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लॉकडाउन में एंग्जाइटी का शिकार हुई अदिती राव हैदरी, जानिए कैसे निकली इससे बाहर- Aditi Rao Hydari Anxiety

लॉकडाउन के दौरान बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक अदिती राव हैदरी एंग्जाइटी का शिकार हो गई थी. (Aditi Rao Hydari Anxiety)

कोविड-19 की महामारी को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन लगाया गया. इस लॉकडाउन ने लोगों की रोजमर्रा की जीवनशैली को तो प्रभावित किया ही साथ में कई सारे लोग एंग्जाइटी (Aditi Rao Hydari Anxiety) और तनाव जैसी मानसिक बीमारियों की चपेट में आ गए. यह समस्या सिर्फ आम लोगों के साथ ही नहीं है बल्कि लॉकडाउन में सेलिब्रिटिज भी डिप्रेशन जैसी बीमारी के शिकार हो चुके हैं.

Aditi Rao Hydari

इस कड़ी में पद्मावत में दमदार अभिनय करने वाली बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक अदिती राव हैदरी (Aditi Rao Hydari Anxiety) भी शामिल हैं. अदिती ने हाल ही में लॉकडाउन के दौरान अपने एंग्जाइटी के अनुभव को साझा करते हुए कहा है कि वो भी एंग्जाइटी का शिकार हो गई थी. अदिती ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में बताया कि लॉकडाउन में वैसे तो वो अपने परिवार के साथ ही थीं लेकिन रोज वह निराश ही रहने लगी थीं.

“अदिती कहती हैं मैं इतनी ज्यादा चिंतित हो गई थीं कि कभी-कभी तो रोने भी लगती थीं. घर में रहने के दौरान मुझे सेट और शूटिंग की बहुत याद आती थी. मैं सेट पर जाने को मिस करती थीं और इन्हीं सबके बारे में सोच कर वह हमेशा निराश भी रहने लगी थीं.” “मेरे सामने कूड़ा पड़ा रहता था और मैं उसमें से कुछ सुंदर चीजें भी ढ़ूंढ़ा करती थी. इस दौरान मैंने समान रूप से तनाव में रहने वाले अपने कुछ प्रिय लोगों को बुलाया. इनकी मदद से मुझे बेहतर महसूस होना शुरू हुआ. ”

लॉकडाउन ने बहुत कुछ सिखाया- Aditi Rao Hydari Anxiety

वैसे तो लॉकडाउन में हर किसी को कठिन समय से गुजरना पड़ा लेकिन इस स्थिति ने हमें बहुत कुछ सिखाया भी है. फिर उन्होंने यह साझा किया कि किस तरह रचनात्मक पक्ष के साथ जुड़ने के लिए उन्होंने समय का सदुपयोग किया है और वह नए जुनून की तलाश में जुटी हैं. पिछले करीब 8-9 वर्षों में उन्होंने संगीत और नृत्य को वक्त नहीं दिया था. लेकिन मुझे फिर से अपने रचनात्मक पक्ष के साथ समय व्यतीत करने का अवसर मिला. साथ ही अदिती अपने चचेरे भाई के बैचेलर पैड के लिए फर्नीचर पेंटिंग में भी समय बिताया.

घर का काम भी सीखा- Aditi Rao Hydari Anxiety

लॉकडाउन के दौरान इन्होंने रसोई का काम भी सीख लिया और कई विशेष व्यंजनों में महारत भी हासिल कर लिया. यानी इन्होंने कुछ स्पेशल चीजें बनाना भी सीख लिया.

एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्या है?

एंग्जाइटी डिसऑर्डर (Aditi Rao Hydari Anxiety) एक तरह की मानसिक बीमारी है. इस बीमारी में मरीज को हमेशा नकारात्मक विचार, तनाव के साथ डर का आभास होता रहता है. समय रहते अगर इसका इलाज नहीं हो तो बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है. यहां तक कि इससे मिर्गी की भी समस्या हो सकती है. इस बीमारी का रोगी अपने साथ भी कुछ अहित कदम उठा सकता है.

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एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण- Aditi Rao Hydari Anxiety

  • एंग्जाइटी के मरीज जीवन में हर छोटी-छोटी बातों पर अधिक चिंता करता है. जिसकी वजह से रोजोना के काम भी सही से नहीं होते.
  • परेशान व्यक्ति का सिमपेथेटिक नर्वस सिस्टम बहुत तेज होता है. जिस वजह से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और बहुत सारा पसीना भी आने लगता है. शरीर कांपने के साथ-साथ मुंह भी सूखना शुरू हो जाता है.
  • लंबे समय तक थकान महसूस होना एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं. थकान अगर सिर दर्द या घबराहट के कारण है तो ये एंग्जाइटी के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं.
  • एंग्जाइटी डिसऑर्डर में नींद न आने के साथ-साथ तनाव होना.
    चिड़चिड़ापन, सोने में परेशानी, लोगों के साथ मिलने में दिक्कत, मसल्स में तनाव आदि.

एंग्जाइटी के कारण- Aditi Rao Hydari Anxiety

  • अगर किसी के परिवार में कभी भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या रही हो तो उस परिवार की अगली पीढ़ी में भी इस बीमारी के जाने की संभावना बनी रहती है.
  • तनाव पूर्ण माहौल भी एंग्जाइटी का कारण बन सकता है. डिप्रेशन पीड़ित व्यक्ति भी इस बीमारी का शिकार हो सकता है.
  • किसी तरह की शारीरिक परेशानी जैसे दमा, डायबिटीज, थॉयराइड व हृदय रोग भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर का कारण बन सकता है.
  • नशीली पदार्थों का सेवन करना भी एंग्जाइटी बीमारी का कारण बन सकता है.
  • कई बार तो देखा जाता है कि लोग परफेक्शन के चक्कर में एंग्जाइटी का शिकार हो जाते हैं.

एंग्जाइटी से बचाव के उपाय- Aditi Rao Hydari Anxiety

  • अपनी चिंता को कम करने के लिए आप मेडिटेशन का सहारा लें. हंसने वाली चीजें देखने से भी तनावमुक्त होने में मदद मिलती है.
  • आर्ट-क्राफ्ट और म्यूजिक का सहारा लेंगे तो तनाव से राहत मिलेगी.
  • हमेशा नकारात्मक बातों को सोचने से बचें और कभी भी अकेले मत रहें.
  • कम नींद लेना भी इस बीमारी का कारण हो सकता है. इसलिए भरपूर नींद लें.
  • गार्डनिंग, पेंटिंग, कुकिंग, वॉकिंग एवं स्वीमिंग से भी तनाव मुक्त रहने में मदद मिलती है.
  • भोजन हमेशा नियमित समय पर ही करें.

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