Home Health Care अस्थमा पीड़ित लोगों के लिए कितना खतरनाक होता है सिगरेट पीना!

अस्थमा पीड़ित लोगों के लिए कितना खतरनाक होता है सिगरेट पीना!

अस्थमा का मरीज अगर सिगरेट का सेवन करे तो यह बीमारी उसके लिए जानलेवा साबित हो सकती है. तभी अस्थमा पीड़ित प्रियंका चोपड़ा सिगरेट पीने पर ट्रोल हो रही हैं. Cigarettes dangerous for asthma patients

सुपर स्टार प्रियंका चोपड़ा की एक तस्वीर इन दिनों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है. इस तस्वीर को लेकर प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra Asthma and Smoking) को काफी ट्रोल किया जा रहा है.

Priyanka Chopra

इस तस्वीर में प्रियंका अपने पति निक जोनस व मां मधु चोपड़ा के साथ मयामी में एक जहाज पर सिगरेट पीती नजर आ रही हैं.

अब सवाल है कि इस तस्वीर को लेकर उन्हें ट्रोल क्यों किया जा रहा है? तो इसकी वजह बताते हैं. पिछले वर्ष दिवाली के मौके पर प्रियंका चोपड़ा ने सार्वजनिक रूप से जानकारी दी थी कि उन्हें अस्थमा है.

एक दवा कंपनी का विज्ञापन शूट करते हुए वो इंहेलर का प्रचार कर रही थी. विज्ञापन में प्रियंका ने कहा था कि उन्हें 5 वर्ष की उम्र से ही अस्थमा (Priyanka Chopra Asthma and Smoking) की बीमारी है.

तभी से वह इंहेलर का इस्तेमाल कर रही हैं. एक तरफ वह कहती हैं कि उन्हें अस्थमा है, दूसरी तरफ वह सिगरेट पीती (Priyanka Chopra Asthma and Smoking) हैं.

बस इसी को लेकर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है. अस्थमा के मरीज को सिगरेट कभी नहीं पीना चाहिए. क्योंकि यह ऐसे मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित होती है.

यह जानना जरूरी है कि अस्थमा क्या है और इसके मरीज के लिए धुम्रपान कितना खतरनाक साबित हो सकता है

अस्थमा क्या है – Asthma and Smoking

दमा या अस्थमा श्वसन तंत्र या फेफड़ों से संबंधित बीमारी है. इसके मरीज की सांस की नली पतली या ब्लॉक हो जाती है. सांस नली के पतली होने की वजह से व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई आती है.

सीने में कसाव जैसे महसूस होता है. सांस फूलना व खांसी की शिकायत रहती है. सांस लेने में हो रही परेशानी की वजह से रोगी को छोटी-छोटी सांस लेनी पड़ती है.

अस्थमा के मरीज के लिए क्यों खतरनाक है सिगरेट – Asthma and Smoking

सिगरेट पीना तो हर किसी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. सिर्फ अस्थमा के मरीज (Priyanka Chopra Asthma and Smoking) के लिए ही नहीं बल्कि आसपास मौजूद लोग भी सिगरेट के धुएं के शिकार होते हैं.

पीने वाले के साथ-साथ उसके आसपास वाले लोगों को भी इसके धुएं से जानलेवा बीमारी हो सकती है. लेकिन अगर अस्थमा का मरीज सिगरेट पीता है तो यह उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

इसकी वजह है कि जब कोई व्यक्ति सिगरेट पीता है तो सिगरेट के धुएं में मौजूद केमिकल्स वायुनली में जमा हो जाती है.

जिससे वायुनली में सूजन की समस्या उत्पन्न होती है. वायुनली संकरी हो जाती है और व्यक्ति को अस्थमा का अटैक पड़ सकता है.

दूसरी वजह तो यह है कि वायुनली में मौजूद छोटी-छोटी बाल जैसी आकृति जिन्हें सिलिया कहते हैं. ये सिलिया बाहर से आने वाली धूल-मिट्टी, प्रदूषण के कण और अंदर बनने वाले म्यूकस को रोकते हैं.

Asthma Inhalers

लेकिन सिगरेट पीने के कारण ये सिलिया नष्ट हो जाते हैं और म्यूकस का निर्माण ज्यादा होने लगता है. म्यूकस बढ़ने पर अस्थमा रोगी को अटैक पड़ने की पूरी संभावना रहती है.

ऐसे पहचानें अस्थमा अटैक के लक्षणों को –

1. लगातार खांसी आना व तमाम कोशिशों के बावजूद भी बंद न होना

2. सांस की रफ्तार तेज होना यानी जल्दी जल्दी सांसे लेना

3. रोगी के चेहरे का रंग पीला होकर तेज पसीना चलना

4. होठ व नाखून का रंग भी पीला पड़ जाना

5. बोलने में परेशानी होना, मुंह से सही से आवाज नहीं निकलना

6. शरीर में अकड़न महसूस होना

7. सांस लेते व छोड़ते वक्त एक अलग किस्म की आवाज आना

8. फेफड़ों में तेज दबाव महसूस करना

9. ठंडी हवा में सांस लेने में परेशानी

10. उल्टी होना

खतरनाक है अस्थमा अटैक –

यह इतनी खतरनाक बीमारी है कि यह मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. अस्थमा (Priyanka Chopra Asthma and Smoking) का अटैक पड़ने पर रोगी को सांस लेने में दिक्कत होती है जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजनयुक्त हवा की कमी होने लगती है.

गंभीर अस्थमा अटैक होने पर व्यक्ति को रेस्पिरेटरी अरेस्ट होने की संभावना रहती है. और ऐसे में मरीज की तुरंत मौत भी हो सकती है.

इसके मरीज में अगर अटैक के लक्षण दिखे तो तुरंत उसे पंप या दवा की सहायता से नियंत्रित करना जरूरी होता है. इसके इलाज में किसी तरह की कोताही बरते बगैर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

अस्थमा के कारण – Asthma and Smoking

अस्थमा को मेडिकल साइंस में वंशानुगत कारण बताया गया है. मेडिकल साइंस के अनुसार अस्थमा के मरीज के परिवार में अगर पहले से किसी को यह बीमारी रहती है तो फिर परिवार के अन्य सदस्यों में भी इसके होने की पूरी संभावना रहती है.

अनुवांशिकता के अलावा एलर्जी भी इस बीमारी के कारणों में शामिल है. मरीज को कुछ चीजों से एलर्जी हो सकती है. इस एलर्जी की वजह से भी अस्थमा हो सकता है. इसके अलावा भी दमा के कई कारण हैं जैसे –

1. धूम्रपान व शराब का अधिक सेवन करना

2. वाहनों से निकलने वाला प्रदूषित धुआं

3. बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना

4. पेट पर अम्ल की मात्रा अधिक होना

5. एलर्जी वाले फलों का अधिक मात्रा में सेवन करना

6. इसकी एक वजह मौसम भी है

7. सर्दी व फ्लू की वजह से भी होती है यह बीमारी

8. धुएं व धूल के संपर्क में रहना

9. ठंडी वस्तुओं का लगातार सेवन करना

10. हमेशा ठंडे माहौल में रहना

अस्थमा से बचाव के उपाय –

दमा को जड़ से तो खत्म नहीं किया जा सकता लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है. अगर आप यहां बताए गए लक्षण महसूस करें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.

इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए दवा का नियमित रूप से सेवन करना बहुत जरूरी है. इसके लिए सबसे अच्छी दवा इंहेलर है लेकिन इसे सही ढ़ंग से लेना जरूरी है.

सीरप के मुकाबले इंहेलर ज्यादा फायदेमंद है. इससे दवा सीधे फेफड़ों में पहुंचती है. जिससे रोगी को जल्दी आराम महसूस होता है.

इंहेलर का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है. इसके अलावा धूम्रपान तो बिल्कुल भी ना करें. अगर कोई आपके आस-पास धुम्रपान कर रहा हो तो उससे दूर रहने का हर संभव प्रयास करें. #AsthmaAttack

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