Home Education Women’s Day: इन 11 बेटियों पर पूरे देश को नाज है!

Women’s Day: इन 11 बेटियों पर पूरे देश को नाज है!

यहां जानते हैं उन प्रेरणादायक बेटियों के बारे में जिन पर पूरे भारत को गर्व है!

नारी सशक्तिकरण और उनकी उपलब्धियों को दर्शाने के लिए प्रति वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का पालन होता है. खेल, सिनेमा, राजनीति हो या उद्योग जगत, हर क्षेत्र में आपको ऐसी महिलाएं मिल जाएंगी जो आपकी प्रेरणा बन सकती हैं. जैसे कल्पना चावला, किरण बेदी, मैरी कॉम हो या फिर मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा!

यहां जानते हैं उन प्रेरणादायक बेटियों के बारे में जिन पर पूरे भारत को गर्व है!

11-Inspirational-Daughters-of-India-1

1. छवि राजावत

छवि राजावत जयपुर से 60 किलोमीटर दूर स्थित टोंक जिले के छोटे से गांव सोड़ा की सरपंच हैं. उनका जन्म जयपुर में हुआ था. छवि भारत की सबसे कम उम्र की सरपंच हैं. उनके पास एमबीए की डिग्री है और वह कार्पोरेट जगत में अच्छी नौकरी भी करती थीं. लेकिन सरपंच बनने के लिए छवि ने अपनी नौकरी भी छोड़ दी. उनके सरपंच बनने के बाद तो सोड़ा गांव की सूरत बिल्कुल ही बदल गई है. राजस्थान जैसे पुरुषवादी समाज में छवि राजावत के लिए यह राह आसान नहीं थी. काबिलियत के कारण ही वह वर्ष 2013 में भारतीय महिला बैंक की निदेशक भी बनीं थी.    

2. मिताली मधुमिता

वर्ष 2010 में काबूल में भारतीय दूतावास पर आतंकवादी हमले के दौरान मिताली ने अदम्य साहस का परिचय दिया था. इसके लिए वह सेना का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला सैन्य अधिकारी हैं. इस हमले में 7 भारतीयों समेत करीब 19 लोगों की जानें गई थी. वो जम्मू-कश्मीर और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भी अपनी सेवा दे चुकी हैं.

3. किरण बेदी

किरण बेदी भारतीय पुलिस सेवा में वर्ष 1972 में शामिल हुई थी. वह भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं. अपने बेहतर कार्य को लेकर तो वे हमेशा ही सुर्खियों में रहती थी. लेकिन जब उन्होंने इंदिरा गांधी का वाहन रोक लिया था तब वह पूरी तरह लाइम लाइट में आ गई थी. सरकारी सेवा के लिए वह वर्ष 1994 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित हुई थी. अपने 35 वर्ष के कार्यकाल के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में अपनी इच्छा से रिटायरमेंट ले लिया था. वर्ष 2011 में वह अन्ना हजारे के आंदोलन के साथ जुड़ी और फिर उसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वर्तमान में वो पुडुचेरी की उप-राज्यपाल हैं.

4. बछेंद्री पाल

वर्ष 1984 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ही थी. वह एवरेस्ट की ऊंचाई छूने वाली दुनिया की 5वीं पर्वतारोही हैं. बछेंद्री पाल भारत में साहसिक खेलों के प्रवर्तकों में से एक हैं. 

5. मैरी कॉम

मैरी कॉम भारतीय महिला मुक्केबाज हैं. मणिपुर की रहने वाली मैरी कॉम एकमात्र भारतीय महिला जो पांच बार की विश्व एमेच्योर मुक्केबाजी चैंपियन हैं. उनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में लगातार 6 पदक जीतने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. अपने बेहतर खेल के लिए मैरी कॉम को साल 2003 में अर्जुन पुरस्कार और साल 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2009 में उनका चयन भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए भी हुआ था. इन दिनों मैरी इंफाल में एक महिला मुक्केबाजी फाउंडेशन चलाती हैं.

6. कल्पना चावला

अंतरिक्ष में जाने वाली सबसे पहली भारतीय महिला कल्पना चावला ही थी. दुर्भाग्य से  कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में उनका अपने यात्री दल के साथ मौत हो गई. अपनी इस यात्रा के दौरान कल्पना ने अंतरिक्ष में 31 दिन, 14 घंटे और 54 मिनट बिताया था. कल्पना संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कांग्रेस के अंतरिक्ष पदक से सम्मानित हुई थी. कल्पना हमेशा ही भारत की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी.

7. नीरजा भनोट

नीरजा भनोट वीर युवा फ्लाइट अटेंडेंट के नाम से जानी जाती हैं. 5 सितंबर 1986 के मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे पैन एम फ्लाइट में सवार यात्रियों को आतंकवादियों से बचाते हुए उनकी मौत हो गई थी. तब नीरजा की उम्र मात्र 22 साल थी. उस वक्त वह बच्चों को फ्लाइट से भागने में मदद कर रही थी. तभी आंतकियों ने उन्हें गोली मार दी थी जिससे उनकी मौत हो गई.

8. सानिया मिर्जा

सानिया मिर्जा ने भारतीय महिला टेनिस का नाम रौशन किया है. वह युवाओं व खेल की नई आइकॉन हैं. सानिया सभी चार ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता जितने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं. शानदार प्रदर्शन के कारण ही उन्हें 2006 में पद्मश्री, 2016 में पद्मभूषण और 2015 में राजीव गांधी खेल रत्न से पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

9. अरुणिमा सिन्हा

अरुणिमा एक राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी थीं. वर्ष 2011 में कुछ बदमाशों ने एक चलती ट्रेन से उन्हें धक्का दे दिया था. परिणामस्वरूप उन्हें अपन एक पैर गंवाना पड़ा. लेकिन इस गंभीर संकट में भी अरुणिमा ने हार नहीं मानी. महीनों बाद बिस्तर से उठने पर अरुणिमा ने निश्चय किया कि वो हार नहीं मानेंगी. इसके बाद माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर उन्होंने साबित कर दिया कि कुछ भी नामुमकिन नहीं है. उन्होंने आर्टीफीशियल ब्लेड रनिंग में भी अपनी धाक जमाई है. वर्ष  2015 में अरुणिमा ने ओपन नेशनल गेम्स में 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है.

10. साइना नेहवाल

साइना नेहवाल ने 4 अगस्त 2012 को बैडमिंटन के लिए कांस्य पदक जीतकर लंदन ओलंपिक में इतिहास रचा था. वह बैडमिंटन के लिए ओलंपिक में पदक जितने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. साइना विश्व जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप और सुपर सीरिज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं. उन्हें अपने खेल के लिए पद्मश्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

11. इंदिरा नुई

इंदिरा नुई दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं में शामिल हैं. फोर्ब्स पत्रिका में उन्हें दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं के वार्षिक सर्वेक्षण में 4 नंबर स्थान मिल चुका है. वर्तमान में इंदिरा पेप्सिको कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. पेप्सिको शुद्ध राजस्व के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य और पेय व्यवसाय है.

ये तो सिर्फ कुछ चुनिंदा नाम हैं. देश के हर कोने में ऐसी बहुत सारी बेटियां हैं जिनकी कहानी अपने आप में ही मिसाल कायम करती है.

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here