Home Health Care आरोग्य सेतु ऐप कोरोना से लड़ने में कितना कारगर है?

आरोग्य सेतु ऐप कोरोना से लड़ने में कितना कारगर है?

कोरोना संक्रमण से निबटने के लिये सरकारी तौर पर विभिन्न तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं. इनमें से एक है आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप (Arogya Setu Mobile App)

कोरोना वायरस का मामला भारत में केरल से सबसे पहले गत जनवरी महीने में सामने आया था. और देखते ही देखते इस महामारी ने गंभीर रूप धारण कर लिया. कोरोना संक्रमण से निबटने के लिये सरकारी तौर पर विभिन्न तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं. इनमें से एक है आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप (Arogya Setu Mobile App).

Arogya Setu Mobile App

जिसे केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस पर लगाम कसने के लिए लॉन्च किया है. यह ऐप आपको कोरोना वायरस संक्रमण के खतरों से आगाह करने में सहायता करता है. अगर आपके मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप है तो आप इसकी सहायता से अपने आसपास के कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में भी पता कर सकते हैं.

इंडिया में 24 मार्च से लॉकडाउन की शुरुआत होने के बाद गत 3 अप्रैल को केंद्र सरकार ने इस ऐप को लॉन्च किया है. आरोग्य सेतु एक फ्री ऐप है, जिसे सभी आईओएस और एंड्रॉएड फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है.

क्या है आरोग्य सेतु ऐपArogya Setu Mobile App

1. केंद्र सरकार द्वारा इस ऐप को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत लॉन्च किया गया है. इस ऐप में सबसे पहले यूजर को खुद का मूल्यांकन करना होता है.

2. यह ऐप कुल 11 भाषाओं में उपलब्ध है और इसे गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं.

3. इस ऐप को डाउनलोड करते समय यह सुनिश्चित करें कि आरोग्य और सेतु के बीच में कोई गैप न हो.

4. सबसे पहले तो इस ऐप में रजिस्टर करने के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. फिर उसी नंबर पर आए ओटीपी से आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

5. इस ऐप में आगे बढ़ते हुए आपको अपना जेंडर, उम्र, विदेश यात्रा का इतिहास, सर्दी, खाँसी और जुकाम आदि के बारे में हाँ या ना में सवाल पूछा जाएगा.

6. फिर आपसे डायबिटीज या हाइपरटेंशन के किसी इतिहास के बारे में भी जानकारी मांगी जाएगी. 

ऐप में मांगी जानकारी छुपाएं नहीं Arogya Setu Mobile App

7. इस ऐप में आपसे कई बार सही जानकारी देने की बात भी दोहराई जाएगी. इसलिए इस ऐप को डाउनलोड करते समय मांगी जा रही जानकारी को छुपाएं नहीं बल्कि पूछे गए सवालों की सही जानकारी दें. 

8. अब ऐप में सोशल डिस्टेंसिंग के मायने और तरीकों की तमाम जानकारियों के अलावा कोविड-19 से जुड़े सभी ताजा अपडेट्स भी मिलते रहेंगे.

9. यह ऐप ब्लूटूथ तकनीक और जीपीएस के माध्यम से आपकी मौजूदा लोकेशन का इस्तेमाल कर ट्रैक कर सकता है कि कहीं आप किसी कोरोना संक्रमित मरीज या कोरोना संक्रमण संदिग्ध के पास तो नहीं हैं.

10. इसके अलावा आप जरूरत के समय में अगर वॉलंटियर बनना चाहते हैं तो आप ऐप में यह जानकारी भी दर्ज कर सकते हैं.

11. ऐप को इंस्टॉ ल करने के बाद इसे खोलकर अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें.

12. इस ऐप का इस्तेमाल करने के लिए ब्लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत होती है. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए यह आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करता है. जिसके बाद बताता है कि आप कोरोना के जोखिम के दायरे में है या नहीं.

13. जब आप अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टहर करेंगे और ओटीपी से उसे वेरिफाई करेंगे तभी ये ऐप काम करता है.

ऐसे काम करता है ये ऐपArogya Setu Mobile App

ब्लूटूथ आधारित यह आरोग्य सेतु ऐप सोशल डिस्टेंसिंग की जांच करता है. क्योंकि ब्लूटूथ का दायरा 10 मीटर तक होता है और सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छह मीटर की दूरी निर्धारित की है. कई शोध में इसे 8 मीटर भी बताया गया है. 10 मीटर के दायरे में किसी के संपर्क में आने पर ब्लूटूथ आधारित ऐप आपको अलर्ट करता है. अगर आपके फोन में ऐसे ऐप्स हैं और आप किसी कोरोना संक्रमित इलाके में जाते हैं तो ऐप आपको अलर्ट कर देगा.

आरोग्य सेतु को 9.8 करोड़ लोगों ने किया डाउनलोड

कोरोना वायरस को रोकने के लिए यह ऐप एक हथियार के रूप में काम कर रहा है. इस ऐप को पहले ही सप्ताह में 4 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया था. जबकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा लॉन्च किए गए इस ऐप को अब तक करीब 9.8 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं. आरोग्य सेतु दुनिया में सबसे तेजी से डाउनलोड होने वाला ऐप बन चुका है.

बहुत ही जल्द यह 10 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाले ऐप में से एक होगा. आरोग्य सेतु ऐप में बहुत ही जल्द टेलीफोन के माध्यम से चिकित्सक के परामर्श की सुविधा भी जोड़ी जाएगी. केंद्र सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ अपनी इस जंग में इस ऐप की सहायता से दो लक्ष्यों को हासिल कर लिया है. सरकार का प्रथम लक्ष्य यह जानना था कि किस व्यक्ति की जांच की जाए और दूसरा लक्ष्य ये कि कहां अधिक जांच होनी चाहिए.

कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग इस ऐप को कोरोना वायरस के संक्रमण को ट्रेस करने के लिए ना सिर्फ भारत बल्कि और भी कई देश इस तरह के ऐप की मदद ले रहे हैं. एक रिपोर्ट की मानें तो कोरोना का सामना कर रही दुनिया की करीब 60 फीसद आबादी इस तरह के ऐप का इस्तेमाल कर रही है. बहुत सारे देशों में तो क्वारंटीन किए गए लोगों को ट्रैक करने के लिए स्मार्ट रिस्टबैंड का भी इस्तेमाल हो रहा है.

आरोग्य सेतु ऐप से ऐसे पता चलेगा जोखिम का स्तर

यह ऐप हरे और पीले रंग के कोड की मदद से आपके जोखिम स्तेर को बताता है. आरोग्य सेतु आपको यह सलाह भी देता है कि क्यार करना चाहिए. अगर आप किसी तरह के खतरे में नहीं हैं तो आप ग्रीन जोन में रहेंगे. इस ऐप के इस्तेमाल के लिए ब्लूटूथ और लोकेशन को ऑन रखना जरूरी है. ऐसे में आप जब भी किसी भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाते हैं, तो यह ऐप ब्लूटूथ  की मदद से आपके आसपास के मोबाइल से मैसेज का आदान-प्रदान करता रहता है. कोई व्यक्ति अगर 10 दिन बाद भी किसी कारणवश कोरोना पॉजिटिव हो जाता है तो आरोग्य सेतु आपको तुरंत सतर्क कर देगा. 

‘सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट’ फीचर का भी करें इस्तेमाल

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना चाहिए. यानी अपने-अपने ही रहना जरूरी है. इस ऐप पर आप ‘सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट’.  फीचर का भी इस्तेीमाल कर सकते हैं. इस फीचर उपयोग करने के लिए ऑप्शोन पर क्लिक करेंगे तो ऐप चैट विंडो खुल जाएगा. यहां यूजर के स्वास्थ्य और लक्षण से जुड़े कुछ सवाल पूछे जाएंगे. इसके लिए आप कोविड-19 हेल्थख सेंटर्स बटन पर क्लिक करें और अपने शहर की लोकेशन तक पहुंचने के लिए स्क्रॉएल डाउन करें.

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here