Home Annex आखिर गणतंत्र दिवस भारतीय नागरिकों के लिए क्यों है खास?

आखिर गणतंत्र दिवस भारतीय नागरिकों के लिए क्यों है खास?

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गणंतत्र दिवस हर भारतीय के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. 26 जनवरी 1950 से इसे हर वर्ष भारत के राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष हम 70वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. गणतंत्र दिवस का यह दिन देश के तीन राष्ट्रीय छुट्टियों में से एक है. इनमें एक 15 अगस्त (स्वाधीनता दिवस) व 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) है. 26 जनवरी 1950 के दिन ही भारतीय संविधान को लागू किया गया था.

एक स्वतंत्र गणराज्य बनने व क़ानून का राज स्थापित करने हेतु 26 नवंबर 1949 को
संविधान अपनाया गया. 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकारी प्रणाली के साथ लागू किया गया. संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चयन करने के पीछे भी कुछ खास बात है. 26 जनवरी 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था.

source: ndtv

गणतंत्र दिवस से संबंधित कुछ अहम तथ्य:

1. भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे बड़ा लिखित संविधान है.

2. इस संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन का समय लगा था.

3. संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गए थे.

4. सभा के सदस्यों में डॉ. भीमराव अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लव भाई पटेल, मौलाना अबुल कला आजाद शामिल थे.

5. संविधान निर्माण में कुल 22 समितियां थी, जिसमें प्रारूप समिति सबसे महत्वपूर्ण थी.

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6. इस समिति का कार्य संपूर्ण संविधान निर्माण करना था.

7. भारतीय संविधान के रचयिता डॉ भीमराव अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे.

8. भारतीय संविधान के निर्माताओं ने विश्व के कई संविधानों में से उनकी अच्छी बातें इसमें डालने का हर संभव प्रयास किया था.

9. पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था.

10. 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था.

कुछ और तथ्य यहां दिए गए हैं –

11. संविधान के लागू होते ही भारत पूर्ण रूप से गणतांत्रिक देश बन गया था.

12. गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 में दिल्ली के राजपथ पर हुई थी.

13. भारतीय संविधान की दो प्रतियां हैं जिसे हिन्दी व अंग्रेजी में हाथों से लिखी गई थी.

14. भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई है.

15. भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाउस में 26 जनवरी 1950 को शपथ लिया था.

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16. गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति तिरंग फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है.

17. 26 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है. जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना व नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं.

18. 26 जनवरी के दिन भारत को गौरवशाली गणतंत्र राष्ट्र बनाने में अपना बलिदान देने वाले देशभक्तों को राष्ट्रगान के साथ श्रद्धांजलि दी जाती है.

19. संविधान निर्माण में बुंदेलखंड की भूमिका खास रही क्योंकि इसमें सागर के तीन सपूतों ने अपना योगदान दिया था.

20. संविधान की मूल प्रति पर सागर के तीन-तीन विद्वानों का हस्ताक्षर है.

21. जिनमें सागर विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले डॉ. हरिसिंह गौर, प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. रविशंकर शुक्ल व श्रमिक नेता आरके मालवीय भी हैं.

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एक झलक गणतंत्र दिवस समारोह पर:

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज फहराया जाता है और सामूहिक रूप से खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है. वैसे तो गणतंत्र दिवस का पालन पूरे देश में किया जाता है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में इसके लिए बड़े उत्साह के साथ विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

इस अवसर के महत्व को दर्शाने के लिए दिल्ली के राजपथ पर हर वर्ष इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है. इसमें भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय कैडेट कोर व स्कूली बच्चे भी भाग लेते हैं.

इस समारोह में भाग लेना सम्मान की बात होती है. परेड प्रारंभ करते हुए प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति (सैनिकों के लिए एक स्मारक) पर पुष्प माला डालते हैं. फिर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा जाता है. इसके बाद प्रधानमंत्री राजपथ स्थित मंच तक आते हैं.

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26 नवंबर संविधान दिवस की खास बातें:

संविधान सभा का गठन देश की आजादी के बाद हुआ था. इस सभा का कार्य 9 दिसंबर 1946 से शुरू हुआ था. उसके बाद दुनिया के इस सबसे बड़े लिखित संविधान को 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में तैयार किया गया था. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जो कि इस संविधान सभा के सदस्य थे उन्हें भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को सौंपा गया था. इसलिए हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. और एक खास बात है कि संविधान निर्माण के समय संविधान सभा ने 114 दिन बैठक की थी।

बताते चलें कि इसमें कई सुधार व बदलाब के बाद सभा के 308 सदस्यों 24 जनवरी 1950 को संविधान की हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किया था. इसके दो दिन बाद 26 जनवरी को यह संविधान लागू किया गया था.

हमें एक बेहतर संविधान मिला है और इसका सम्मान करते हुए एक जिम्मेदार नागरिक की तरह देश की बेहतरी में अपना योदान करना चाहिए. ये बात सही है कि हमसे ही देश है और हम अपने विकास के साथ देश का विकास कर सकते हैं. #जयहिंद

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