Home Health Care गर्भ में शिशु के कमजोर होने का कारण ये तो नहीं है!

गर्भ में शिशु के कमजोर होने का कारण ये तो नहीं है!

क्या आप नहीं चाहतीं कि आपका बच्चा स्वस्थ हो. हर माँ की यही ख्वाहिश होती है. तो इसके लिए टेंशन लेने के बजाय कुछ सावधानियां बरती जाए तो आपका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ होगा. Weak Baby in Womb

एक गर्भवती महिला के लिए खुद के स्वास्थ्य का ख्याल रखना तो जरूरी है. ठीक उसी तरह गर्भ में पल रहे शिशु (Weak Baby in Womb) का भी ख्याल रखना अहम है. शिशु का शारीरिक विकास महिला के खान-पान पर ही निर्भर करता है.

गर्भवती जो खाना खाती है शिशु को भी उसी से पोषक तत्व मिलते हैं. इसलिए चिकित्सक गर्भावस्था में पोषक तत्वों से भरपूर आहार खाने की परामर्श दते हैं. ऐसा भोजन करने से प्रेगनेंसी के दौरान महिला भी स्वस्थ रहती है और शिशु भी. लेकिन संतुलित खानपान की अनदेखी कर अगर आप अधिक तेलयुक्त व मसालेदार भोजन करती हैं तो यह आपके साथ बच्चे के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है.

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source: rebelcircus

जानें कि किस तरह की चीजों का सेवन करना हानिकारक होता है:

1. बासी व ठंडा भोजन

अगर आप गर्भवती हैं तो ताजा आहार का है सेवन करें. ताजा भोजन पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह माँ व बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है. अगर आप बासी या फ्रीज से निकले ठंडे भोजन का सेवन करती हैं तो उसमें पोषक तत्वों की कमी होती है. ऐसा भोजन करने से महिला के साथ सेहत संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है. जिससे शिशु के विकास में भी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. शिशु का वजन कमने का यह एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है.

2. जंक फूडWeak Baby in Womb

गर्भावस्था के दौरान किसी भी महिला के जीभ का स्वाद बदलना तो सामान्य बात है. शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन की वजह से ऐसा होता है. ऐसी स्थिति में आपको बाहर का खाना खाने की इच्छा ज्यादा होती है. जबकि जंक फूड आपके लिए गैस एसिडिटी का कारण बन सकती है. गर्भस्थ शिशु (unborn baby) के लिए पोषक तत्वों की सख्त आवश्यकता होती है. जबकि जंक फूड में पोषक तत्व की मात्रा ना के बराबर होती है. अब जब पोषक तत्व ही नहीं मिलेंगे तो बच्चे का पर्याप्त विकास होगा कैसे? इसलिए माँ अगर पोषक तत्व युक्त आहार का सेवन करती है तो बच्चा भी पूरी तरह स्वस्थ रहता है.

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source: healthline

3. तेलयुक्त व मसालेदार भोजनWeak Baby in Womb

चिकित्सक हमेशा यही सलाह देते हैं कि गर्भावस्था में तेलयुक्त व मसालेदार भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें. ऐसा आहार लेने से आपके शरीर में वसा एकत्रित होने लगता है. शरीर पर वसा एकत्रित होने से वजन बढ़ने की परेशानी हो सकती है. इससे गर्भस्थ शिशु (unborn baby) के विकास की जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं हो पाता. जिससे बच्चे के कमजोर होने की संभावना रहती है. इसलिए गर्भावस्था में हमेशा संतुलित, ताजा व पौष्टिक आहार का सेवन करना ही माँ व बच्चा दोनों के लिए मददगार होता है.

4. मिलावटी चीजेंWeak Baby in Womb

गर्भावस्था का समय बेहद संवेदनशील होता है. ऐसे समय फूंक-फूंक कर कदम उठाना पड़ता है. जरा सी भी लापरवाही माँ व शिशु दोनों के लिए परेशानियों से भरा हो सकता है. ऐसी स्थिति में हमेशा घर का खाना खाने की ही कोशिश करें. बाजार में मिलने वाली चीजें जैसे मिठाइयां, बिना मौसम वाले फल आदि गर्भावस्था में हानिकारक होते हैं. बाजार में मिलने वाली ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिनमें मिलावट की जाती है. पूरी सावधानी के साथ इन मिलावटी चीजों से परहेज करना ही बुद्धिमानी है. इसकी वजह से इंफेक्शन की भी परेशानी हो सकती है.

माँ बनना दुनिया की तमाम खुशियों में अनमोल है. बच्चे ही मां के हृदय रूपी बगीचे के फूल होते हैं. जब आप गर्भवती होती हैं तो यह सिर्फ आपके लिए खुशियों भरा पल नहीं होता बल्कि पूरे परिवार की खुशियां इससे जुड़ी होती है.

5. कटा फलWeak Baby in Womb

पोषणयुक्त खान-पान के साथ ही गर्भवती महिला के लिए साफ-सफाई भी बहुत जरूरी विषय है. गर्भावस्था के दौरान कभी भी काफी देर से कटे हुए फल, बिना धुली सब्जियां व बिना ढ़क कर रखा हुआ खाने का सेवन नहीं करना चाहिए. इस तरह की चीजों पर हानिकारक बैक्टीरिया का जमाव होता है. बैक्टीरिया युक्त भोजन का सेवन करने से इंफेक्शन की समस्या से जूझना पड़ सकता है. इस इंफेक्शन के कारण भी गर्भ में पल रहे शिशु (unborn baby) के कमजोर होने की संभावना रहती है.

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source: The Bump

6. सड़क किनारे मिलने वाली चीजें

सड़क किनारे बिकने वाली चीजों पर बैक्टीरिया की मात्रा बहुत ज्यादा रहती है. जैसे चाट पकोड़ा, पानी-पुरी, समोसा, पकोड़ा आदि चीजे ज्यादातर सड़क किनारे ही बिकती है. पूरे दिन खुले में रहने की वजह से इस पर बैक्टीरिया का जमाव हो जाता है. गर्भवती महिला अगर इसका सेवन करती है तो यह उसके साथ-साथ गर्भस्थ बच्चे (unborn baby) के लिए भी नुकसानदेह होता है.

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7. लें चिकित्सक से परामर्श

गर्भावस्था में महिलाओं को विशेष रूप से अच्छे डाक्टर से परामर्श लेनी चाहिए. इस दौरान डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं तो खानी ही चाहिए साथ ही विटामिन बी9 कैप्सूल जरूर लेनी चाहिए. इन तमाम चीजों पर अगर आप अमल करती हैं तो आपका बच्चा स्वस्थ पैदा होगा. जबकि इन सभी बातों की अनदेखी करने वालों के बच्चों के कमजोर होने की संभावना रहती है. कमजोरी के अलावा अन्य परेशानियां भी हो सकती है.

हर माँ की ख्वाहिश होती है कि उसका शिशु पूरी तरह स्वस्थ पैदा हो. इसके लिए वह हर तरह के उपाय करती है. यहां हमने गर्भवती महिलाओं के लिए ये कुछ खास टिप्स दिए हैं. ऊपर बताए गए सुझाव पर अगर आप अमल करती हैं तो आप जरूर इससे लाभान्वित होंगी. ‘योदादी’ के साथ अपने अनुभव को कमेंट कर जरूर शेयर करें.

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