Home Health Care बच्चों को क्यों होती है तेज खांसी – कारण, लक्षण और निवारण

बच्चों को क्यों होती है तेज खांसी – कारण, लक्षण और निवारण

- की प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह विकसित व मजबूत नहीं होते. जिस कारण उनमें विषाणु संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. हर माता-पिता के लिए जरूरी है कि शिशु की खांसी के कारण, लक्षण व उपचार की जानकारी रखें.

बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह विकसित व मजबूत नहीं होते. जिस कारण उनमें विषाणु संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. नवजात बच्चों को लगातार खांसी की समस्या रहने पर पीड़ा व कंपकंपी के सात गले में दर्द की भी शिकायत हो सकती है. बच्चों की खांसी अगर लंबे समय तक रहती है तो यह माता-पिता की परेशानी का कारण बन जाती है. इसलिए हर माता-पिता के लिए जरूरी है कि बच्चों की खांसी के कारण, लक्षण व उपचार की जानकारी रखें. इससे आप समय रहते खुद ही बच्चे को भला-चंगा कर सकते हैं. सही देखरेख कई बार आपको कई जटिल स्वास्थ्य समस्या से बचा सकता है!

Baccho Ki Khansi

बच्चों की खांसी – Baccho Ki Khansi

खांसी कई तरह के होते हैं जो खासकर बच्चों में देखे जाते हैं. लेकिन आमतौर पर ये 4 प्रकार के खांसी होते हैं. जैसे गीली खांसी, सूखी खांसी, गले का कफ और काली खांसी. हम यहां बता रहे हैं कि अलग-अलग खांसी के समय बच्चों में कैसे लक्षण देखने को मिलते हैं:

1. क्रूप खांसीBaccho Ki Khansi

एक बच्चा अपनी ऊपरी श्वांसनली या वायु नली में सूजन की वजह से पीड़ित होता है. स्वरतंत्री के नीचे हुई सूजन के चलते उनकी आवाज भारी हो जाती है. ऐसे में आपने देखा भी होगा कि वे सांस लेते वक्त तेज आवाज करते हैं, यानी उसके गले में घरघराहट होती है.

2. सूखी खांसीBaccho Ki Khansi

सूखी खांसी बच्चों में ठंड या जुकाम के संक्रमण की वजह से होता है. यह नाक और गले के ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है. इस तरह की खांसी गर्म तापमान में या फिर बच्चे के बिस्तर पर लेटते ही तेज हो जाती है.

3. गीली खांसीBaccho Ki Khansi

यह गीली खांसी कफ और बलगम के स्त्राव निचले श्वसन पथ में जमा होने पर होती है. इसमें श्वास नली व फेफड़े भी शामिल हैं.

4. काली खांसी Baccho Ki Khansi

काली खांसी के लक्षण सामान्य खांसी वाले ही होते हैं. इस खांसी में खासकर रात के वक्त उठने वाले दौरों से परेशानी होती है. इसमें बार-बार खांसी होने के बाद 5-15 बार अचानक एक के बाद एक खांसी की शृंखला बन जाती है. इसमें बच्चा गहरी सांस लेने लगता है. जिसमें घरघराहट की आवाज आती है.

शिशुओं में खांसी के लक्षण

छोटे बच्चों में खांसी के लक्षणों से माता-पिता को सावधान हो जाना चाहिए. यह खांसी किसी गंभीर बीमारी का भी कारण हो सकता है. विभिन्न कारणों से होने वाली खांसी के लक्षण भी भिन्न-भिन्न होते हैं.

दमे से होने वाली खांसी रात के वक्त ज्यादा तेज हो जाती है. इसमें घरघराहट व सांस लेने में भी कठिनाई हो सकती है.

जुकाम के कारण होने वाली खांसी में बलगम भी बनता है. यह खांसी रात के वक्त ज्यादा परेशान करती है. क्योंकि बच्चे के सोने के बाद बलगम उसकी नाक व मुंह के पिछले हिस्से से हवा की नली में गिरता है. बहुत बार ऐसा होता है कि अन्य लक्षण खत्म होने पर भी खांसी करीब 6 हफ्तों तक रहती है.

यह भी पढ़ें: बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपाय

1 वर्ष से कम उम्र का शिशु अगर खांसता रहे व उसे सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण हो सकते हैं. कर्कश खांसी का मतलब क्रूप खांसी हो सकती है. अगर बच्चे का जुकाम ठीक होने के बाद भी खांसी की समस्या कई हफ्तों तक रहे तो यह काली खांसी हो सकती है. इस खांसी के ज्यादा दिन तक रहने से बच्चे की स्थिति खराब हो सकती है.

बच्चों की खांसी को दूर करने के उपाय

अगर ठंड का महीना है तो बच्चे को गर्म कपड़े ही पहनाएं.

लगातार खांसी होने से अगर दमे की समस्या है तो तुरंत अपचार करें.

संक्रमण से बचाने के लिए उचित टीका लगवाएं.

ठंड व फ्लू के कीटाणुओं से दूर रहने के लिए बच्चे का हाथ हमेशा साफ रखें.

बच्चों की खांसी ठीक करने के घरेलू उपचार

1. स्तन के दूध में रोग प्रतिरोधक तत्व होते हैं. अगर संभव हो तो बच्चे को स्तनपान ही कराएं. इससे शिशु के शरीर के कीटाणुओं, विषाणुओं व जीवाणुओं से बचने हेतु प्रतिरक्षा में मदद मिलती है.

2. आधा कम नारियल तेल को एक छोटे साबुत प्याज, 2-3 तुलसी के पत्तों व एक पान की डंठल के साथ पकाएं. गैस बंद करने के बाद 1 चुटकी कपूर डालें. इस पके हुए तेल से सीना, गर्दन व बाहों पर लगाने से बंद नाक में राहत मिलती है.

सुगंध बंद नाक को खोलने में मददगार है

3. पहले लहसुन की दो बड़ी कलियां व 1 चम्मच अजवाइन को सूखा भून लें. इसे ठंडा होने के बाद एक साफ कपड़े में गठरी बनाएं. फिर इसे बच्चे के तकीए या खाट के नीचे छुपा कर रखें. इस गठरी से निकलने वाला सुगंध बंद नाक को खोलने में मदद करती है.

4. सर्वप्रथम कुचले हुए लहसुन के साथ सरसों का तेल मिलाकर पका लें. कप का एक चौथाई भाग यह रखें. इस तेल से शिशु के छाती व पैर के तलवों में मालिश करें. इसमें अजवाइन भी मिला सकते हैं.

5. हल्दी का लेप बनाने के लिए पहले पानी में थोड़ी पिसी हल्दी डालकर फिर इसे एक कड़ाही में डालकर गर्म कर लें. लेप को छाती, सिर व पैरों में लगाएं.

यह भी पढ़ें: बच्चों के रोने की वजह व चुप कराने के टिप्स

6. इस तेल का इस्तेमाल जुकाम से राहत पाने के लिए किया जाता है. रूई में निलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डालकर इसे बच्चे के कमरे में रख दें.

7. एक कप पानी में एक चुटकी अजवाइन व 1 चम्मच गुड़ मिलाकर उबाल लें. इसका पानी छानने के बाद ठंडा करके शिशु को दिन में एक बार 1 चम्मच करके पिलाएं.

8. गाजर का रस उबले हुए पानी में मिलाकर देने से बच्चे की खांसी ठीक हो जाती है.

9. केसर के कुछ धागों को घिसकर लेप बना लें. रात को सोते वक्त इसे बच्चे के माथे व तलवों पर लगा दें. ऐसा कहा जाता है कि इस उपचार से बच्चे के सिर व माथे पर जमा पानी सोख लेता है.

10. ठंड के लक्षणों से राहत देने के लिए चिकन सूप अच्छा उपचार है. इससे बलगम व खांसी में राहत मिलती है.

अदरक, तुलसी और शहद हैं गुणकारी

11. अदरक व तुलसी के रस में थोड़ा शहद मिलाकर शिशु को देने से खांसी में राहत मिलेगी.

12. एक चम्मच शहद देने से शिशु की खांसी देने से बच्चे को खांसी में राहत मिलती है. शहद अपने म्यूकोलाईटिक प्रभाव या फिर सूखी खांसी को नर्म करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.

13. आधा कप नारियल तेल गर्म करने के बाद उसमें कुछ विटामिन सी से भरपूर सहजन के पत्ते डालें. पत्तियों को तेल छोड़ने के बाद मिश्रण को ठंडा कर दें. इसे शिशु के बालों पर लगा सकते हैं.

डॉक्टर से कब मिलें?Baccho Ki Khansi

– बच्चे में सूखी खांसी 4 दिन से अधिक समय तक रहने पर.

– शिशु का तेजी से घर्घराहट करना, कराहना, नीला पड़ जाना, पेट का तेजी से अंदर खींचना व फुलाना.

– बच्चे का सूखी या फिर गीली खांसी के साथ सर्दी, बुखार, घर्घराहट के साथ खांसी के दौरे पड़ना.

– बच्चे का भूख मरना व वजन कम होते जाना.

पैरेंटिंग पर आधारित ये आलेख आपको कैसा लगा, अपने विचार हमें कमेन्ट कर जरूर बताएं. इस प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाने की दिशा में आपके विचार हमारे लिए प्रेरणा बन सकते हैं!

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here