अपने बच्चे पर करियर प्रेशर देने से पहले इसके खतरों को जान लें – Career Pressure in Child

    बच्चे अपने करियर को लेकर इतने अधिक चिंतित रहने लगते हैं कि वे करियर प्रेशर के शिकार हो जाते हैं. (Career Pressure in Child)

    कितना सुंदर था वो बचपन का जमाना, जब न किसी चीज की चिंता थी और न किसी को हराना था. बचपन (Career Pressure in Child) की इन बातों को याद करके आप खुश हो सकते हैं लेकिन अफसोस की बात है कि इस खुशी को आने वाली पीढ़ी ज्यादा दिनों तक महसूस नहीं कर सकती. इसकी एकमात्र वजह है कि आज के दौर में प्रतिस्पर्धा और फ्यूचर प्लानिंग इतनी ज्यादा बढ़ गई है, कि बच्चे या किशोर उम्र के लोग भी इससे बच नहीं सकते.

    Career Pressure in Child

    कभी माता-पिता तो कभी बच्चे खुद ही अपने करियर को लेकर इतने अधिक चिंतित रहने लगते हैं कि वे करियर प्रेशर के शिकार हो जाते हैं. माता-पिता भी इस ओर ध्यान नहीं देते और आपकी ये नजरअंदाजी आपके बच्चे के भविष्य को बर्बाद कर सकती है. इस करियर प्रेशर के कारण बच्चे में न जाने कितनी शारीरिक और मानसिक समस्याएं आ सकती हैं. लेकिन समय रहते थोड़ी-सी सावधानी आपके बच्चे को इस समस्या से लड़ने और सफलतापूर्वक उससे निकलने में मदद कर सकता है.

    करियर प्रेशर कैसे होता है? Career Pressure in Child

    किशोरावस्था (टीनएज) की बात करें तो 9 से 19 साल तक के बच्चों को इस श्रेणी में रखा जा सकता है. हर उम्र के बच्चे पर अलग-अलग किस्म का प्रेशर हो सकता है. जैसे- प्राइमरी स्कूल के बच्चे पर एग्जाम में हाई मार्क्स लाने का प्रेशर, तो किसी बच्चे पर मां-बाप के सपनों को पूरा करने का प्रेशर आदि. सामान्य तौर पर करियर का प्रेशर 15 वर्ष से 18 वर्ष या उसके आसपास की उम्र के बच्चों पर अधिक हो सकती है. क्योंकि यह समय हाई स्कूल से निकलकर कॉलेज या कोई प्रोफेशनल कोर्स या फिर भविष्य के लिए रास्ता खोजने का होता है. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि करियर प्रेशर सिर्फ इसी उम्र के बच्चों में हो  क्योंकि आज के बदलते समाज में 10 साल का बच्चा भी आगे चलकर एक अलग प्रोफेशन चुनने का सपना रख सकता है.

    इसे भी पढ़ें: हिन्दी में हैं प्रवीण तो मौजूद हैं अनगिनत अवसर

    बच्चों पर करियर प्रेशर के सामान्य प्रकार निम्नलिखित हो सकते हैं. जैसे-

    1. करियर चयन का प्रेशर

    2. बेस्ट कॉलेज चुनाव का प्रेशर

    3. मां-बाप के सपनों या उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रेशर

    4. कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम या प्लेसमेंट के लिए पढ़ाई का प्रेशर

    5. सिंगिंग, एक्टिंग, फैशन डिजाइनिंग, पेंटिंग आदि जैसे किसी अन्य गैर-पारंपरिक करियर के लिए मां-बाप को समझाना आदि.

    6. कोई करियर ऑप्शन न होने का प्रेशर

    7. क्लासमेट, कॉलेजमेट व साथी से करियर में मुकाबला करने का प्रेशर

    करियर प्रेशर से बच्चे का भविष्य कैसे बर्बाद हो सकता है?

    आपने अपने बच्चे से जरूर कहा होगा कि अगर अभी मेहनत नहीं करोगे और अपने भविष्य के बारे में नहीं सोचोगे, तो तुम्हारा फ्यूचर बर्बाद हो जाएगा. लेकिन यह जान लीजिए कि भविष्य के बारे में ज्यादा दबाव डालना (Career Pressure in Child) आपके बच्चे के करियर को बर्बाद कर सकता है. करियर ऑप्शन के बारे में ज्यादा सोचना अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमता से ज्यादा दबाव डालना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. यह बच्चे की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकता है, जो कि बच्चे पर अतिरिक्त प्रेशर का कारण भी बन सकता है.

    करियर प्रेशर में सेहत का ध्यान

    हाई मार्क्स के लिए शारीरिक क्षमता से ज्यादा पढ़ना और सेहत का ध्यान न रखना, अपने दोस्त से बेहतर कॉलेज या प्लेसमेंट (Career Pressure in Child) हासिल करने की ज्यादा चिंता करना, अच्छे वेतन वाली नौकरी पाने की चिंता, जबरदस्ती थोपे गए करियर का दबाव, अपने मनपसंद करियर के न चुन पाने का दुख आदि आपके बच्चे को कई स्वास्थ्य समस्याएं दे सकता है. इस तरह की समस्याएं बच्चे के भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है.

    करियर प्रेशर से दिखने वाले संकेत

    • सिरदर्द या पेटदर्द होना
    • चिड़चिड़ापन होना
    • अकेला रहना
    • बार-बार बीमार पड़ना
    • नींद न आना या ज्यादा आना
    • पढ़ाई में मन न लगना
    • नकारात्मक व्यवहार
    • किसी काम पर फोकस न कर पाना
    • हर समय डरा हुआ या चिंतित महसूस करना
    • सिगरेट, तंबाकू या शराब का सेवन करना
    • हमेशा नेगेटिव बातें करना
    • कम खाना या ज्यादा खाना

    करियर प्रेशर से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं – Career Pressure in Child

    • हाइपरटेंशन
    • डिप्रेशन
    • सिरदर्द
    • माइग्रेन
    • शारीरिक कमजोरी
    • सुसाइड टेंडेंसी
    • एंग्जायटी
    • दिल की बीमारी

    बच्चे खुद की मदद ऐसे करें

    • अपनी परेशानी के बारे में बातें करें.
    • अधिक चिंता होने पर लंबी सांसे लें और नियमित रूप से योगा या व्यायाम करें.
    • अनुशासित रहें.
    • अपने टास्क को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें.
    • एक बार असफल होने पर बार-बार कोशिश करें.
    • खुद को अपने असली रूप में स्वीकार करें.
    • असफलता को स्वीकार करें.
    • जिस चीज पर नियंत्रण नहीं कर सकते, उसपर ध्यान न दें.
    • उम्मीदें और सपनों को खुद पर बहुत अधिक हावी न होने दें.

    माता-पिता क्या करें?

    1. अपने बच्चे के व्यवहार और उसकी भावनाओं पर नजर रखें.

    2. बच्चे के साथ हमेशा विश्वास का रिश्ता बनाए रखें.

    3. हमेशा बच्चे की बात सुनें और उसे समय देने का प्रयास करें.

    4. बच्चे को हमेशा समस्या का सामना करना सीखाएं.

    5. बच्चे पर कभी भी अपनी उम्मीदों का दबाव न बनाएं. बच्चा जो करना चाहता है उसमें साथ दें.

    6. उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

    करियर का चयन कैसे करें?

    • पहले तो खुद की रूचि और अरूचि के बारे में जानें.
    • करियर विकल्पों की लिस्ट तैयार करें.
    • लिस्ट में शामिल सभी विकल्पों के बारे में गहराई से जानें.
    • अब लिस्ट में शामिल पसंदीदा विकल्पों की छोटी लिस्ट तैयार करें.
    • अब उससे संबंधित लोगों या स्टूडेंट से बात करें.
    • फिर एक विकल्प का चयन करें.
    • अब चुने गए करियर में से अपने लक्ष्य का चुनाव करें.
    • इसके बाद लक्ष्य के लिए एक एक्शन प्लान बनाएं.
    • इसके लिए आप अपने माता-पिता या किसी करियर काउंसलर की भी मदद ले सकते हैं.

    (योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here