Home Annex गंगासागर मेले में बच्चे भी हैं साथ, तो ऐसे बरतें सावधानी!

गंगासागर मेले में बच्चे भी हैं साथ, तो ऐसे बरतें सावधानी!

अगर आप भी अपने बच्चों के साथ गंगासागर पुण्य स्नान करने जा रहे हैं तो बच्चों के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है.

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पश्चिम बंगाल की पावन धरा पर दक्षिण 24 परगना जिले में गंगा व सागर के मिलन स्थल गंगासागर में मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों लाख पुण्यार्थियों का जमावड़ा लगता है. वैसे तो कहावत है ‘सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार’ पर अब परिदृश्य काफी बदल चुका है. अब लोग कपिल मुनि के दर्शन करने व सागर में डुबकी लगाने के लिए बार-बार गंगासागर जाते हैं. इस मेले का अपना अलग ही महत्व है. गंगासागर मेला महाकुंभ के बाद मनुष्यों का दूसरा सबसे बड़ा मेला है.

ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर यहां डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस मौके पर हर वर्ष यहां विशाल मेले का आयोजन होता है. विशालतम जनसमागम में बड़े-बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे सभी शामिल रहते हैं. लाखों श्रद्धालुओं की इस भीड़ को नियंत्रित करने व उनकी सहायता के लिए वैसे तो प्रशासनिक तौर पर पूरी व्यवस्था रहती है. बावजूद इसके प्रति वर्ष यहां बहुत सारे बच्चे परिवार से बिछड़ जाते हैं.

Kapil Muni Temple
कपिल मुनि मंदिर | ibgnews

अगर आप भी अपने बच्चों के साथ यह पुण्य स्नान करने जा रहे हैं तो बच्चों के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है.

1. बच्चे की विशेष निगरानी जरूरी:

गंगासागर मेले में जहां लाखों-लाख पुण्यार्थियों की भीड़ उमड़ती है, ऐसी जगह में कोशिश करें कि बच्चों को ना लेकर जाएं. अगर बच्चे को साथ लेकर जाते भी हैं तो अपने साथ-साथ बच्चे पर भी विशेष निगरानी रखनी होती है. वैसे तो पहले की तुलना में गंगासागर मेला काफी हाईटेक हो चुका है. फिर भी प्रति वर्ष यहां बच्चों के बिछड़ने की खबरें आती है और परिवार वाले बड़ी मुश्किल से उन्हें ढूंढ़ पाते हैं.

2. पुलिस कैंप की सहायता लें:

अगर आपके पास बच्चे को घर पर छोड़ कर जाने का कोई विकल्प नहीं है तो फिर आपको बच्चे को साथ लेकर ही जाना होगा. ध्यान रहे अगर किसी कारणवश आपका बच्चा मेले में बिछ़ड़ जाता है तो घबराने के बजाय बेहतर होगा आप मेले में स्थित पुलिस कैंप के साथ संपर्क स्थापित करें. वहां ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी घोषणाओं के माध्यम से आपके बच्चे को ढूंढ़ने में मदद करेंगे.

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GangaSagar Mela

मेले में भगवान शिव रूपी साधू | staticflickr

3. स्वयं सेवी संगठन कैंप:

गंगासागर मेले में उमड़े जनसैलाब में लोगों की सहायता के लिए जगह-जगह पुलिस कैंप के साथ ही विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों की तरफ से भी कैंप की व्यवस्था रहती है. बच्चे के मेले में बिछड़ जाने पर आप इस कैंप का भी सहारा ले सकते हैं.

4. बच्चे के पास पहचान पत्र रखें:

बच्चे को संग लेकर मेले में जाते वक्त उसके पास परिचय के लिए कुछ होना जरूरी है. आप ऐसा कर सकते हैं, मेले में जाते वक्त बच्चे की ड्रेस के उपर नेम प्लेट लगाकर उस पर बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर व घर का पता जैसी जरूरी जानकारियां लिख दें. अगर आप ऐसा करते हैं तो बच्चे के बिछड़ने पर उसे सही सलामत आपके पास आने में आसानी होगी.

5. बच्चे का हाथ जरूर पकड़े रखें:

गंगासागर मेले में जाते वक्त हमेशा बच्चे का हाथ पकड़े रखें. ऐसा भी ना करें कि बच्चे को अपने पीछे रखें बल्कि कोशिश करें कि बच्चा हमेशा आपके सामने-सामने ही चले. ताकि आप उसका ध्यान रखे सकें। ऐसे में बच्चे के बिछड़ने की संभावना कम रहती है.

6. नाव पर सावधानी बरतें:

नाव में सफर के दौरान भी बच्चे को लेकर सावधानी बरतनी जरूरी है. मेले के दौरान नाव में श्रद्धालुओं का हुजूम रहता है. ऐसे में बच्चे को साइड (किनारे) की तरफ ना रख कर सावधानी पूर्वक बीच की तरफ सुरक्षित रखें.

GangaSagar Mela
गंगासागर मेला | photodeck

7. अनहोनी पर धैर्य से काम लें:

जिस मेले में लोगों का जनसैलाब हो वहां कई बार भगदड़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है. गंगासागर मेला भी इससे अछूता नहीं है. प्रशासनिक तौर पर तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद कभी-कभी किसी अफवाह पर लोगों में भगदड़ मच जाती है और परिस्थिति बहुत घातक सिद्ध होती है. ऐसे में भी बच्चे के बिछड़ने की पूरी संभावना रहती है. ऐसी परिस्थिति में धैर्य से काम लेते हुए स्थानीय सहायता के साथ ही दक्षिण 24 परगना जिले के जिलाधिकारी दफ्तर में भी संपर्क स्थापित करें.

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