Home Health Care बच्चों को अंगूठा चूसने की आदत से ऐसे मिलेगी निजात!

बच्चों को अंगूठा चूसने की आदत से ऐसे मिलेगी निजात!

अधिकतर बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत रहती है और करीब 4 वर्ष तक इस प्रक्रिया को सामान्य माना जाता है. अगर इससे भी ज्यादा दिनों तक बच्चा इसकी आदत नहीं छोड़ता है तो फिर इसे हल्के में बिल्कुल ना लें. Habit of child in hindi

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अधिकतर बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत रहती है और करीब 4 वर्ष तक इस प्रक्रिया को सामान्य माना जाता है. अगर इससे भी ज्यादा दिनों तक बच्चा इसकी आदत नहीं छोड़ता है तो फिर इसे हल्के में बिल्कुल ना लें. बच्चे की इस आदत (habit of child in hindi) से माता-पिता बेहद चिंतित होते हैं क्योंकि इसका बच्चे के शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इससे एक तो बच्चे का शारीरिक विकास प्रभावित होता है और साथ ही बच्चे का अंगूठा पतला भी हो जाता है. थोड़ा ध्यान दिया जाए तो बच्चे को इस आदत से छुटकारा दिलाया जा सकता है.

आइए जानते हैं बच्चों में इस लत के कारण व इसे दूर करने के उपाय:

Habit of child in Hindi | source: istock

1. क्यों अंगूठा चूसते हैं बच्चे?

बच्चे भूख लगने पर जब इसे व्यक्त नहीं कर पाते तब उन्हें अंगूठा चूसने की लत लग जाती है और इससे बच्चे को आराम भी मिलता है.

बोतल से दूध पीने वाले बच्चे में यह आदत अक्सर देखी जाती है. दूध पीते वक्त जब बोतल जल्दी खाली हो जाता है और उनकी भूख खत्म नहीं होती तो ऐसे में उन्हें अंगूठा चूसने की लत (habit of child in hindi) लग जाती है.

कहा जाता है कि जब बच्चों के दांत निकलने लगते हैं तो उनके जबड़े में खारिश होने लगती है. ऐसे में जब वे अंगूठा चूसते हैं तो उन्हें आराम मिलता है और इससे भी उन्हें अंगूठा चूसने की आदत लग जाती है.

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कई बार तो भरपूर प्यार ना मिलने, अनिंद्रा की समस्या, तनाव व असुरक्षित महसूस करने की वजह से भी बच्चे में चार से पांच वर्ष की उम्र में यह आदत घर कर जाती है.

Habit of child in Hindi | source: istock

2. अंगूठा चूसने का दुष्प्रभाव:

अंगूठा चूसने वाले अधिकांश बच्चों के सामने के दांत टेढ़े-मेढ़े आते हैं, दातों के बीच में गैप आने लगता है या फिर सामने के दांत ऊंचे हो जाते हैं.

दांतों के बीच में आने वाले गैप के कारण बच्चे को साफ-साफ बोलने में असुविधा होती या फिर यूं कहें कि उसकी आवाज साफ नहीं निकलती.

खेलने की वजह से अंगूठे गंदे रहे और उसकी सही से सफाई ना की जाए तो इसे चूसने पर बच्चे में संक्रमण होने की संभावना रहती है.

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अंगूठा चूसने की लत बच्चे के शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है.

Habit of child in Hindi | source: achildsbestsmile

3. ऐसे मिलेगी समस्या से निजात, आजमाकर देखिए:

  • बच्चे को तेज भूख लगने के कारण वह अंगूठा चूसने की आदत का शिकार होता है. अगर बच्चे के खाने में ज्यादा समय का अंतराल रखे बगैर थोड़ी-थोड़ी देर पर उसे खाने को दिया जाय तो बच्चे से इस आदत को छुड़ाने में सहायता मिलेगी.
  • जब बच्चा अंगूठा चूस रहा हो तो उसे डांटने व मारने की बजाय उसका ध्यान भटकाने के लिए खिलौना देना उपयोगी सिद्ध होगा.
  • ऐसा देखा जाता है कि अगर बच्चे को अंगूठा चूसने के लिए डांटा जाता है तो वह और ज्यादा चूसने लगता है. तो ऐसे में बच्चे को प्यार से समझाना चाहिए.
  • ध्यान रहे कि बच्चे की इस आदत के बारे में उसे बार-बार टोकें नहीं अन्यथा वह इसे और भी ज्यादा करने लगता है. अगर बच्चा तनाव या अनिद्रा में रहे तो उसे प्यार से समझाएं नहीं तो बच्चा ऐसे में भी अंगूठा चूसना शुरू कर देता है.
  • बच्चे को हमेशा व्यस्त रखने की कोशिश करें और इसके लिए बच्चे के हाथों में खिलौना आदि देकर रखें.
  • इसके बाद भी अगर बच्चा यह आदत नहीं छोड़े तो फिर किसी मनोचिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए.
  • कई बार ऐसा देखा जाता है कि काम के दौरान बच्चा परेशान ना करे इससे मुक्ति के लिए माताएं बच्चे के हाथों में चूसनी पकड़ा देती हैं. धीरे-धीरे यह आदत अंगूठा चूसने की लत में परिणत हो जाती है.

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छोटे बच्चे ज्यादातर वही काम बार-बार करते हैं जिनमें उनको मजा आता है. लेकिन ऐसे में माता-पिता को ध्यान रखने की जरूरत होती है. जैसे ही लगे कि बच्चा कुछ गलत कर रहा है या फिर कुछ आदतन (Habit of child in Hindi) कर रहा है तो उसे मना करें, समझाएं. इतना ही नहीं, उस पर नजर रखते रहें ताकि उसे उससे निजात मिल सके.

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