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शिशु के लिए 12 सबसे जरूरी सामानों की सूची – Baby Care Essentials in Hindi

नवजात बच्चे की देखभाल करना भी कोई आसान काम नहीं है. यहां जानते हैं शिशु के लिए 12 सबसे जरूरी सामान कौन-कौन से हैं! Baby Care Essentials in Hindi

अपने नवजात बच्चे की देखभाल करना भी कोई आसान काम नहीं है बल्कि यह बहुत ही मुश्किल ड्यूटी है. शिशु के देखभाल के साथ-साथ उसकी साफ-सफाई का भी पूरी जिम्मवारी से ख्याल रखना पड़ता है. इसके लिए आपको कई तरह के बेबी प्रोडक्ट्स (Baby Care Essentials in Hindi) की जरूरत पड़ेगी. जिसमें साबुन, शैंपू, शॉवर जेल व डायपर प्रमुख है. लेकिन ध्यान रहे कि बेबी केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते समय अच्छे ब्रांड का होना बहुत जरूरी है. ब्रांडेड चीजों के इस्तेमाल से शिशु में किसी तरह के खतरा पहुंचने की संभावना कम रहती है.

Baby Care Essentials in Hindi

शिशु के लिए 12 सबसे जरूरी सामान कौन-कौन से हैं:

1. कपड़े – Baby Care Essentials in Hindi

कपड़े तो सबसे जरूरी चीज है लेकिन कई बार देखा गया है कि माता-पिता खुशी और उत्साह के मारे एक साथ बहुत सारे कपड़ों की खरीदारी कर लेते हैं. लेकिन बाद में वो कपड़े अनुपयोगी हो जाते हैं. क्यूंकि शुरुआत के दिनों में शिशु का शरीर तेजी से विकास करता है. तो एक साथ बहुत कपड़े खरीद लेने पर सभी छोटे हो जाते हैं. इसलिए आप नवजात बच्चे के लिए एक साथ बहुत कपड़े मत खरीदें. साथ ही इनके कपड़े खरीदते समय मौसम का भी ख्याल रखें. यानी मौसम के हिसाब कपड़ें लें.

2. डायपर – Baby Care Essentials in Hindi

नवजात की देखभाल के लिए डायपर की पैकेट जरूर खरीद लें. डायपर लेते समय भी अच्छे ब्रांड का ही चयन करें. साथ ही बच्चे की स्किन का भी ख्याल रखें. ताकि उसकी त्वचा के लिए ये हानिकारक साबित ना हो. इसे लेते समय आप सभी कंपनियों के बीच तुलनात्मक रूप से इसका चयन करें.

3. पालना Baby Care Essentials in Hindi

नवजात बच्चे के लिए पालना बहुत ही काम की चीज है. शिशु के लिए पालना एक आरामदायक बिस्तर है. इससे आपके बच्चे को सुलाने और खिलाने में काफी मदद मिलती है. बच्चे को इसमें लिटा देने पर वह निश्चिंत रहता है. इसकी खास बात है कि अगर आपने अपने शिशु को इसमें रख दिया है तो फिर आप भी निश्चिंत है. क्यूंकि इसमें से बच्चे के गिरने का कोई भय नहीं रहता और आप अपने काम बेफिक्र होकर कर सकते हैं.

4. दूध की बोतल और निप्पल – Baby Care Essentials in Hindi

छह महीने की उम्र तक शिशु को मां का दूध ही पिलाना उचित होता है. लेकिन नौकरीपेशा मां के लिए शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग करवाने के लिए ज्यादा समय नहीं होता है. इसलिए दूध की बोतल रहना बहबुत आवश्यक है. ऐसे में मां की अनुपस्थिति में भी बच्चे को दूध या फिर इसी बोतल में अन्य लिक्विड भी दिया जा सकता है. इस बोतल से कई बार तो बच्चे को दवा खिलाना भी आसान होता है. 

5. स्वॉडलिंग क्लॉथ – Baby Care Essentials in Hindi

शिशु को एक पतले कंबल या चादर में लपेट कर रखने के लिए इसका बहुत सालों से इंतजार किया जा रहा है. इससे बच्चे को गोद में लेना भी आसान होता है. इसमें बच्चे को सीधा सुलाया जाता है और बच्चे को इसमें आराम महसूस होता है.

6. नर्सिंग पिलो – Baby Care Essentials in Hindi

नर्सिंग पिलो का इस्तेमाल स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए जरूरी है. बच्चे को दूध पिलाते समय आप इस तकिए तो अपने पीछे रख कर पीठ को सपोर्ट दे सकती हैं.

7. बिब Baby Care Essentials in Hindi

बेबी प्रोडक्ट्स की शॉपिंग करते समय बिब ध्यान से खरीद लें. बच्चे को जब भी कुछ खिलाना होगा आप इसे बच्चे के गले में बांध दीजिए. इससे शिशु के कपड़े गंदे नहीं होंगे.

8. बर्प क्लॉथBaby Care Essentials in Hindi

शिशु जब भी दूध पीते हैं तो उन्हें डकार दिलाना आवश्यक है. लेकिन कभी-कभी डकार दिलाते समय बच्चा थोड़ा दूध भी बाहर फेंक देता है. इसलिए आपके पास इस समय एक कपड़े का होना जरूरी है. ताकि बच्चे के कपड़े गंदे ना हों.

9. मसाज ऑयल – Baby Care Essentials in Hindi

नवजात की त्वचा नाजुक होती है इसलिए उसकी मसाज के लिए क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित मसाज ऑयल का ही चयन करें. हमेशा चिकनाई रहित वाले मसाज ऑयल खरीदें ताकि बच्चे की त्वचा पर आसानी से लग सके. ऑयल से बच्चे की त्वचा पर नमी बरकरार रहती है.

10. मोजे – Baby Care Essentials in Hindi

शिशु को लिए कुछ जोड़ी मोजे भी खरीद लें. मोजा कभी भी छोटा ना हो इसका ध्यान रखें. क्यूंकि छोटे मोजे में शिशु की अंगुलियां दब कर उसे तकलीफ हो सकती है. बेहतर होगा बच्चे के लिए फीता वाला मोजा हीं लें.

11. बेबी थर्मामीटर – Baby Care Essentials in Hindi

शिशु के जन्म के बाद कुछ दिनों तक घर में बेबी थर्मामीटर होना बहुत ही जरूरी है. जन्म के शुरुआती कुछ दिनों तक बच्चे को जुकाम और बुखार की शंका बनी रहती है. ऐसे में यह थर्मामीटर बहुत काम की चीज है. इसके अलावा बच्चे को नहाने के लिए भी इसकी आवश्यकता है. शिशु को नहलाने से पहले पानी के तापमान को जांच लें.

क्यूंकि पानी का तापमान हमेशा बच्चे के अनुकूल होना चाहिए. बच्चे को नहलाने से पहले पानी के तापमान की जांच के लिए बेबी थर्मामीटर अपने घर में जरूर रखें. जांच कर लें कि शिशु को नहाते समय पानी का तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहना ठीक है.

12. आरामदायक स्ट्रोलर Baby Care Essentials in Hindi

पूरे दिन घर में रहते हुए आपका शिशु बोर हो सकता है इसलिए उसे घुमाने के लिए बाहर भी ले जाना जरूरी है. बच्चे को स्ट्रोलर में बैठाकर आप बाहर ताजी हवा में घुमा सकते हैं. इसे खरीदते समय ध्यान रखें कि इससे धूप में बचाव हो और किसी तरह की दुर्घटना भी ना हो. साथ ही स्ट्रोलर (Baby Care Essentials in Hindi) का मटेरियल गर्मी को अवशोषित करने वाला हो, जिससे इसके गर्म होकर शिशु को परेशानी ना हो.

प्रोडक्ट पैकेजिंग में इन बातों का रखें ध्यान:

  • सबसे पहले तो यह देख लें कि आप को प्रोडक्ट ले रहे हैं वो क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित है कि नहीं.
  • सिर्फ क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित लिखा ही मत देखें बल्कि प्रोडक्ट पर क्लीनिकली माइल्ड प्रमाणित के सील की जांच कर लें.
  • पैकेजिंग पर लिखे इंग्रेडिएंट की मार्जन ऑफ सेफ्टी लिखा होना जरूरी है कि इंग्रेडिएंट कितनी मात्रा में है.
  • फार्मूला एकदम सही तरीके से लिखा हो.
  • जो भी प्रोडक्ट ले रहे हैं वो माइक्रो बायोलॉजिकली सुरक्षित हो.
  • खुशबू वाली कोई भी चीज अच्छी तरह से जांची होनी चाहिए. ताकि इस्तेमाल करने से त्वचा पर किसी तरह का साइड इफेक्ट ना हो. (Baby Care Essentials in Hindi)
  • बेबी प्रोडक्ट की हर पैकेजिंग पर माता-पिता के इस्तेमाल करने की गाइडलाइन रहना चाहिए. ताकि इस्तेमाल करते समय किसी तरह की असुविधा ना हो.
  • हर पैकेजिंग दूषित वातावरण और पानी से बचाव को ध्यान में रखकर ही होना चाहिए.

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