Home Health Care बचपन में रोजाना फ्रूट जूस पीने के फायदे – Benefits of drinking...

बचपन में रोजाना फ्रूट जूस पीने के फायदे – Benefits of drinking juice for Children

बच्चे के खानपान में शुद्ध जूस शामिल करने से उन्हें इसका फायदा जीवनभर मिलता है. बचपन में फ्रूट जूस पीने के फायदे - Benefits of drinking juice

बच्चों को छोटी उम्र में सिखाई गई आदतें उसके साथ जीवन भर रहती है. इसलिए कहा जाता है कि बच्चों में छोटी उम्र से ही स्वस्थ खानपान की आदत डालनी चाहिए. आपने देखा भी होगा कि जिन बच्चों को छोटी उम्र से जंक फूड या फास्ट फूड खाने की आदत होती है वे बड़े होने के बाद भी उन्ही चीजों को खाना पसंद करते हैं. लिहाजा बचपन से ही खाने पीने (Benefits of drinking juice) की अच्छी आदतें विकसित करनी चाहिए. बच्चों को रोजाना फलों के जूस पीने के लिए देना फायदेमंद होता है.

Benefits of drinking juice for Children

आप अगर इनमें बचपन से ही स्वस्थ खानपान की आदत डालेंगे तो भविष्य में भी बच्चे में स्वस्थ डाइट की आदत बनी रहेगी. वर्तमान समय की बात करें तो अभी के बच्चों का झुकाव जंक फूड्स की तरफ ज्यादा रहता है. इस संबंध में माता-पिता को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

अगर आप लापरवाही से बच्चे को इन्हीं आदतों पर छोड़ देते हैं तो बड़े होने के बाद लाख कोशिशों के बावजूद बच्चा पौष्टिक खाना नहीं खाना चाहता. और फिर यह माता-पिता के लिए परेशानी का कारण बनता है. बच्चा अगर स्वस्थ भोजन ना करे तो उसमें कई तरह के पोषक तत्वों की कमी देखी जाती है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चे के विकास में बाधा उत्पन्न होती है.

जूस पीने के फायदे – Benefits of drinking juice in Hindi

एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि बचपन में ताजे फल खाने और फलों का रस पीने से बच्चे में अच्छी खाने की आदतें बनी रहती है. बच्चे के खानपान में शुद्ध जूस शामिल करने से उन्हें इसका फायदा जीवनभर मिलता है. जूस पीने की आदत की वजह से उनके अंदर खाने-पीने की अच्छी आदतों का विकास होता है.

अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी के लिन मूर व उनके साथियों द्वारा एक रिसर्च किया गया. शोध में 3-6 वर्ष की उम्र के बच्चों को शामिल किया गया. रिसर्च करने के दौरान इस उम्र के 100 बच्चों के खानपान, ऊंचाई और वजन का डेटा रखा गया इन बच्चों के खान-पान में फलों का जूस (Benefits of drinking juice in Hindi) शामिल करके एक दशक तक उनके खाने-पीने के तरीकों पर निगरानी रखी गई.

रिसर्च में पता चला है कि बच्चे अगर प्री स्कूल के समय शुद्ध जूस का सेवन करते हैं तो किशोरावस्था से  पहले ही बच्चे में अच्छे खानपान की आदतों का विकास हो जाता है. जिन बच्चों ने बचपन में फ्रूट जूस का सेवन ज्यादा किया वे बड़े होने पर भी फल अधिक पसंद करते हैं. बचपन से लेकर किशोरावस्था तक आते-आते बच्चे के भोजन की गुणवत्ता में गिरावट आती है. और बच्चे स्वस्थ खाना छोड़ कर जंक फूड की तरफ ज्यादा आकर्षित होने लगते हैं.

जूस और स्वस्थ खानपान का कनेक्शन – Benefits of drinking juice

बीएमसी न्यूट्रिशन (हेल्थ जर्नल) में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि जो बच्चे बचपन में 100 फीसद ताजे फलों यानी 1.5 कप जूस का सेवन करते हैं, किशोरावस्था में उन बच्चों को अपने फलों का सेवन बनाए रखने में सहायता मिलती है. साथ ही इसमें बच्चे का वजन भी नहीं बढ़ता है.

शोधकर्ताओं ने क्या पाया – Benefits of drinking juice in Hindi

रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया है कि प्रीस्कूल के जिन-जिन बच्चों ने एक ग्लास या एक कप फलों के रस का सेवन किया है, उन बच्चों में जूस कम पीने वालों की तुलना में किशोरावस्था में उच्च मात्रा में फलों का सेवन करते हुए देखा गया है. जो बच्चे अधिक से अधिक फलों के जूस का सेवन (Benefits of drinking juice) करते हैं उनकी आहार गुणवत्ता भी कम जूस पीने वालों से बेहतर है.

डॉ. लिन मूर कहते हैं कि फलों का सेवन करने से पूरी जिंदगी विभिन्न तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. बचपन में अगर आप बच्चे को फलों का जूस देना नजरअंदाज करते हैं तो बड़े होने पर उसकी खानपान की आदतों पर इसका सीधा असर देखने को मिलता है. बचपन से लेकर किशोरावस्था तक जूस के सेवन से बॉडी मास इंडेक्स का कोई संबंध नहीं पाया गया है.

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here