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क्या आपका बच्चा भी है जिद्दी, यहां है समाधान?

समस्या तब उत्पन्न होती है जब उन्हें आप मनमर्जी करने से रोकते हैं. बार-बार यही प्रक्रिया दोहराने से बच्चा धीरे-धीरे जिद्दी होने लगते है और अपनी जिद्द को पूरा करने के लिए वे रोना, चीखना, चिल्लाना शुरू कर देते हैं.

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वैसे तो बच्चों का जिद्दी होना सामान्य बात है पर ऐसा नहीं कि हर बच्चा जिद्दी
(stubborn child) होता है. अधिकांशतः देखा जाता है कि जिन बच्चों के माता-पिता बचपन में जिद्दी होते हैं उनके बच्चे में यह गुण अपने आप आ जाता है. पर कुछ बच्चे अपनी वजह से भी जिद्दी होते हैं. आमतौर पर बच्चे अपने मन की करना चाहते हैं। समस्या तब उत्पन्न होती है जब उन्हें आप मनमर्जी करने से रोकते हैं। बार-बार यही प्रक्रिया दोहराने से बच्चा धीरे-धीरे जिद्दी होने लगते है और अपनी जिद्द को पूरा करने के लिए वे रोना, चीखना, चिल्लाना शुरू कर देते हैं.

ऐसे करें जिद का समाधान:

Stubborn child
source: speeli

1. अगर आप बच्चे को बात-बात में टोकते रहते हैं कि ऐसा मत करो, ये काम गलत है, वो काम गलत है तो ऐसी परिस्थिति में भी बच्चे में असंतोष उत्पन्न होता है. माता-पिता की तरफ से बच्चे पर अनुशासन भी जरूरी है क्योंकि बच्चों के अंदर सही-गलत की पहचान नहीं होती. इसलिए उन्हें हर काम स्वयं करने की आजादी नहीं दी जा सकती. बेहतर है आप बच्चे के साथ कड़ा रूख अपनाते हुए नहीं बल्कि प्यार के साथ उसे अनुशासित करें. जब भी बच्चे जिद (stubborn child) करें तो कोशिश करें उसे प्यार से समझाने की. इसके बाद भी अगर बच्चा ना समझे तभी उसके साथ सख्ती से पेश आना सही होगा.

2. हर किसी की अपनी पसंद-नापसंद होती है। बच्चों के मामले में हर अभिभावक यही चाहते हैं कि उनका बच्चा हर काम उनके पसंद के अनुसार करे. अपनी पसंद मनवाने के लिए माता-पिता बच्चों के साथ जबरदस्ती करते हैं. जिससे बच्चे में नकारात्मकता बढ़ने लगती है और यह भी बच्चे के जिद्दी बनने का एक कारण है.

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3. यह भी ठीक नहीं कि बच्चा जो बोले वहीं हो, उसकी हर बात को माना जाए। ऐसा करने पर बच्चे इसके आदि हो जाते हैं और उसे लगता है कि मैं जो बोलूंगा वही होगा और फिर वह हर चीज के लिए जिद करना शुरू करता है. इसलिए बच्चे की हर बात मानने के बजाय उसे ना भी बोलें। ताकि बच्चे को लगे कि हर बार उसकी नहीं चलने वाली, उन्हें माता-पिता की बातों को भी सुनना होगा.

kids listen
source: yourtango

4. बच्चे भी कम चालाक नहीं होते हैं। बच्चों में एक आम बर्ताव है अपनी बातों को मनवाने के लिए रोना-चिल्लाना. बहुत अभिभावक भी ऐसे होते हैं जो बच्चे की किसी जिद पर रोने-चिल्लाने के बाद उनकी जिद को पूरा कर देते हैं. हालांकि ऐसा करना पूरी तरह गलत है। आपको चाहिए कि अगर बच्चा किसी चीज के लिए ज्यादा जिद करे और रोना-चिल्लाना शुरू करे तो कुछ देर आप उसे वैसे ही छोड़ दें. फिर कुछ देर बच्चा खुद ही शांत हो जाएगा.

5. जिद्दी बच्चे (stubborn child) अनुशासनहीन हो जाते हैं वे किसी की नहीं सुनते और हर बार अपनी मनमर्जी ही करना चाहते हैं. बच्चे के किसी चीज के लिए जिद करने पर उसे सही गलत की जानकारी देते हुए प्यार से समझाने की कोशिश करें। इस तरह बच्चा अनुशासित भी होता है और उसके जिद करने की आदत में सुधार भी आती है.

6. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा मनमानी करने के लिए जिद ना करे तो आप खुद उसकी बातों को सुनने की आदत डालें. अगर बच्चे को लगेगा कि उसकी बातों को अनसुना किया जा रहा है तो वह भी आपकी किसी बात को महत्व नहीं देगा. ऐसा करते-करते बच्चों की जिद करने की आदत बढ़ने लगती है.

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7. बच्चे तो बच्चे ही होते हैं. इसलिए ऐसा ना हो कि उसके जिद करने पर आप हर बार उसपे चिल्लाना ही शुरू कर दें. इसका बच्चे के दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है और फिर एक दिन बच्चा भी अपने माता-पिता पर चिल्लाना शुरू कर देता है. इसलिए बेहतर है बच्चे को शांति से समझाया जाए.

stubborn child
source: mumzworld

8. बच्चे से अगर अपनी बात मनवानी है तो बच्चों का सम्मान करना सीखें. अगर आप बच्चों के साथ सम्मानजनक रूप में पेश आएंगे तो अवश्य ही बच्चे भी आपके फैसले का सम्मान करेंगे. बच्चों से अपनी बात मनवाने के लिए उन्हें आदेश ना दें बल्कि अगर आप उनसे सहयोग मांगते हैं तो वह उस काम को जरूर करता है. बच्चों में खुद से काम करने की ललक बहुत ज्यादा रहती है. तो आप बस ध्यान रखें, अगर बच्चा गलत कुछ कर रहा हो तभी उसे समझाएं या मना करें पर अगर वह सही कर रहा हो तो उसे करने दें ना कि अभिभावक होने के नाते उस पर स्वयं काम ना करने का दबाव बनाएं.

9. बच्चे को ज्यादा मारने-पीटने वाले माता-पिता भी बच्चे के जिद्दी व्यवहार के जिम्मेदार हैं. हर बात में बच्चे को डांटना-फटकारना व मारना-पीटना बच्चे के लिए ठीक नहीं है. ऐसे रवैये से बच्चा आपसे दूर रहना शुरू कर देगा और आपकी बातों को भी नजरअंदाज करने लगेगा. ऐसी परिस्थिति में ही बच्चे के जिद्दी बनने की संभावना अधिक रहती है.

10. अपनी जिद को मनवाने के लिए अगर बच्चा चिल्लाना शुरू करे तो आप उसे बीच में टोकें नहीं बल्कि उसे थोड़ी देर उसी परिस्थिति में छोड़ दें. कुछ देर उसे शांत होने दें. जब बच्चे का गुस्सा शांत हो जाए तब उसे प्यार से समझाएं. तभी बच्चे के जिद्दी रवैये में सुधार आएगा.

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