Tuesday, September 29, 2020
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Rani Thakur

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रानी लंबे समय से लेखन कार्य से जुड़ी हुई हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 7 वर्ष का अनुभव रखती हैं. ऑनलाइन मीडिया के विकास ने उन्हें अपनी ओर खींचा और वे अब यहां परवरिश के जुड़े बारीक मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ लिखती हैं. #HappyParenting

डिजिटल खिलौने से बच्चों पर होता है ये बुरा असर!

आधुनिकता के साथ ताल मिलाना सही है. पर इतना ज्यादा नहीं कि यह आपके उपर बुरा प्रभाव डालने लगे. जहां तक बच्चों के डिजिटल खिलौने की बात है तो इसका ज्यादा व्यवहार बच्चे की याददाश्त को कमजोर बनाता है.

गर्भावस्था में हेल्दी डाइट का ध्यान रखना भी जरूरी!

गर्भावस्था (Pregnancy) बहुत नाजूक समय होता है. इस दौरान हर कदम फूंक-फूंक कर उठाना पड़ता है. थोड़ी सी भी ऊंच नीच आपके लिए बड़ी संकट खड़ी कर सकती है.

गर्भ में शिशु के कमजोर होने का कारण ये तो नहीं...

गर्भावस्था में आपके शिशु के शारीरिक विकास हेतु आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आइए इन्हीं बातों को यहां जानते हैं.

बच्चों के लिए मातृभाषा का ज्ञान होना कितना जरूरी है?

वैश्वीकरण के इस दौर में अंग्रेजी ही क्यों अन्य भाषाएं सीखना भी जरूरी है. लेकिन इससे ज्यादा जरूरी है पहले अपनी मातृभाषा का सम्मान करते हुए इसकी अच्छी जानकारी हासिल करना. मातृभाषा ही आपकी व देश की संस्कृति की पहचान होती है.

अगर बच्चे स्पोर्टस में रखते हैं रुचि तो इसमें भी है...

जिस तरह बेहतर भविष्य गठन के लिए पढ़ाई जरूरी है, उसी तरह खेल भी. अगर आपकी खेल में भी रुचि है तो इसमें भी भविष्य आजमाएं. ध्यान रहे कि पढ़ाई की अनदेखी न हो.

क्या आपके बच्चे को भी है एनीमिया, ऐसे करें उपचार!

एनीमिया नवजात शिशु में होने वाली सामान्य बीमारी है. पर यह बीमारी किसी जानलेवा बीमारी का भी घर हो सकती है. इसके कुछ लक्षणों पर ध्यान देकर आप समय रहते अपने बच्चे को इस बीमारी से राहत दिला सकते हैं.

क्या आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है डे-केयर?

कामकाजी अभिभावकों के लिए बच्चे को डे-केयर में भेजने का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. आपकी व्यस्तता के बीच बच्चे की देखभाल के लिए यह बेहतर विकल्प भी है. पर हां डे-केयर के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के बाद ही बच्चे को यहां भेजना सुरक्षित होगा.

इन उपायों को अपनाकर स्वाइन फ्लू से रहें सुरक्षित!

इन दिनों स्वाइन फ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में देशभर में इसके करीब 6701 मामले सामने आए हैं. जबकि 226 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

कामकाजी महिलाएं ऐसे रखें अपना ख्याल!

कामकाजी महिलाएं घर व ऑफिस को संभालने में तो निपुण होती हैं. पर इन दोनों के बीच अपनी सेहत व खूबसूरती का ख्याल रखना भी आपके लिए बहुत जरूरी है.

…ताकि खुश होकर स्कूल जाए आपका बच्चा!

किसी भी बच्चे के लिए स्कूल जाने की शुरूआत मुश्किल हो सकती है. पहली बार स्कूल जाने में हर बच्चे को डर लगता है क्योंकि उनके लिए यह दुनिया पूरी तरह से नई होती है. अगर आप कुछ तरीकों को अपनाएंगे तो आपका बच्चा निश्चित ही खुशी-खुशी स्कूल जाने को तैयार रहेगा.

सावधान: क्या आप भी बच्चों के सामने पीते हैं शराब!

अगर माता-पिता में से किसी एक को भी शराब की लत है तो इससे बच्चे का भावनात्मक विकास काफी प्रभावित होता है.

…तो गर्भावस्था में भी स्मार्टनेस रहेगी बरकरार!

प्रेगनेंसी के दौरान किसी महिला के लिए स्मार्ट दिखना भी एक चैलेंज जैसा होता है. आपका स्मार्ट दिखना आपके कपड़े पर निर्भर करता है. आप ऐसे कपड़ों का चयन करें जो आपको स्मार्ट लुक दे.

बच्चों को अंगूठा चूसने की आदत से ऐसे मिलेगी निजात!

अधिकतर बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत रहती है और करीब 4 वर्ष तक इस प्रक्रिया को सामान्य माना जाता है. अगर इससे भी ज्यादा दिनों तक बच्चा इसकी आदत नहीं छोड़ता है तो फिर इसे हल्के में बिल्कुल ना लें.

आपको भी है स्ट्रेचमार्क्स की समस्या? तो ऐसे पाएं निदान!

गर्भावस्था के दौरान शरीर में शरीर में खिंचाव से स्ट्रेचमार्क्स की समस्या आम है लेकिन यह काफी भद्दा दिखता है. जानिए कैसे इसका निदान संभव है!

बच्चों में बढ़ रहा कैंसर, आप भी स्वास्थ्य को लेकर रहें...

वैसे तो कैंसर बेशक जानलेवा है पर लाइलाज नहीं. इससे डरने के बजाय लड़ना जरूरी है क्योंकि इसका इलाज संभव है. समय रहते इलाज के साथ-साथ अगर आपके हौसले बुलंद हैं तो कैंसर को भी मात दिया जा सकता है.

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कितना सोना है नुकसानदेह!

प्रेगनेंसी के दौरान जिस तरह अधिक सोना हानिकारक है उसी तरह कम सोना भी गर्भवती महिला के उपर नकारात्मक प्रभाव डालता है. आइए जानते हैं कि इस दौरान कितना सोना चाहिए!

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