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Rani Thakur

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रानी लंबे समय से लेखन कार्य से जुड़ी हुई हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 7 वर्ष का अनुभव रखती हैं. ऑनलाइन मीडिया के विकास ने उन्हें अपनी ओर खींचा और वे अब यहां परवरिश के जुड़े बारीक मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ लिखती हैं. #YoDadi #HappyParenting

अपने बच्चे को ऐसे बनाएं आत्मविश्वासी कि जिंदगी में कुछ बड़ा...

जिस बच्चे में आत्मविश्वास की कमी होती है वह कभी भी किसी चैलेंज को लेने से घबराते हैं और घबराहट की वजह से वे अपने व माता-पिता की उम्मीदों पर खड़े नहीं उतरते.

खुद को मोटिवेट करने के इन 10 तरीकों से जीतिए जहान!

अमूमन देखा जाता है कि विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति नकारात्मक सोचने लगता है पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच का होना बेहद जरूरी है और सकारात्मक सोच के लिए खुद को मोटिवेट करना आवश्यक है.

क्या आपका बच्चा भी है जिद्दी, यहां है समाधान?

आमतौर पर बच्चे अपने मन की करना चाहते हैं. समस्या तब उत्पन्न होती है जब उन्हें आप मनमर्जी करने से रोकते हैं. बार-बार यही प्रक्रिया दोहराने से बच्चा धीरे-धीरे जिद्दी होने लगते है और अपनी जिद्द को पूरा करने के लिए वे रोना, चीखना, चिल्लाना शुरू कर देते हैं.

देश सेवा को हमेशा तत्पर रहते हैं हमारे सेना के जवान!

भारतीय सेना से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां जिसे जानना हम सबके लिए जरूरी है.

बेहतर भविष्य के लिए अपने बच्चे को दिलाएं ये 10 संकल्प!

आप अपने बच्चे को ये 10 संकल्प दिलाकर देखें सफलता जरूर मिलेगी.

गंगासागर मेले में बच्चे भी हैं साथ, तो ऐसे बरतें सावधानी!

अगर आप भी अपने बच्चों के साथ गंगासागर पुण्य स्नान करने जा रहे हैं तो बच्चों के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है.

युवाओं के लिए आज भी प्रेरणादायी है विवेकानंद के विचार!

आज के युवा आधुनिकता की चकाचौंध में खोते जा रहे हैं. आधुनिकता से प्रभावित होकर उनके राह बदल रहे हैं. धन-दौलत व ऐश्वर्य का जीवन ही उनका आदर्श बनता जा रहा है.

अपने बच्चे का ऐसे रखें ख्याल कि हमेशा रहे तंदुरुस्त!

आइए बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं जो कि बेहद जरूरी भी है.

नवजात शिशु की सेहत का ऐसे रखें ख्याल

नवजात बच्चे के लिए कुछ भी करने से पहले यह सोच लेना जरूरी होता है कि क्या उसके सही है और क्या गलत. रोजाना की जीवनचर्या में माता-पिता को अपने नवजात के लिए अलग से वक्त निकालने की जरूरत पड़ती है.

बच्चे को शिक्षा के साथ ही संस्कार देना है जरूरी

वर्तमान समय में यह महसूस किया जा रहा है कि जैसे-जैसे शिक्षित नागरिकों का प्रतिशत बढ़ रहा है, वैसे-वैसे समाज के संस्कारों में गिरावट आ रही है. हमें संस्कारों का सौंदर्य बोध होना चाहिए और बच्चे को भी इसका जानकारी देनी चाहिए.

खेल-खेल में ऐसे बच्चों को दे सकते हैं एडुकेशन!

हर बच्चे को खेलना बेहद पसंद होता है और आप अपने बच्चे को खेल-खेल में ही उसे इस प्रकार बहुत सारी जानकारियां दे सकते हैं.

आपकी इन आदतों का बच्चों पर होता है बुरा असर!

देखा गया है कि अभिभावक के ज्यादा जिम्मेदारी ले लेने से जिंदगी की दौड़ में बच्चे लीडर बनने की बजाए पिछलग्गू बने रहते हैं.
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