लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं सारा, जानिए कैसे रखती हैं अपना ख्याल?

    बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि सारा को पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS) नामक लाइलाज बीमारी है. जानिए कैसे रखती हैं अपना ख्याल?

    पहली ही फिल्म से बॉलीवुड में धूम मचाने वाली अभिनेत्री सारा अली खान अपनी ऐक्टिंग से लोगों के दिलों में जगह बना चुकी हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले ही अपना 24वां जन्मदिन मनाया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज के दौर में लड़कियों के लिए फैशन आइकॉन बनी सारा ओवरवेट (96 किलो) थीं. मोटापे की वजह से स्कूल-कॉलेज में सब उन्हें बहुत चिढ़ाते थे.

    फिल्मों में आने से पहले सारा ने 4 महीने में अपना 30 किलो वजन कम किया था. सारा केदरनाथ और सिंबा जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं. लेकिन अभी उनकी गिनती फिल्म इंडस्ट्री की सबसे फिट एक्ट्रेस में होती है. हालांकि इस स्टेड तक पहुंचना सारा के लिए बहुत मुश्किल काम था.

    इसके लिए सारा को चार महीने बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी थी. लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि सारा को पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS) नामक लाइलाज बीमारी है.

    इस बीमारी की वजह से सारा का वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा था. इसके बावजूद सारा ने कड़ी मशक्कत कर अपने अतिररिक्त वजन को कम किया.

    अपने फिटनेस सीक्रेट्स के बारे में सारा ने बताया था कि वजन कम करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. बहुत सारे लोगों की सोच होती है कि डाइट शुरू करते ही वह रातों-रात स्लिम दिखने लगेंगे, तो ऐसा नामुमकिन है.

    सारा अली खान रोजाना सुबह वर्कआउट करती हैं. वर्कआउट करने के वक्त उन्हें हल्दी, पत्ता गोभी व गर्म पानी लेना पसंद है. इसके बाद प्रोटीन युक्त ग्रीक योगर्ट के साथ एक कप कॉफी लेती हैं.

    Polycystic Ovarian Syndrome

    विशेषज्ञ की मानें तो वजन कम करने के लिए एक बेहतर तरीका है. जैसे अगर आप एक ही चीज को दिन में तीन में तीन बार खाएं तो वह आपके लिए बहुत ही अच्छा टैक्टिक्स होता है.

    सारा का डाइट प्लान –

    सारा की डाइट में जिम जाना सबसे अहम हिस्सा है. वह जिम को कभी मिस नहीं करतीं. खुद को फिट रखने के लिए वह प्रापर रूटीन फॉलो करती हैं. जिम के लिए वह ज्यादातर फिटनेस ट्रेनर से ट्रेनिंग लेती हैं.

    खुद को फिट लुक देने के लिए सारा ने कड़ी मेहनत की थी. तब जाकर ही आज वह लोगों की आइकॉन बनी हुई हैं.

    1. सुबह का नाश्ता

    पहले को सुबह उठ कर सारा 1 ग्लास गर्म पानी पीती हैं. नाश्ते में वह इडली, अंडे का सफेद भाग व ब्रेड टोस्ट लेना पसंद करती हैं.

    2. दोपहर का खाना

    सारा को घर का खाना ही पसंद आता है. ज्यादातर वह कोशिश करती हैं कि घर का खाना ही खाया जाए. घर के खाने में वह दाल, रोटी, सलाद, फल और सब्जियां खाना ज्यादा पसंद करती हैं.

    3. रात का खाना

    वह वर्कआउट से पहले एक बाउल मुसली के साथ फल और ओट्स खाना पसंद करती हैं. इसके अलावा वर्कआउट के बाद उन्हें सलाद, टोफू व प्रोटीन शेक लेना पसंद है.

    यह भी है जरूरी

    एक ही चीज रोजाना खाने से किसी का भी मन उब जाता है. वैसे तो आप इसे सामान्य सी बात समझते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. ऐसी परिस्थिति में हमारे शरीर में अनोरेक्सिया का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है.

    एक खाने पर ज्यादा दिनों तक निर्भर रहने से समस्या बढ़ सकती है. इस डाइट से कैलोरी तो घटती है, लेकिन इसके विपरीत शरीर के मेटाबॉलिज्म पर इसका असर बहुत पड़ता है. इसलिए विशेषज्ञ भी कहते हैं कि एक खाने पर ज्यादा समय तक निर्भर नहीं रहना चाहिए.

    क्या है पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम

    यह महिलाओं में होने वाली आम बिमारी है. यह बीमारी खासकर 15-30 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है. हार्मोन्स के बैलेंस में गड़बड़ी होने की वजह से यह बीमारी होती है.

    पॉलीसिस्टिक ओवरी सिड्रोम से ग्रस्त महिलाओं की ओवरी पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का महिलाओं के हार्मोन एस्ट्रोजन की तुलना में अधिक उत्पादन करना शुरू कर देती है.

    इसकी वजह से महिलाओं में पीरियड्स व गर्भधारण से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है. इसके अलावा त्वचा पर बाल आना, चेहरे पर अधिक मात्रा में बाल आना, गंजेपन व मुहासे जैसी दिक्कतें भी आ सकती है.

    PCOS के लक्षण – Polycystic Ovarian Syndrome

    1. वजन घटने में समस्या होना

    2. चेहरे पर मुंहासे होना

    3. वजन बढ़ना

    4. चेहरे व शरीर पर बहुत ज्यादा बाल आना

    5. त्वचा पर निकले बालों का बहुत काला व घना होना

    6. डिप्रेशन होनॉ

    7. पीरियड्स में अनियमितता

    8. गर्भधारण न कर पाना

    ये रहे कारण – Polycystic Ovarian Syndrome

    1. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से ग्रस्त महिलाओं के शरीर में सूजन की समस्या हो सकती है. सूजन के कारण मेल हार्मोन का स्त्राव अधिक हो जाता है, जिससे बीमारी और बढ़ जाती है.

    2. अनुवांशिकता के कारण भी यह बीमारी होती है. मां को अगर यह बीमारी है तो बच्चों में इससे होने की संभावना ज्यादा रहती है.

    3. इस बीमारी से ग्रस्त 70 फीसद महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोधिता पाई जाती है. इसकी वजह से महिलाओं में मोटापे की समस्या बढ़ जाती है.

    ये रहे उपचार – Polycystic Ovarian Syndrome

    1. रोजाना व्यायाम करना

    2. हेल्दी डाइट अपनाना

    3. वजन कम करना

    4. धूम्रपान से परहेज

    5. चिकित्सक की सलाह से दवा का सेवन

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