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Swimming benefits in child: बच्चे को तैरना सिखाने के हैं कई सारे फायदे, जानिए इसकी सही उम्र

छोटे बच्चों को तैरना सिखाने के बहुत फायदे हैं. तैराकी पूरे शरीर की एक अच्छी एक्सरसाइज भी है. (Swimming benefits in child)

बच्चा जब मां के गर्भ में रहता है तभी से परिवार वाले बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं. बच्चे के जन्म के बाद वे उसकी परवरिश (Swimming benefits in child) के दौरान सभी जरूरी बातों का पूरा ख्याल रखते हैं. आपने देखा होगा कि कई सारे जाने-पहचाने कलाकार अपने बच्चे को तैरना सिखाते हैं. सामान्य तौर पर लोगों को लगता है कि छोटे बच्चे को तैरना सिखाना हाई क्लास फैमिली बस दिखावे के लिए करती है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.

Child in swimming pool

छोटे बच्चों को तैरना क्यूं सिखाएं? Swimming benefits in child

छोटे बच्चों को तैरना सिखाने के बहुत सारे फायदे हैं. तैराकी ना सिर्फ मानसिक बल्कि पूरे शरीर के लिए एक अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है. इन्हें तैरना सिखाने से कई सारे शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं.

बच्चे को तैरना सिखाने की सही उम्र क्या है?

आप चाहें तो बच्चे को चार साल की उम्र से ही तैरना (Swimming benefits in child) सिखाना शुरू कर सकते हैं. इसके लिए बेहतर होगा कि आप उसे अचानक से तैरना सिखाने के बजाय, जब वह दो साल हो जाए तब उसे अपने साथ पूल में ले जाएं. ताकि धीरे-धीरे बच्चे का रुझान तैराकी की तरफ हो जाए. जब आपका बच्चा तीन साल का हो जाए तब उसे तैरना सिखा सकते हैं.

शिशु को तैरना सिखाने के क्या फायदे हैं? Swimming benefits in child

कई अध्ययनों में दावा किया गया है कि नवजात को तैरना सिखाने से उसमें आत्मविश्वास की वृद्धि होती है. इससे बच्चे के ब्रेन के कार्य करने की क्षमता तेज होती है. इसके अलावा भी शिशु को तैयरा सिखाने के कई सारे फायदे हैं. चलिए अब जानते हैं तैराकी से होने वाले फायदों के बारे में.

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काम में एकाग्रता बढ़ती हैSwimming benefits in child

ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय द्वारा बच्चो में तैराकी के परिणाम जानने के लिए 7000 से अधिक बच्चों पर एक अध्ययन किया गया. इस अध्ययन में शामिल बच्चों पर पूरे चार सालों तक शोध किया गया. इसमें तीन से पांच सालों की उम्र तक के बच्चे शामिल थे. शोध में पाया गया कि तैरने वाले बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास की गति उनकी उम्र के अन्य बच्चों से ज्यादा तेज होती है. अन्य बच्चों की तुलना में इन बच्चों में कुछ बदलाव देखे गए. जैसे –

  • बच्चे बहुत ज्यादा हंसमुख थे.
  • किसी भी नए काम को सीखने में आगे रहते थे.
  • इनमें भाषा का विकास भी बेहतर था.
  • इन बच्चों का मौखिक कौशल भी अच्छा था.

ऐसा होने की वजह क्या है?

ऐसा है कि तैरने की प्रक्रिया के दौरान क्रॉस-पैटर्निंग मूवमेंट होता है. यह पूरे मस्तिष्क में न्यूरॉन्स और कॉर्पस कॉलोसम को तैयार करते हैं. यह ब्रेन के एक तरफ से दूसरे तरफ तक संचार, मॉड्यूलेशन और प्रतिक्रिया की सुविधा प्रदान करने में सहायक होते हैं.

पानी का डर खत्म होता हैSwimming benefits in child

बहुत सारे बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें पानी से डर लगता है. लेकिन तैराकी सिखने के दौरान उनकी पानी के साथ दोस्ती हो जाती है.

लाइफ सेप्टी ट्रिक

शिशु को तैरना सिखाने (Swimming benefits in child) का एक सबसे बड़ा फायदा ये है कि किसी भी मुसीबत में वो खुद की और दूसरों की भी जान बचा सकता है. मतलब ये है कि पानी में डूबने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) के मुताबिक चार साल की उम्र से छोटे बच्चों में मृत्यु का एक बड़ा कारण पानी में डूबना भी है.

अस्थमा के खतरे को कम करे

अध्ययन के मुताबिक शिशु को तैरना सिखाने से बच्चे में भविष्य में अस्थमा का खतरा कम हो जाता है. क्योंकि तैरने पर फेफड़ों की कार्यक्षमता और कार्डियोपल्मोनरी फिटनेस में सुधार आता है. कार्डियोपल्मोनरी फिटनेस दिल और फेफड़ों के कार्य से जुड़ा होता है.

आत्मविश्वास बढ़ाता हैSwimming benefits in child

एक अध्ययन के अनुसार ऐसे बच्चे जिन्हें दो साल से चार साल की उम्र के बीच तैरना सिखाया गया था वे अन्य बच्चों के तुलना में काफी आत्मविश्वासी थे. ऐसे बच्चे अपनी जरूरतों के लिए हमेशा अपने माता-पिता या किसी अन्य पर निर्भर रहना पसंद नहीं करते. ये बच्चे खुद को हमेशा स्वतंत्र महसूस करते हैं क्योंकि नकी खुद पर आत्मनियंत्रण अधिक रहता है. इसके अलावा इनमें अन्य बच्चों के मुकाबले अपने कार्य में सफल होने की इच्छा अधिक होती है.

स्वस्थ मांसपेशियों का निर्माण

बच्चे को तैरना सिखाने से उनमें मांसपेशियों के विकास और उनके नियंत्रण को बल मिलता है. साथ ही इससे बच्चे के शरीर के जोड़ें भी स्वस्थ होते हैं.

अच्छी नींद

तैराकी सीखते वक्त पूल में बच्चा शारीरिक रूप से अपनी बहुत सारी ऊर्जा को खर्च करता है. जिस कारण बाहर निकलने पर उनका शरीर पूरी तरह से थका रहता है. शरीर की थकान दूर करने के लिए बच्चे को अच्छी नींद आती है. आप भी अगर अपने शिशु को तैराकी सिखाना चाहते हैं तो आपके बच्चे का जागने, सोने का समय भी अपने आप ही निश्चित हो सकता है.

छोटे बच्चों को तैराकी सिखाने के नुकसान

  • पूल का पानी क्लोरीन युक्त होने की वजह से इसमें तैरने से आंखों और त्वचा पर जलन की समस्या हो सकती है.
  • क्लोरीनयुक्त पानी में तैरने से सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
  • ज्यादा तैरने से हृदय प्रणाली प्रभावित हो सकती है.
  • छोटे बच्चों को तैराकी सिखाते समय ध्यान रखने वाली बातें –
  • स्विमिंग कराते समय आपको हमेशा बच्चे के साथ रहना चाहिए. ताकि किसी तरह की समस्या होने पर आप उसकी मदद कर सकें.
  • तैरने वाले स्थान पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फर्स्ट एड की उचित सुविधा रहे.
  • बच्चे के तैरने वाली स्थान पर लाइफ गार्ड होने चाहिए.
  • अपने बच्चे को कभी भी अकेले तैरने के लिए मत छोड़ें.
  • शिशु को हमेशा पूल में ही तैरना सिखाएं.
  • स्विमिंग करते वक्त बच्चे को कुछ भी खाने के लिए न दें.

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