Home Parenting अगर आप हैं सिंगल मदर…तो जॉब के साथ ऐसे करें बच्चे की...

अगर आप हैं सिंगल मदर…तो जॉब के साथ ऐसे करें बच्चे की परवरिश!

235
0

मां होना अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. आप सिंगल मदर हैं तो आपके लिए ऑफिस के साथ बच्चों को संभालना मुश्किल काम है. या फिर यूं कहें कि इन सबको साथ लेकर चलना किसी चुनौती से कम नहीं. कई बार आप मानसिक रूप से थकान महसूस करने लगती हैं. वैसे तो इस तरह की महिलाएं अंदर से काफी मजबूत होती हैं. वह समय के साथ तालमेल बैठाकर चलना भी बखूबी जानती हैं. वे उसके लिए हर संभव प्रयास भी करती हैं. हालांकि इसमें उन्हें कई तरह की मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता है.

Indian mom and child
बच्चों को संभालना बेहद मुश्किल काम है. source: womensweb

अगर आप कुछ बातों पर ध्यान दें तो चुनौतियों का सामना आसानी से कर पाएंगी:

1. प्राथमिकता निर्धारित करें (Set priority)

हर मां के लिए प्राथिमकता सूची में सबसे ऊपर उसका बच्चा ही होता है. तो पहले यह तय कर लें कि आप ऑफिस के साथ बच्चे की देखभाल में किन-किन चीजों पर ध्यान देंगी. ऑफिस के साथ बच्चे की देखभाल के लिए एक सूची तैयार कर लें. जिससे आपको बच्चे व दफ्तर को बैलेंस करने में आसानी हो.

2. नौकरी का चयन (Job selection)

सिंगल मदर (Single Mother) के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी नौकरी का चयन बच्चे के अनुसार करें. क्योंकि आपको बच्चा व नौकरी दोनों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए चलना है. आपका बच्चा अगर बहुत छोटा है तो आप ऐसी नौकरी का चयन करें जिससे आपको घर व ऑफिस दोनों को संभालने में सहूलियत हो. पहले तो कोशिश करें कि आपका जॉब ‘वर्क फ्रॉम होम’ हो, तो ऐसे में आप ऑफिस का भी काम कर सकती हैं और बच्चे का भी ख्याल रख सकती हैं. अगर ऐसा संभव ना हो तो कोशिश करें कि ऑफिस में डे-केयर या डे-बोर्डिंग की सुविधा हो. ताकि आप ऑफिस का काम करते हुए बीच-बीच में बच्चे को भी देख सकें. अगर ऑफिस का समय लचीला हो तो भी बच्चा व ऑफिस के बीच संतुलन बना रहता है.

single mom
बच्चा व नौकरी दोनों के बीच सामंजस्य जरूरी. source: zeenews

3. अपने लिए भी वक्त निकालें (Take time for yourself)

वैसे तो परिवार की जिम्मेदारियों का दायित्वपूर्ण निर्वहन करना अच्छी बात है पर स्ट्रेस कम करने व व्यक्तित्व विकास के लिए आपको कुछ वक्त अपने लिए भी निकालना अति आवश्यक है. इसमें आप दोस्तों के साथ शॉपिंग पर चले जाएं, और साथ ही कोई मनपसंद फिल्में देख लें. ये सारे काम आप तब करें जब आपका बच्चा डे-केयर में हो.

“जब आप एक माँ होती हैं, तो आप अपने विचारों में कभी अकेली नहीं होती हैं. एक माँ को हमेशा दो बार सोचना पड़ता है, एक बार खुद के लिए और एक बार अपने बच्चे के लिए.” – सोफिया लोरेन

4. रहें टेंशन फ्री (Stay tension free)

आमतौर पर महिलाएं साफ-सफाई व सामानों को सही जगह पर रखना पसंद करती हैं और यह अच्छी बात है. पर सुबह के वक्त एक तरफ आपको ऑफिस जाने की जल्दी हो तो दूसरी तरफ बच्चे को स्कूल भेजने की जल्दी. ऐसे में अगर आप चाहेंगी कि घर से निकलने के पहले अपना रोज के काम को पूरा करके निकलूं तो ऐसे में मुश्किलें बढ़ जाएंगी. इस तरह आप पूरे दिन टेंशन में रहेंगी. जिन कामों को आप घर लौटकर कर सकती हैं उसे ऑफिस जाने से पहले करने की कोई जल्दबाजी नहीं है. इसलिए बेहतर होगा सुबह के वक्त आप अपने ऑफिस व बच्चों के स्कूल के लिए जरूरी काम पर ही अपना ध्यान केंद्रित करें.

5. योजना बनाएं (Make plan)

सिंगल मां (Single Mother) अगर पूरी योजना के तहत अपना काम करें तो उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाएगी. योजना के तहत काम करने से एक तो समय की बर्बादी नहीं होती और काम भी बगैर दबाव के सही वक्त पर पूरा हो जाता है. काम सही वक्त पर पूरा होने से आप रिलैक्स रहेंगी.

single mother and daughter india
बच्चे के साथ बिताएं मस्ती भरे पल. source: safetykart

6. वीकेंड में फ्री रहें (Stay free in the weekend)

बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी वीकेंड का बेसब्री से इंतजार करते हैं. पूरे सप्ताह की व्यस्तता के बाद वीकेंड किसे नहीं भाता. वीकेंड में फ्री रहने के लिए कोशिश करें कि उस दिन के लिए कोई काम पेंडिंग ना रहे ताकि छुट्टी पर आप बच्चों को पूरा समय देते हुए उनके साथ मस्ती भरे पल बिता सकें.

7. तकनीकी सहायता लें (Get Technical Support)

तकनीक के इस युग में बाजार में तरह-तरह की चीजें उपलब्ध हैं. सिंगल मां को ध्यान में रखकर भी बाजार में बहुत सारी ऐसी चीजें उपलब्ध हैं जिसकी सहायता से आपको अपने रोजमर्रा के काम में बहुत आसानी होगी.

8. जल्दी घर लौटने का प्रयास (An early attempt to return home)

बच्चों के साथ समय बिताने के लिए आपको अपने ऑफिस का काम जितनी जल्दी हो सके निपटा कर घर लौटने की कोशिश करें. अगर आप रोजाना घर लौटने का समय तय कर लेती हैं तो आपका सारा काम सही समय पर पूरा हो जाएगा. फिर आप बच्चों को भी समय दे पाएंगी. जिससे बच्चा भी खुश रहेगा.

single mothers multi tasking
बच्चे की परवरिश जिम्मेदारी का काम. source: india.com

9. आर्थिक संतुलन बनाए रखना (Maintaining a financial balance)

सिंगल मदर (Single Mother) होने का कारण चाहे कुछ भी हो पर ऐसी मां के सामने सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती होती है. इसके लिए आपका आर्थिक सलाहकार से मदद लेना सही रहेगा. बच्चे के लिए उनकी रोजाना की जरूरतों के पूरा होने के साथ ही आपके प्यार की भी आवश्यकता है. इसलिए उसे भरपूर प्यार दें ताकि उसे किसी तरह की कमी महसूस ना हो.

बच्चे की परवरिश ऐसी ड्यूटी है जो लगातार चलती रहती है. भले ही इसमें आपको दिक्क्त आती हों लेकिन बच्चे की एक मुस्कान सारी परेशानियों को छू-मंतर कर देता है. Click To Tweet

10. मल्टीटास्क करना सीखें (Learn how to multitask)

बच्चे की परवरिश ऐसी ड्यूटी है जो लगातार चलती रहती है. इसलिए आपको बच्चे के हिसाब से ही अपने बाकी सारे काम को मैनेज करना होगा. इसके लिए जरूरी है आपको एक साथ में बहुत सारे कामों को करने की. अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो आप उससे अपने काम के साथ छोटी-मोटी सहायता ले सकती हैं. जैसे बच्चा अपना खिलौना सही जगह पर उठाकर रखे और किसी सामान को सही जगह पर सजा कर रखे. ऐसे बहुत सारे छोटे-छोटे काम हैं जिसमें बच्चे आपकी सहायता कर सकते हैं. इससे आपको तो मदद मिलेगी ही और बच्चा भी व्यस्त रहेगा. ऐसे में बच्चे पर हमेशा निगरानी की भी जरूरत नहीं होगी.

ऊपर बताए उपायों का अगर आप सही इस्तेमाल करेंगी तो आसानी होगी. बच्चे को बड़े होते देखना जितना सुखदायक होता है उतना ही चैलेंजिंग भी है. बच्चे की एक मुस्कान सारी परेशानियों को छू-मंतर कर देता है. ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. #हैप्पीपैरेंटिंग


This article is about a single mother that she has to face the problem. It is mentioned in how they can easily face it. Here also it has been said that how should a single mother take care of children!
Feature Image Source: Google

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here