING TIPS IN HINDI) होगा. स्कूल हो या पार्क बच्चे को दोस्तों से मिलवाएं. लेकिन इसमें किसी तरह की जबरदस्ती ना करें. जब बच्चे का किसी अन्य व्यक्ति के साथ परिचय करा रहे हों तब कुछ देर तक आप बच्चे के साथ रहें.

हमेशा यही कोशिश करें कि बच्चे को घर में कैद करके नहीं बल्कि बाहर भी खेलने व लोगों से मिलने का अवसर दें. सार्वजनिक जगहों पर जाने से बच्चे को बहुत सारे लोगों के साथ मिलने का अवसर मिलता है. ऐसा करने पर धीरे-धीरे बच्चे के मन से अनजान लोगों के प्रति भय निकल जाएगा.

2. किसी से मिलाने के लिए जबरदस्ती मत करें – PARENTING TIPS IN HINDI

माता-पिता होने के नाते आपको बच्चे की संवादनाओं को समझना होगा. जब आप बच्चे का किसी अनजान व्यक्ति के साथ परिचय करा रहे हों तो (PARENTING TIPS IN HINDI) तुरंत ही उस पर दबाव मत बनाएं. अगर बच्चा किसी व्यक्ति से मिलने में डर रहा है तो इसे नजरअंदाज मत करें.

अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता बच्चे को किसी के साथ परिचय कराते वक्त उस पर दबाव बनाने लगते हैं और बार-बार बोलते हैं कि जाओ उनसे मिलो, बातें करो. ऐसे में वह खुद को और भी ज्यादा असहज महसूस करता है. तब आप नाराज होने से बेहतर होगा आप बच्चे को गोद में लेकर कुछ देर के लिए उस वहां से अलग चले जाएं.

3. बच्चे को मानसिक रूप से तैयार करें – PARENTING TIPS IN HINDI

बच्चे को किसी अनजान व्यक्ति से मिलवाने के लिए उसे पहले ही मानसिक रूप से तैयार रखें. बच्चे को पहले से ही बोल कर रखें कि अभी आप उसे किसी से मिलाने वाले हैं. उनसे बिल्कुल डरे नहीं क्योंकि वो व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य जैसा ही है.

वो हमारे अपने ही हैं. इससे बच्चे के मन में उस इंसान से डरने जैसी कोई बात नहीं रहेगी. जब उसे पहले से पता होगा कि अभी वह किसी से मिलेगा तो फिर उसे मिलने में डर भी महसूस नहीं होगा. ऐसा करने पर धीरे-धीरे बच्चे के मन से डर समाप्त हो जाएगा.

4. खेल-खेल में भगाएं अजनबियों के प्रति डर – PARENTING TIPS IN HINDI

यह याद रखें कि इस तरह का भय बच्चे के मन से एक दिन में दूर करना संभव नहीं है. ऐसे मामलों में घबराने की नहीं बल्कि शांति रखने की आवश्यकता होती है. अगर आप चाहेंगे कि बच्चे पर दबाव बनाकर एक ही दिन में इस डर को खत्म किया जाए तो यह मुश्किल है.

क्योंकि ऐसा करने से बच्चे के मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. एक बेहतर आइडिया यह भी है कि आप खेल-खेल में भी बच्चे को अजनबी लोगों से मिलना सिखा सकते हैं. जैसे अगर आप बच्चे के साथ खेलते हैं तो खेलते वक्त कभी आप अजनबी की भूमिका निभाएं (PARENTING TIPS IN HINDI) तो कभी बच्चे को बोलें.

इसी खेल के दौरान ही बच्चे को यह बताएं कि किसी अनजान से मिलने पर उसे क्या करना चाहिए? उससे कैसे मिलना चाहिए? तब बच्चा परिस्थिति के अनुसार खुद ही व्यवहार करना सीख जाएगा. बस इसी तरह उसके मन से अनजान व्यक्ति के प्रति जो डर है निकल जाएगा.

5. मनोचिकित्सक से परामर्श लें – PARENTING TIPS IN HINDI

कुछ बच्चों में डर की भावना इतनी ज्यादा होती है कि कितना भी समझाने पर उसके उपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. तमाम कोशिशों के बावजूद भी बच्चे में डर की भावना वैसी की वैसी ही रहती है.

मन में डर की भावना बहुत ज्यादा होने पर कभी-कभी बच्चे में सोशल एंग्जाइटी मतलब अजनबी लोगों से मिलने को लेकर भय व बेचैनी प्रवेश कर जाती है. ऐसी परिस्थिति को नजरअंदाज करना ठीक नहीं. जितनी जल्दी हो सके आप बच्चे को मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएं.

6. भय कारणों को जानने का प्रयास करें – PARENTING TIPS IN HINDI

एक बात और है कि अगर बच्चे की उम्र 2 वर्ष से अधिक है फिर भी वह अनजान लोगों से डरता है तो बात कुछ और भी हो सकती है. जैसे आपको यह पता लगाना होगा कि किसी अजनबी व्यक्ति ने कभी बच्चे को डराया तो नहीं है.

क्योंकि देखा जाता है कि किसी के भय से भी बच्चा उस इंसान से दूरियां बनाए रखता है. जबरदस्ती उसके पास भेजने पर रोने लगता है. अगर ऐसी कोई बात है तो फिर आपको उपयुक्त कदम उठाने होंगे.

आपके बच्चे में भी अगर इस तरह का भय है तो उसे दूर करना जरूरी है. इसलिए पहले यहां बताए गए टिप्स को जरूर अपनाएं. इसके बाद भी अगर उसकी आदतों में सुधार नहीं आता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय मनोचिकित्सक से संपर्क करें. #StrangersFear

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