Home Annex जीवन की बेहतरी के लिए तकनीक क्यों जरूरी है?

जीवन की बेहतरी के लिए तकनीक क्यों जरूरी है?

भारतीय वैज्ञानिक और औद्योगिक संस्थाओं के लिए राष्ट्रीय तकनीक दिवस का विशेष महत्व है. आज तकनीक की सहायता से ही हम तमाम कार्यों को बड़ी आसानी से कर पातें हैं.

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तकनीक (National Technology Day) के इस युग में हमारा जीवन मानों पूरी तरह तकनीक पर ही निर्भर हो चुका है. या फिर यह भी कह सकते हैं कि तकनीक के बिना जिंदगी अधूरी है. आज तो तकनीक इंसान की जंदगी का अहम हिस्सा बनती जा रही है. तकनीक ऐसा वरदान है जो हमारे कार्यों को आसान बनाने में काफी मददगार साबित होता है. तकनीक की सहायता से हम तमाम कार्यों को बड़ी आसानी से कर पातें हैं.

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National Technology Day । source: sadhguru

इसलिए विकास का दूसरा नाम तकनीक है. किसी देश की उन्नति तकनीक पर ही निर्भर करती है. जिस देश में टेक्नोलॉजी जितना विकसित होगा वह देश उतना ही ज्यादा प्रगतिशील होगा. टेक्नोलॉजी आज लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है. जहां तक भारत की बात है तो इस देश में भी तकनीक का विकास प्रगति पर है.

तकनीक के बल पर ही वर्ष 1998 में भारत एक उभरता हुआ परमाणु शक्ति बन गया था. 11 मई 1998 को ही परमाणु परिक्षण सफल हुआ था. उसी वक्त पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1999 से इसी दिन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाने की घोषणा की थी. इस परीक्षण को अंजाम देने में अब्दुल कलाम आजाद का बड़ा हाथ रहा.

इनके मार्गदर्शन में ही देश ने इस परमाणु परीक्षण को पूरा किया था. तभी भारत छठे न्यूक्लेयर पावर के रूप में उभरा था.

वर्ष 1999 से लगातार तकनीक (National Technology Day) विकास बोर्ड की तरफ से तकनीक दिवस का पालन किया जा रहा है. इसके अलावा प्रति वर्ष एक थीम का आयोजन कर उसके आधार पर तरह-तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

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National Technology Day । source: amazonaws

महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts):

पहले घरेलू स्तर पर तैयार एयरक्राफ्ट ‘हंस-3’ का परीक्षण 11 मई 1998 को किया गया था.

इंडिया में इसी दिन त्रिशूल मिसाइल का भी सफल परीक्षण हुआ था.

इसी दिन ऑपरेशन शक्ति (पोखरण – 2) का परीक्षण किया गया था.

यह वह वक्त था जब बहुत कम देशों के पास परमाणु शक्ति हुआ करती थी. इस परीक्षण के बाद भारत परमाणु क्लब में शामिल होने वाले छठा देश बन गया था.

11 मई को प्रति वर्ष टेक्नोलॉजी विकास बोर्ड भारत स्वदेशी प्रौद्योगिकी में योगदान करने वालों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित करती है.

सीधे तौर पर कहें तो हमारे जीवन में यह दिन विज्ञान के महत्व को गौरवान्वित करता है. लोगों में विज्ञान के प्रति प्रेरणा भी देता है.

अब जानते हैं ‘ऑपरेशन शक्ति’ के बारे में:

पहला परमाणु परीक्षण मई 1974 में स्माइलिंग बुद्धा के नाम से किया गया था. जबकि दूसरा परीक्षण पोखरण -2 था. जो मई 1998 में भारतीय सेना के पोखरण टेस्ट रेंज में भारत द्वारा प्रशासित परमाणु बम विस्फोट के पांच परीक्षणों की एक श्रृंखला थी.

पोखरण -2 या ऑपरेशन शक्ति में पांच परीक्षण शामिल थे. जिनमें एक संलयन बम व बाकी चार विखंडन बम थे.

ऑपरेशन शक्ति या पोखरण – 2 वर्ष 1998 में 11 मई को दो विखंडन और एक संलयन बम के परीक्षण के साथ शुरू किया गया था.

वर्ष 1998 में 13 मई को अतिरिक्त विखंडन बम का परीक्षण हुआ था. तब भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन भारत को पूर्ण परमाणु राज्य घोषित करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी.

ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन शक्ति-98’ था. पांच परमाणु उपकरणों को शक्ति 1 से शक्ति 5 के रूप में वर्गीकृत किया गया था. यह पूरा ऑपरेशन पोखरण – 2 के रूप में जाना जाता है.

पोखरण -1 का परीक्षण वर्ष 1974 में हुआ था.

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कार्यक्रम (Important Facts):

11 मई को प्रति वर्ष विभिन्न तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. यह कार्यक्रम विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से किया जाता है.

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National Technology Day । source: tosshub

राष्ट्रीय तकनीक दिवस (National Technology Day) के अवसर पर देश के राष्ट्रपति राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार प्रदान करते हैं.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार भी प्रदान करते हैं. यह पुरस्कार तकनीक के क्षेत्र में अपना योगदान देने वालों को दिया जाता है.

राष्ट्रीय तकनीकी दिवस के कार्यक्रम के माध्यम से विज्ञान व तकनीक के द्वारा इससे होने वाले लाभ की जानकारी दी जाती है. इससे संपूर्ण राष्ट्र तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर होता है. सीधी सी बात है कि तकनीक के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती. पर इसके लिए लोगों में जागरुकता की आवश्यकता है.

तकनीकी दिवस (National Technology Day) के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है.

तकनीक किसी देश की प्रगति का सशक्त माध्यम होता है. इसके बिना भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती.

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परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty):

परमाणु अप्रसार संधि का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना है. 1 जुलाई 1968 से इस समझौते पर हस्ताक्षर होना शुरू हुआ था. इस संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की संख्या अभी 191 है. इनमें से 5 अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के पास आण्विक हथियार हैं. ये देश परमाणु हथियारों का विस्तार रोकने व परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण ढ़ंग से इस्तेमाल को बढ़ावा देने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का एक हिस्सा है.

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National Technology Day । source: ideatodays

भारतीय वैज्ञानिक और औद्योगिक संस्थाओं के लिए राष्ट्रीय तकनीक दिवस का विशेष महत्व है. आज तकनीक की सहायता से ही हम तमाम कार्यों को बड़ी आसानी से कर पातें हैं. देश में हो रहे तकनीकी विकास के प्रति लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए. इस आलेख में हमने तकनीक से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की है. इसे पढ़ कर ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. #NationalTechnologyDay

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