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बच्चे के बालों का सफेद होने की वजह और उपचार- baalon ka asamay saphed hona

बच्चों के बाल सफेद हो जाना माता-पिता को चिंता में डाल देती है. क्योंकि इसका असर बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ता है. (baalon ka asamay safed hona)

आमतौर पर बालों का सफेद होना (baalon ka asamay saphed hona) बढ़ती उम्र की निशानियों में शामिल है. लेकिन आजकल के बदलते वातावरण में यह ना सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी है बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं. बच्चों के बाल असमय सफेद हो जाना माता-पिता को चिंता में डाल देती है. आपके बच्चे के सिर पर भी अगर सफेद बाल दिखे तो आप भी अवश्य चिंतित होंगे.

white hair

लेकिन अगर एक या दो बाल सफेद हैं तो इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है लेकिन अधिक बाल सफेद होने पर ध्यान देने की जरूरत है. बालों का सफेद होना यानी बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.

इसके अलावा सफेद बाल (baalon ka asamay saphed hona) शरीर में किसी अन्य समस्या के भी संकेत हो सकते हैं. बच्चे पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ सकता है. इसकी वजह है कि सफेद बालों वाला बच्चा कहीं भी जाता है तो लोग उसे बार-बार देखते हैं. इस समस्या से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है कि बालों को सफेद होने से रोकने की कोशिश करना.

इस समस्या से निदान के लिए इसके कारण और बचाव के बारे में भी जानना जरूरी है. (baalon ka asamay saphed hona)

कारण

मेलानिन नामक खास तत्व की वजह से बालों का रंग काला होता है. धीरे-धीरे बढ़ती उम्र के साथ इस तत्व की कमी होने लगती है और बालों का रंग सफेद होना शुरू हो जाता है. लेकिन कई बार समय से पहले ही बालों का रंग सफेद होने लगता है. इसके मुख्य कारण हैं-

आनुवांशिकता – baalon ka asamay saphed hona

आनुवांशिकता के कारण भी बच्चों के बाल सफेद होने लगते हैं. शोध की माने तो जिन बच्चों के माता-पिता में बचपन में बाल सफेद होने की समस्या रहती है, उनके बच्चों के बाल भी छोटी उम्र में सफेद होने की संभावना रहती है.

पोषक तत्वों की कमी

खानपान पर ध्यान नहीं देने से बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. शरीर में पोषक तत्व की कमी के कारपण भी बच्चों के बाल सफेद होने लगते हैं. जानकारी के मुताबिक विटामिन डी एवं विटामिन बी-12 के साथ कॉपर, आयरन, जिंक और कैल्शियम की कमी के कारण भी बच्चों में मेलानिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसके बालों के प्राकृतिक रंग पर असर पड़ता है. यानी मेलानिन कम होने से बालो का रंग सफेद होने लगता है.

कुछ बीमारियां भी है वजह

कभी-कभी बीमारियों की वजह से भी बच्चे का बाल सफेद होने लगते है. इनमें कुछ प्रमुख बीमारियां हैं जैसे – ग्रिससेल्ली, एलडेल्ड सिंड्रोम, चेडियाक-हिगाशी, एंजलमैन, विटिलिगो, हिस्टीडिनेमिया, फिनायलकेटोन्यूरिया, प्रैडरविली सिंड्रोम आदि.

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केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्सbaalon ka asamay saphed hona

बालों पर रसायनों का बुरा प्रभाव पड़ता है. केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से भी बालों का रंग सफेद हो जाता है.

अधिक धुएं के संपर्क में आने पर

ज्यादा समय तक धुएं के संपर्क में रहने वाले बच्चों के बालों पर इसका असर पड़ता है, जिससे बच्चों के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं. बच्चे के आस-पास हमेशा घूम्रपान होने पर भी इसका असर बालों पर देखा जाता है.

खान-पान भी है वजह

आजकल तो फास्ट फूड का चलन काफी ज्यादा है. यह फास्ट फूड भी बच्चों के बाल सफेद (baalon ka asamay saphed hona)होने की एक मुख्य वजह है. चीनी और कार्बोहाइड्रेट का ज्यादा सेवन करने से शरीर में मेलेनिन के उत्पादन की क्षमता कम हो जाती है. जिसके फलस्वरुप बाल सफेद होने लगते हैं.

खून की कमी

शरीर में खून की कमी से भी बाल सफेद होने लगते हैं.

ल्युकेमिया

ल्युकेमिया में शरीर में मेलेनिन की कमी होती है और बच्चे के बाल सफेद होने लगते हैं.

अन्य वजहें

सूर्य से आने वाली अल्ट्रा-वायलेट किरणें, मानसिक तनाव, प्रदूषण की वजह से भी बाल सफेद हो जाते हैं. यह स्थितियां बच्चे में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस उत्पन्न कर बालों में रंग की वजह मेलानिन को कम कर देता है और बाल धीरे-धीरे सफेद होने लगते हैं.

कारगर उपाय

आंवला और नारियल तेल

आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट बालों को सफेद होने से रोकने में मदद करता है. जबकि नारियल का तेल सिर की त्वचा को नमी प्रदान करता है. इसके लिए ताजा आंवला या आंवला पाउडर को नारियल के तेल में मिलाकर उबाल लें. फिर इस तेल के ठंडा होने पर सिर में मालिश कर लें.

बादाम तेल और आंवला जूस

बादाम के तेल के साथ आंवले के रस को समान मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण से सिर में मालिश करें. कुछ दिनों तक यह प्रक्रिया दोहराने में बच्चों के बाल सफेद होने से रोका जा सकता है.

विटामिन ए

हरी सब्जियां और पीले फलों में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाई जाती है. यह विटामिन मुख्य रूप से बच्चे के सिर की त्वचा और बालों के स्वास्थ्य रखने के साथ-साथ बालों को चमकदार भी बनाता है. आंखों की रोशनी बढ़ाने का भी कारगर उपाय विटामिन ए है.

विटामिन बी

विटामिन बी बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूती प्रदान करता है. यह विटामिन हरी पत्तेदार सब्जियों, दही, केला, टमाटर और फूलगोभी में पाया जाता है. इसलिए बच्चे के खाद्य पदार्थ में इन सभी चीजों को शामिल करना जरूरी है.

खनिज पदार्थ

सबसे महत्वपूर्ण खनिज आयरन, कॉपर और जिंक हैं. चिकेन, लाल मांस और हरी सब्जियों में जिंक पाया जाता है. ये सभी चीजें बच्चे के बालों की गुणवत्ता को बरकरार रखने में मदद करती है. वहीं अंडे, गेंहू, सूरजमुखी के बीज, अजमोद और सूखे खुबानी में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है. जबकि समुद्री भोजन करने से शरीर को कॉपर पर्याप्त मात्रा में मिल जाती है. भोजन में इन सभी चीजों को शामिल करने से बच्चों के बाल को सफेद होने से रोका जा सकता है.

नारियल तेल और नींबू का रस

नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर इससे बालों की मालिश करें. इससे बाल मजबूत भी होंगे और इनका काला होना भी रूक जाएगा.

तिल और बादाम का तेल

बादाम के तेल के साथ तिल का मिश्रण बनाएं. इससे सिर पर 20 मिनट तक मालिश करने के बाद 20 मिनट ऐसे ही रहने दें. फिर इसे गुनगुने पानी और हर्बल शैंपू से धो लें.

करी पत्ता और नारियल तेल

करी पत्ता को नारियल तेल के साथ मिलाकर तब तक उबालें जब तक वे काली ना हो जाए. इसके ठंडा होने के बाद बालों पर लगाएं. इससे बालों का रंग काला होगा.

गाय के दूध का घी

घी बालों की चमक को बनाए रखने और इसकी जड़ों को मजबूत बनाए रखने का कारगर उपाय है. सप्ताह में दो बार बालों में घी लगाकर इसे एक घंटे के लिए रहने दें, फिर बालों को धो लें. कुछ दिनों तक ऐसा करने से परिणाम दिखना शुरू हो जाएगा.

नींबू का रस और आंवला पाउडर

नींबू के रस में 2 चम्मच पानी और 4 चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं. इस मिश्रण को एक घंटे बाद सिर पर लगाकर आधे घंटे लगा रहने दें. इसके बाद इसे बिना शैंपू या साबुन के धो लें.
मेहंदी और मेथी के बीज का पाउडर

मेहंदी और मेथी के बीज का पाउडर

1 चम्मच मेथी के बीज का पाउडर, 2 चम्मच मेहंदी, कॉफी पाउडर, दही, 2 चम्मच तुलसी पत्ता का रस और 2 चम्मच पुदीने का रस एक साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को बालों पर लगाकर 2 घंटे के लिए रहने दें. इसके बाद बाल को शैंपू से धो लें.

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