Home Parenting बच्चों की परवरिश करते समय इन बातों का रखें ख्याल!

बच्चों की परवरिश करते समय इन बातों का रखें ख्याल!

बच्चों की परवरिश कोई आसान काम नहीं है. यह बहुत मुश्किल व जिम्मेदारी भरी ड्यूटी है. अपने दायित्वों का निर्वहन कर ही आप सफल अभिभावक बन सकते हैं.

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बच्चों की परवरिश (Parenting Tips in Hindi) कोई आसान काम नहीं है. आज के अत्याधुनिक युग में तो यह हर किसी के लिए चैलेंज है. सामाजिक स्थितियों को देखें तो आज लोगों में विश्वसनीयता की कमी है. कोई इंसान किसी पर विश्वास नहीं करना चाहता. ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ जाती है. एक अच्छे माता-पिता बनने के लिए सबसे जरूरी है बच्चे को समय देना.

Parenting Tips in Hindi

जहां तक संभव हो सके बच्चे के लिए समय निकालने की कोशिश करें. बच्चे के जन्म के बाद से ही आप में इस आदत का होना जरूरी है. अगर नहीं तो समय रहते शामिल करें. बच्चे के विकास के लिए उसका एक-एक पल महत्वपूर्ण होता है. जब बच्चा छोटा हो तो उसके साथ खेलने के लिए भी समय निकालें. खेल के साथ जब बच्चे की पढ़ाई की उम्र हो तो उसमें पढ़ाई के प्रति भी रूचि जगाएं.

अच्छी परवरिश (Parenting Tips in Hindi) के लिए बच्चे की हर एक गतिविधियों पर निगरानी आवश्यक है. बच्चे में सही-गलत की पहचान नहीं होती. जो मर्जी होती है बच्चा वही करना चाहता है. समय-समय पर आपको ध्यान रखना होगा कि वह कब सही कदम उठा रहा है और कब गलत. शुरू से ही अगर इस पर ध्यान नहीं दिया जाए तो बच्चे मनमर्जी करना शुरू करते हैं. बड़े होने के बाद यही बच्चे जिद्दी बन जाते हैं और तब जाकर संभालना मुश्लिक हो जाता है. इन सबके अलावा बच्चे में अच्छे संस्कार के बीज बोना सबसे अहम है. अच्छी परवरिश से ही बच्चे संस्कारी बनते हैं. संस्कार को भी सफलता की पहली सीढ़ी माना जाता है. बच्चे को अपने परिवार, समाज और देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराएं.

बच्चे के दोस्त बनें

Parenting Tips in Hindi

बच्चे का विकास तेजी से होता है, चाहे वो शारीरिक हो या मानसिक. इसलिए उम्र के हिसाब से बच्चे को समझने की कोशिशि करें. बच्चे की निर्णय क्षमता को विकसित करें. उसका मष्तिस्क ऐसा विकसित हो जिससे उसे आपके साथ किसी भी बात को साझा करने में हिचक ना हो. एक समय आता है जब बच्चे को सच्चे दोस्त की जरूरत होती है. यह वह समय होता है जब बच्चा कॉलेज में पढ़ रहा होता है. यह किसी की जिंदगी का अहम मुकाम होता है. बच्चे को करियर चयन में मदद करना. लक्ष्य प्राप्ति के लिए उसके अंदर जूनून पैदा कर उसे पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने में मदद करें.

वैसे तो जन्म से लेकर पूरी जिंदगी बच्चे को आपके साथ ही आवश्यकता होती है. पर अच्छी परवरिश (Parenting Tips in Hindi) के लिए लक्ष्य प्राप्ति के दौरान उसके समक्ष कई तरह की बाधाएं भी आ सकती है. ऐसे में उसे एहसास दिलाएं कि आप हमेशा उसके साथ हैं. उसे हौसला दें कि किसी असफलता में उसे घबराने की नहीं बल्कि हिम्मत से काम लेना चाहिए. जब बच्चे में यह विश्वास जगेगा तो निश्चित ही सफलता उसके कदम चुमेगी.

परवरिश के कुछ टिप्स (Parenting Tips) अपनाकर माता-पिता की भूमिका को और बेहतरीन बनाया जा सकता है –

Parenting Tips in Hindi

बचपना कच्ची मिट्टी की भांति है. यह बहुत महत्वपूर्ण स्टेज होता है. यही वह उम्र है जिसमें बच्चे को जैसे सांचे में चाहे ढाल सकते हैं. बेहतर भविष्य के लिए बच्चे की अच्छी परवरिश का ख्याल रखें. मत भूलें कि हर बच्चा जीनियस है, हर बच्चा प्रतिभाशाली है. उनकी प्रतिभाओं को दबाने की नहीं बल्कि निखारने की कोशिश करें. हर बच्चा अलग है, उनकी प्रतिभाएं अलग है. इसलिए उन्हें पालने का तरीका भी अलग ही होगा.

परवरिश में तय करें सीमाएं (Fix boundaries in Parenting)

उनके हर काम के लिए एक सीमाएं तय करें. बच्चे को अपने दायरे की जानकारी होनी चाहिए. उन्हें अपने खेलने, टीवी देखने, पढ़ाई करने, परिवार के साथ वक्त बिताने आदी का समय पता होना चाहिए. तय सीमाएं ही दायरा निर्धारित करती है. ध्यान रखें इसका उल्लंघन करने पर आप उसे प्यार से अपने दायरे में रहने की सलाह दे सकते हैं. अगर वह किसी चीज के लिए ज्यादा जिद करे तो आप अपनी बातों पर अडिग रहें.

जब बच्चा ज्यादा जिद करे तो उसकी बातों की अनदेखी करें. ऐसा करने पर बच्चे को भी लगेगा कि आप उसकी बातों को महत्व नहीं दे रहें हैं. तो फिर से वह कभी जिद नहीं करेगा. अगर आपने उसे सीमाएं लांघने की एक बार अनुमति दे दी. तो फिर उसे इसकी आदत लग जाएगी. फिर बच्चा बार-बार अपनी पसंद को मनवाने के लिए यही रूख अपनाएगा. अगर आप कभी उसकी बातों को मानेंगे और कभी नहीं तो ऐसे में बच्चे के अंदर चिड़चिड़ापन की भावना आती है. वह असंतोष महसूस करता है. यही वजह है कि अपनी तय की गई सीमाओं पर अडिग रहें ताकि बच्चे को भी इसकी आदत लग जाए. प्रयास करें कि ज्यादा कड़ा रूख ना अपनाएं. अगर आप प्यार से भी बच्चे को समझाएंगे तो वह जरूर आपकी बातों पर अमल करेगा.

परवरिश (Parenting Tips in Hindi) बहुत मुश्किल व जिम्मेदारी भरी ड्यूटी है. इस ड्यूटी के पालन में आपके समक्ष कई सारी परेशानियां भी आती हैं. पर इन सबको पार करते हुए आपको अपनी ड्यूटी का दायित्वपूर्ण निर्वहन करना है. आप तभी एक सफल अभिभावक बन सकते हैं.. क्या आप नहीं चाहते कि आप एक आदर्श अभिभावक बनें? यहां बताए गए कुछ टिप्स का अगर आप अनुसरण करते हैं तो आपके लिए थोड़ी आसानी होगी. आप अपने अनुभव को ‘योदादी’ के साथ कमेंट कर जरूर शेयर करें.

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