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बचपन में ही ऐसे डाल सकते हैं बच्चे के बेहतर करियर की नींव!

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इंसान के जीवन में करियर सबसे अहम हिस्सा होता है और इसके लिए जरूरी है समय रहते इसकी तैयारियों में जुट जाना. बचपन में ही करियर को लेकर गंभीर होना बेहतर साधन है. जिन बच्चों को शुरुआत में करियर को लेकर प्रॉपर गाइडेंस नहीं दिया जाता वैसे बच्चों को आगे चलकर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. वैसे तो बचपन में करियर की राह चुनना (better career for child) काफी मुश्किल काम है पर बचपन में अपने करियर की राह चुनने वाले बच्चे सफलता के काफी करीब रहते हैं. वहीं करियर को लेकर दुविधा में पड़े रहने वाले बच्चे कभी सफल नहीं होते. करियर को लेकर गंभीर होने के साथ ही जरूरत है खुद को मोटिवट रखने की भी. कुछ कर गुजरने के जुनूनी बच्चों के सक्सेस होने के चांस अधिक रहते हैं.

नीचे दिए जा रहे कुछ टिप्स बच्चों के करियर चयन की राह को बनाएंगे आसान –

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1. तय करें लक्ष्य

बच्चों के लिए सबसे पहले जरूरी है लक्ष्य निर्धारित करना. लक्ष्य तय कर लेने से आगे की तैयारियों में सुविधा होती है. करियर काउंसलर की मानें तो बच्चे को जिस फिल्ड में जाना है उसकी तैयारी उसे कक्षा 9वीं-10वीं से ही कर देनी चाहिए. बच्चे का पसंदीदा फिल्ड कुछ भी हो सकता है जैसे पुलिस, डॉक्टर, इंजीनियर, आइएएस या फिर कुछ और भी हो सकता है और अपने फिल्ड में जाने के लिए उसी से संबंधित तैयारियों के बारे में सोचना सही होगा. ध्यान रखें दूसरों के कहने पर अपना लक्ष्य कभी भी परिवर्तित ना करें.

2. प्रतियोगिता में हों शामिलः

वर्तमान दौर में देखें तो विभिन्न जगह कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहता है और बच्चे को उसमें जरूर हिस्सा लेना चाहिए. इससे बच्चे में प्रतियोगिता की भावना विकसित होती है और बच्चे को अपनी योग्यता, अपनी तैयारियों का भी पता चलता है. कुछ निजी संस्थाएं भी प्रतियोगिता का आयोजन करती है इसमें हिस्सा लेने से भी बच्चे की जानकारियों के बारे में पता चल जाता है.

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3. किताब पढ़ने की डालें आदत

बच्चे को जिस फिल्ड में जाना है उससे संबंधी पुस्तकें पढ़ना बेहद लाभदायक होता है. सिर्फ पुस्तक ही नहीं बल्कि न्यूज पेपर, टीवी व इंटरनेट पर भी अपने करियर से संबंधी विषय पर ध्यान रखें. इससे संबंधी विषयों पर ध्यान रखते हुए उसे देखने व पढ़ने का हर संभव प्रयास करें.

4. ऐसे बढ़ाएं आत्मविश्वास

आजकल यू-ट्यूब पर बहुत सारे मोटिवेशनल वीडियो हैं और इसे देखने से बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ेगा. इस तरह के वीडियो देखने से बच्चे को भविष्य में आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिलेगी. एक बेहतर उपाय यह भी है कि अगर बच्चा अपने किसी आदर्श व्यक्ति के बारे में पढ़े, उन्होंने कैसे सफलता हासिल की है. यह भी जानने की कोशिश करें कि उन्होंने जिंदगी में सफलता पाने के लिए किन-किन चुनोतियों का सामना किया है. तो उससे भी वह मोटिवेट होगा.

5. इंटरनेट की लें सहायता

इंटरनेट ऐसा माध्यम है जहां तमाम जानकारियां उपलब्ध है. अगर बच्चे को सही गाइड ना मिले तो वह इंटरनेट का भी सहारा ले सकता है. कई ऑनलाइन साइट्स हैं जिसकी सहायता से भी बच्चे अपनी तैयारियों में सहायता ले सकते हैं.

6. बेझिझक सवाल करना जरूरी

बच्चे को जहां कहीं भी कुछ समझ में आए तो अपने टीचर से सवाल करके जरूर से जरूर उस समस्या का समाधान करें. अगर आप शिक्षक से बेझिझक सवाल करते हैं तो आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा.

7. अपनी पसंद बच्चे पर ना थोपें

प्रतियोगिता भरे इस युग में हर अभिभावक बच्चे पर अपनी पसंद थोपना चाहते हैं. बच्चा क्या बनना चाहता है, वह किस फिल्ड में जाना चाहता है इससे माता-पिता को कोई मतलब नहीं रहता और उन्हें जो फिल्ड पसंद हो उसी में बच्चे का दाखिला करा देते हैं. परिणाम स्वरूप बच्चे का उस फिल्ड में मन नहीं लगता. बेहतर करने के लिए माता-पिता उस पर दबाव बनाते रहते हैं. इस दबाव को झेलते हुए बच्चा आगे तो बढ़ता है पर वह जिंदगी में सफल नहीं हो पाता. पर अभिभावक सोचते हैं कि मेहनत में कमी की वजह से बच्चा असफल हुआ है. बेहतर होगा बच्चे का दाखिला उसकी पसंद वाले फिल्ड में ही कराएं.

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8. बचपन में ही हुनर पहचानना जरूरी

बच्चे के भविष्य निर्माण में अभिभावक की भूमिका अहम होती है. हर बच्चा माता-पिता द्वारा दिखाए रास्ते पर ही अपना भविष्य निर्धारित करते हैं, पर माता-पिता का भी फर्ज बनता है कि वे बच्चे के हुनर की पहचान करते हुए उसे उसके पसंदीदा रास्ते में जाने को प्रेरित करें. बच्चे के छोटे-छोटे इंट्रेस्ट पर बचपन से ही ध्यान देना जरूरी है कि बच्चे का लगाव किस तरफ है. इससे बच्चे के लिए सही फिल्ड चयन करने में आसानी होती है.

9. समय का सदुपयोग

अधिकतर ऐसा देखा जाता है कि खाली वक्त में बच्चा बेकार के कामों में लग जाता है. घर में इधर-उधर कुछ न कुछ करना शुरू कर देता है. कोशिश हो कि खाली समय में कुछ ऐसा काम करें जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ आपका दिमागी विकास भी हो और यह आपके भविष्य के लिए भी बेहतर हो.

10. काउंसलर की मदद

किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना है यह डिसाइड करना हर किसी के लिए मुश्किल होता है. खासकर 10वीं-12वीं में समझ नहीं आता कि बच्चे के लिए कौन सा फिल्ड सही है कौन का गलत और ऐसे में वे गलत निर्णय ले लेते हैं जिससे बाद में पछताना पड़ सकता है. करियर को लेकर जब भी दुविधा हो आप जल्द से जल्द करियर काउंसलर की मदद लें. वहां से मिले सलाह के आधार पर बच्चे को बेहतर करियर बनाने में मदद मिलेगी.

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11. लक्ष्य के प्रति ईमानदार

ईमानदारी से किए गए काम का फल जरूर मीठा होता है. जो बच्चे अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होते हैं उन्हें सफलता जरूर मिलती है. इसलिए सफल रहने के लिए सबसे पहले अपने प्रति ईमानदार होना बहुत जरूरी है. ईमानदारी से अपना काम नहीं करना खुद को धोखा देने के समान है.

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