Home Health Care कैंसर की दवा से किया त्वचा रोग का इलाज, मौत

कैंसर की दवा से किया त्वचा रोग का इलाज, मौत

त्वचा रोग के मरीज को कैंसर की दवा देने से उसकी मौत हो गई. मामले में अदालत ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया. Skin Disease Treatment

त्वचा की बीमारी (Skin Disease Treatment) का इलाज करते समय कैंसर की दवा देने से मरीज का मौत का मामला सामने आया है. मृतक की पत्नी अतिका सिंह का कहना है कि उनके पति अशोक सिंह को स्किन की बीमारी थी. उन्होंने 23 जून 2018 से डॉक्टर अबीर सास्वत से इलाज शुरू करवाई थी.

Court Order

इलाज के दौरान डॉक्टर ने 25 जून 2018 को मरीज की बायोप्सी (Skin Disease Treatment) करने के बाद उसे 3 अगस्त को कैंसर का इलाज करने वाली दवा रेटूक्सीमैब चढ़ा दी थी. दवा खाना शुरू करने के बाद से ही अशोक की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. तबीयत खराब होने के बाद भी उस चिकित्सक ने मरीज को दो बार और वही दवा दी.

इसके बाद 25 सितंबर 2018 को अशोक की मौत हो गई. इस मामले में अतिका ने अपने अधिवक्ता आलोक सिंह के माध्यम से उक्त चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दायर करने की मांग करते हुए कोर्ट में आवेदन किया था. मामले पर सुनवाई के बाद स्पेशल सीजेएम सुदेश कुमार ने लखनऊ में गाजीपुर थानाध्यक्ष से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.

आरोपी चिकित्सक का इंदू श्री स्कीन नामक यह क्लीनिक इंदिरा नगर में स्थित है. आवेदन में आगे कहा गया है कि भारत सरकार के औषधि मानक संगठन की तरफ से भी इसकी पुष्टि की गई है. जिसमें यह कहा गया है कि डाक्टर ने मरीज को जो रेटूक्सीमैब दवा (Skin Disease Treatment) दी थी वह देना उचित नहीं था. इस तथ्य के आधार पर ही अतिका ने रिपोर्ट दर्ज करने की अपील की थी.

क्या है बायोप्सी? (Skin Disease Treatment)

बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर से ऊतक या कोशिका के एक सैंपल को लैब में परीक्षण के लिए निकाला जाता है. आपको शरीर में अगर किसी प्रकार के कुछ लक्षण नजर आ रहे हैं, आपके चिकित्सक को अगर आपके शरीर में किसी प्रकार का संदेह हो रहा है, तो फिर ऐसे में आपको बायोप्सी की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है.

Biopsy Test

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जिसमें यह जानकारी हासिल की जाती है कि आपको कैंसर जैसी घातक बीमारी (Skin Disease Treatment) है या कोई अन्य बीमारी. कैंसर की संभावना ज्यादा रहने पर इस बीमारी की सही से पहचान करने के लिए बायोप्सी नमूने की नजदीक से जांच करना ही एकमात्र तरीका है. पर ध्यान रहें चिकित्सक अगर बायोप्सी कर रहे हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि आपको कैंसर रोग ही है.

यानी बायोप्सी में किसी तरह से घबराने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन उक्त मामले में चिकित्सक ने लापरवाही करते हुए ही बायोप्सी के बाद ही मरीज को कैंसर की दवा दे दी, जिससे उसकी मौत हो गई. और अदालत ने 2 वर्ष बाद आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया.#Cancer

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