Home Health Care अरुण जेटली के निधन की इन वजहों को जानना जरूरी है!

अरुण जेटली के निधन की इन वजहों को जानना जरूरी है!

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) का बीते शुक्रवार दोपहर लंबी बीमारी के चलते नई दिल्ली में निधन हो गया. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था.उनका इलाज वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में हो रहा था.

उनकी खराब स्थिति को देखते हुए उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था. लंबे समय से बीमार चल रहे अरूण जेटली की हालत हर दिन और खराब ही होती जा रही थी. सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 9 अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था.

जेटली की निगरानी के लिए डॉक्टरों की एक टीम की व्यवस्था थी. इस टीम में एंडोक्रिनौलॉजिस्ट्स, कार्डियोलॉजिस्ट्स व नेफ्रोलॉजिस्ट्स भी शामिल थे. उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि पहले उनकी हालत में सुधार देखा जा रहा था, लेकिन फिर धीरे-धीरे स्थिति खराब होने लगी.

एक नहीं, कई बीमारियों से पीड़ित रहे अरुण जेटली – Soft Tissue Sarcoma

अरुण जेटली पिछले कई वर्षों से विभिन्न बीमारियों से पीड़ित रहे. बीमारियों (Soft Tissue Sarcoma) की वजह से वे लगातार अस्वस्थ चल रहे थे. जिसमें डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर शामिल है. सितंबर 2014 में जेटली ने अतिरिक्त वजन कम करने के लिए सर्जरी कराई थी. इसके अलावा वे किडनी संबंधी बीमारी से भी पीड़ित थे.

मई 2018 में उन्होंने एक किडनी ट्रांसप्लांट भी करवाया था. सिर्फ यही नहीं किडनी की समस्या के अलावा वे कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी जूझ रहे थे.

उनके बाएं पैर में सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा (Soft Tissue Sarcoma) है. इसी वर्ष जनवरी में उन्होंने अमेरिका जाकर सर्जरी कराई थी. वर्ष 2005 में उन्होंने हार्ट सर्जरी भी कराई थी.

जिंदगी की व्यस्तता में लोग अपनी सेहत को लेकर लापरवाही बरतते हैं. जिसकी वजह से इंसान को कई सारी खतरनाक बीमारियों का सामना करना पड़ता है.

क्या है साफ्ट टिशू सरकोमा – Soft Tissue Sarcoma

जहां तक कैंसर जैसी घातक बीमारी की बात है तो इससे सालाना लाखों लोगों की मौत हो जाती है. वैसे तो कैंसर कई किस्म के होते हैं. लेकिन सॉफ्ट टिशू सरकोमा (Soft Tissue Sarcoma) नामक भी एक कैंसर है, जो बहुत कम लोगों में देखा जाता है.

इसने अब लोगों को धीरे-धीरे अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस कैंसर के बारे में भी जानना जरूरी है.

हम यहां आपको इस घातक बीमारी के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि आप भी अपनी सेहत को लेकर सजग हो सकें.

सॉफ्ट टिशू सरकोमा एक रेयर कैंसर है. यह शरीर के चारों ओर मौजूद टिशू में हो जाता है. इसमें मांसपेशियां, वसा, रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं के अलावा ज्वाइंट्स भी शामिल हैं.

यह बीमारी हार्ट अटैक से भी ज्यादा खतरनाक है. इस बीमारी के 50 से भी अधिक प्रकार हैं. यह बीमारी सबसे अधिक युवाओं को अपनी चपेट में लेता है.

इस बीमारी का पता चलने के बाद इसका डायग्नोसिस करना भी मुश्किल होता है. इसकी वजह है कि यह कई तरीके से बढ़ता है.

यह कैंसर (Soft Tissue Sarcoma) तब होता है जब कोशिकाएं डीएनए के अंदर विकसित होने लगती है. कोशिकाओं में यह ट्यूमर के रूप में विकसित होता है.

धीरे-धीरे यह शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगता है. वैसे तो यह बीमारी शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है.

लेकिन ज्यादातर यह इंसान के कंधों और पैरों को अधिक प्रभावित करती है. इसे सर्जरी के माध्यम से निकाला जा सकता है. कीमोथेरेपी व रेडिएशन के जरिए भी इसका इलाज संभव है.

Arun Jaitley

क्या हैं लक्षण – Soft Tissue Sarcoma

1. शुरूआत के दिनों में इस बीमारी के लक्षणों को पकड़ना मुश्किल होता है. लेकिन अगर किसी को मांसपिशियों व नसों में तेज दर्द की शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जांच करवानी चाहिए.

2. शरीर में सूजन या गांठ बनना, गांठ का लंबे समय तक रहना

3. हडिड्यों में दर्द की समस्या रहना

4. ट्यूमर का बढ़ना भी है कारण

कारण – Soft Tissue Sarcoma

1. कोशिकाओं का डीएनए के अंदर विकसित होना

ये रहा उपचार – Soft Tissue Sarcoma

1. लक्षण पता चलते हीं तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें

2. इसका इलाज प्रकार, साइज व जगह के हिसाब से किया जाता है

3. इमेजिंग टेस्ट, बायोप्सी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी और ड्रग्स के जरिए

फायदेमंद है सुबह की धूप – Soft Tissue Sarcoma

चिकित्सक का कहना है कि इस बीमारी में सुबह की धूप बहुत फायदेमंद होती है. इस धूप से कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव में राहत मिलती है. ये किरणें विटामिन डी से भरपूर होती है. इसके त्वचा पर पड़ने से यह कैंसर में मददगार साबित होता है.

कैंसर तो जानलेवा बीमारी है ही. सॉफ्ट टिशू सरकोमा भी कैंसर का ही लक्षण है. अगर समय रहते इसका पता चल जाए और इलाज शुरू किया जाए तो इसे रोकना संभव हो सकता है. #SoftTissueSarcoma

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