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World Dance Day: डांस ऐसे रखता है आपको तंदुरुस्त और तरोताजा

खुद को स्वस्थ बनाए रखने की बहुत सारी तरकीबें हैं. पर क्या आप जानते हैं कि नृत्य भी मानव शरीर को सेहतमंद बनाता है. नृत्य करने के बहुत सारे फायदे हैं.

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खुद को स्वस्थ बनाए रखने की बहुत सारी तरकीबें हैं. इन तरकीबों का आप अनुसरण भी करते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि नृत्य भी मानव शरीर को सेहतमंद बनाता है. नृत्य करने के बहुत सारे फायदे हैं. इससे शारीरिक लाभ के साथ-साथ कई तरह के मानसिक लाभ भी है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन के मुताबिक डांस (World Dance Day) आपकी याद्दाश्त को मजबूत करता है. नृत्य से शरीर में लचीलापन आता है.

शरीर लचीला होने का यह फायदा है कि इससे ज्वाइंट पेन में काफी राहत मिलती है. अगर आप डांस के शौकिन हैं तो आपके लिए सुनहरा अवसर है. वो यह कि आप अपने डांस के शौक को पूरा करने के साथ-साथ सेहत को भी लाभ पहुंचा रहें हैं. नृत्य के प्रति लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से ही 29 अप्रैल 1982 से विश्व नृत्य दिवस (World Dance Day) का पालन किया जा रहा है.

World Dance Day

जागरुकता

यूनेस्को के अंतरराष्ट्रीय थियेटर इंस्टीट्यूट की अंतरराष्ट्रीय डांस कमेटी द्वारा 29 अप्रैल को नृत्य दिवस (World Dance Day) के रूप में स्थापित किया गया. महान रिफॉर्मर जीन जार्ज नावेर की जन्म की याद में यह दिन अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के रूप में मनाय जाता है. इस दिवस को मनाने का मूल उद्देश्य यह है कि लोगों में नृत्य के प्रति जागरुकता आए.

लोगों के बीच डांस का अलख जगाकर विश्व स्तर पर इन्हें आकर्षित करना है. साथ ही वैश्विक स्तर पर सरकार की तरफ से नृत्य को शिक्षा की सभी प्रणालियों में उचित स्थान उपलब्ध कराना था. वर्ष 2005 में नृत्य दिवस (World Dance Day) को प्राथमिक शिक्षा के रूप में केंद्रित किया गया था. स्कूलों में बच्चों द्वारा नृत्य पर निबंध लिखाए गए व चित्र भी बनाए गए. वर्ष 2007 में नृत्य को बच्चों को समर्पित किया गया.

नृत्य वेद की उत्पत्ति –

मान्यता है कि करीब 2000 वर्ष पूर्व त्रेतायुग में देवताओं की विनती पर ब्रह्मा जी ने नृत्य वेद तैयार किया था. संसार में नृत्य की उत्पत्ति तभी से मानी जाती है. इस नृत्य वेद में सामवेद, अथर्ववेद, यजुर्वेद, व ऋग्वेद से कई चीजों को शामिल किया गया थी. नृत्य वेद की रचना पूरी होने के बाद भरत मूनि के सौ पुत्रों ने नृत्य का अभ्यास किया था.

नृत्य की विविध शैली –

कथकली

17वीं शताब्दी में कथकली नृत्य केरल राज्य से आया था. इस डांस में आकर्षक वेशभूषा, इशारों व शारीरिक थिरकन से एक कहानी को दर्शाया जाता है. इसमें कलाकार को गहरे रंग का श्रृंगार किया जाता है. जिससे उसके चेहरे की अभिव्यक्ति स्पष्ट दिखाई दे.

मोहिनीअट्टम

मोहिनीअट्टम नृत्य कलाकार का ईश्वर के प्रति प्यार व समर्पण को दर्शाता है. यहां नृत्यांगना खूबसूरत बॉर्डर वाली सफेद साड़ी पहनकर नृत्य करती है. कपड़ों के साथ गहने भी भारी होते हैं. इसमें श्रृंगार सादा किया जाता है.

ओडिसी

अडिसी डांस ओडिसा राज्य का प्रमुख डांस है. यह नृत्य भगवान कृष्ण के प्रति आराधना को दर्शाने वाला है. इसकी सुंदर छवि भुवनेश्वर स्थित उदयगिरी की पहाड़ियों में दिखती है. उड़ीसा के पुरी में बने भगवान जगन्नाथ के मंदिर व सूर्य मंदिर कोणार्क पर इसकी कलाकृतियां बनी है.

World Dance Day

कथक

इसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश से हुई है. इस नृत्य में राधा-कृष्ण की नटवरी शैली को प्रदर्शित किया जाता है. संस्कृत शब्द कहानी व कथार्थ से इस कथक शब्द की उत्पत्ति हुई है। मुगलराज आने के बाद यह नृत्य मुस्लिम दरबार में किया जाने लगा. तो इस नृत्य पर मनोरंजन हावी होने लगा.

भरतनाट्यम

भरतनाट्यम एक शास्त्रीय नृत्य है, जो तमिलनाडु राज्य का है. पुराने जमाने में मंदिरों में नृत्यांगनाओं द्वारा इसे किया जाता था. उन्हें देवदासी कहते थे. यह एक पारंपरिक नृत्य है. यह पूरे विश्व में लोकप्रिय है. इसे पवित्रता व कोमलता के लिए जाना जाता है.

कुचिपुड़ी

यह नृत्य भगवान मेला नटकम नाम से भी जाना जाता है. यह आंध्रप्रदेश राज्य का नृत्य है. इसमें गीत, चरित्र की मनोदशा एक नाटक से शुरू होती है. इस नृत्य में वायलिन, मृदंगम, बांसुरी की संगीत होती है. इसमें हिस्सा लेने वाले कलाकार जो गहने ‘बेरुगू’ पहनते हैं वो बहुत हल्के लकड़ी के बने होते हैं.

मणिपुरी

शास्त्रीय नृत्यरूपों में से एक यह मणिपुरी राज्य का प्रमुख नृत्य है. प्राचीन समय में इसे सूर्य के चारों ओर घूमने वाले ग्रहों की संज्ञा दी गई है.

नृत्य के फायदे –

दिल के लिए लाभकारी

अगर कोई हृदय व रक्तवाहिकाओं की बीमारियों से पीड़ित है तो उनके लिए डांस बहुत लाभदायक सिद्ध होता है. वहीं दिल की बीमारी के मरीज डांस करते हैं तो उनका स्वास्थ्य व श्वसन प्रक्रिया सुधरी रहती है.

वजन नियंत्रण

नृत्य करने के इतने फायदे हैं जिसकी जानकारी रखना जरूरी है. आप जानते हैं कि डांस करने से हमारे शरीर की कितनी कैलोरी बर्न होती है. इसे ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है. अगर आपको अपना वजन कम करना है तो फ्रीस्टाइल डांस सबसे बेहतर विकल्प है. नृत्य करने से शरीर लचीला तो होता ही है, यह मोटापा कम करने में भी सहायक होती है.

पॉस्चर में सुधार

पॉस्चर में किसी तरह की दिक्कत महसूस हो तो आप तुरंत ही नृत्य करने की आदत डाल लें. अगर आप नियमित रूप से डांस करते हैं तो आपके पॉस्चर में सुधार आना शुरू हो जाता है.

ऊर्जा वृद्धि

साप्ताहिक नृत्य कार्यक्रम शारीरिक परफॉर्मेंस में वृद्धि करता है. नृत्य करने से शरीर का ऊर्जा स्तर काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा नृत्य नहीं करने वाले लोगों की तुलना में जो नृत्य करते हैं उनमें स्टैमिना अधिक होती है.

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तनाव से मुक्ति

अगर आप तनाव महसूस कर रहे हो तो म्यूजिक ऑन कर और डांस शुरू कीजिए. डांस करने से आपको रिलैक्स महसूस होगा. जर्नल ऑफ अप्लाइड जेरोन्टोलॉजी की रिसर्च के अनुसार पार्टनर डांस आपको तनाव मुक्त करने में काफी मददगार होता है.

बगैर किसी चिंता के अगर आपको स्वस्थ शरीर मिले तो कितना अच्छा होगा. शरीर को स्वस्थ रखने का एक सशक्त माध्यम नृत्य है. इसकी सहयता से आप कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं. इस आलेख में भी संगीत से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया है. क्या आपको नृत्य करना पसंद है? अगर हां तो आप भी इस आलेख के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं. अगर आप हमारे विचार से सहमत हैं तो इसका अनुसरण करें? ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें. #वर्ल्डडांसडे

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