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Distance Education – बेस्ट ऑप्शन बनकर उभर रहा डिस्टेंस लर्निंग

डिस्टेंस लर्निंग के बारे में तो आपने भी सुना ही होगा. प्रतियोगिता भरे इस युग में डिस्टेंस लर्निंग एक बेहतर विकल्प बन कर उभर रहा है. Distance Education in Hindi

डिस्टेंस लर्निंग के बारे में तो आपने भी सुना ही होगा. प्रतियोगिता भरे इस युग में डिस्टेंस लर्निंग एक बेहतर विकल्प बन कर उभर रहा है. कोई भी व्यक्ति अगर नौकरी करने के साथ-साथ पढ़ाई भी करना चाहता है तो डिस्टेंस लर्निंग (Distance Education in Hindi) उसके लिए बेस्ट ऑप्शन है. गौर किया जाए तो आजकल शिक्षा का यह माध्यम लोगों के सामने एक ताकत बन कर उभर रहा है. जिसकी सहायता से हर कोई अपने सपने को साकार कर सकता है. इसलिए यहां आपको डिस्टेंस लर्निंग से जुड़ी तमाम जानकारियां देते हैं ताकि आपके मन में इसको लेकर कोई दुविधा ना रहे.

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दूरस्थ शिक्षा या डिस्टेंस लर्निंग

घर बैठकर या नौकरी के साथ ओपन यूनिवर्सिटी से कोई भी कोर्स करने को डिस्टेंस लर्निंग या फिर डिस्टेंस एजुकेशन (Distance Education in Hindi) कहा जाता है. यह शिक्षा ग्रहण करने का ऐसा माध्यम है जिसमें विद्यार्थी को कॉलेज या किसी इंस्टीट्यूट में जाने की जरूरत नहीं होती है. इंडिया में कई सारे ओपन यूनिवर्सिटीज हैं जहां डिस्टेंस लर्निंग के कोर्स कराए जाते हैं. डिस्टेंस एजुकेशन की वजह से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है. इस कोर्स की एक खासियत यह भी है कि कम से कम फीस में आप उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं.

बेस्ट कोर्सेजDistance Education in Hindi

इस क्षेत्र में बहुत सारे संस्थानों ने अपना स्पेशलाइजेशन किया है. इन संस्थानों में सबसे प्रसिद्ध नाम इग्नू – IGNOU है, जिसका नाम हर किसी ने सुना है. आज इग्नू के 77 से ज्यादा एकेडमिक, प्रोफेशनल, वोकेशनल, अवेयरनेस जेनरेटिंग प्रोग्राम के माध्यम से देश के लाखों छात्र फायदा उठा रहे हैं. इसमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट व प्रोफेशनल स्तरों पर अनगिनत कोर्सेज हैं. इसमें आर्टस, कॉमर्स एवं साइंस स्ट्रीम में डिग्री और डिप्लोमा दोनों कोर्स उपलब्ध है. वहीं प्रोफेशनल कोर्स में बी-एड, बीबीए, बी-लिब कोर्स करने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा है. जबकि पीजी कोर्स में विद्यार्थियों का झुकाव ज्यादातर एमए, एमएससी, एमबीए और एमकॉम की तरफ अधिक देखा जाता है.

दूरस्थ या डिस्टेंस लर्निंग का महत्व – Distance Education in Hindi

अभी के युवाओं का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा जॉब पर रहता है. कॉम्पिटीशन के जमाने में कई सारी कंपनियां हैं जो अच्छे पैकेज पर उन्हें नौकरी भी देती है. ऐसे में कई लोगों को आपने देखा होगा कि वे 12वीं या फिर ग्रेजुएशन के बाद ही नौकरी करने लगते हैं. जिसके परिणाम स्वरुप उनका एजुकेशनल वैल्यू-एडीशन थम जाता है. चूकी शिक्षा तो सभी के लिए जरूरी है और कार्पोरेट सेक्टर में हमेशा उच्च शिक्षित कर्मचारियों की ही डिमांड रहती है. इन कंपनियों में ना सिर्फ नौकरी सिक्योरिटी के लिए बल्कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए भी कर्मचारियों का क्वालिफिकेशन में वृद्धि आवश्यक है. और इस मामले में डिस्टेंस लर्निंग बहुत ही उपयोगी साबित हो रहा है.

डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिलDistance Education in Hindi

डिस्टेंस एजुकेशन को यूनिवर्सिटी एक्ट की धारा 16 में स्थान प्राप्त है. डिस्टेंस लर्निंग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत सरकार द्वारा साल 1985 में डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल की स्थापना की गई थी. इस काउंसिल का काम पूरे देश की ओपन यूनिवर्सिटी के साथ समन्वय स्थापित करना है. साथ ही कोर्स की गुणवत्ता, उनकी सभी तक पहुंच, पाठ्यक्रम निर्माण में गहन वैज्ञानिक सोच, अध्यापक ट्रेनिंग, नई तकनीकों का प्रसार, फंड एलोकेशन आदि कार्यों को भी सुनिश्तिच करना है.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिस्टेंस स्टडीज

जयपुर में सरकार द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिस्टेंस स्टडीज की स्थापना हुई थी. इसका मूल उद्देश्य डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से देश के बढ़ते पूंजी बाजार को क्षमतावान नेतृत्व देना है. इसके प्रमुख क्षेत्र आईटी, एचआर, फायनेंस और प्रोडक्शन हैं.

डिस्टेंस लर्निंग के फायदेDistance Education in Hindi

1. डिस्टेंस लर्निंग में शामिल कुल छात्रों में औसतन 60-65 फीसदी छात्र किसी न किसी नौकरी से जुड़े रहते हैं. ऐसे लोगों को अपने व्यस्त शेड्यूल में गेरिलर कोर्सेज के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है. लेकिन डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से वे अपनी क्वालिफिकेशन को बढ़ाकर तरक्की का मार्ग निकाल लेते हैं.

2. मान्यता है कि भारत के कई घरों में रीति-रिवाजों, रूढ़ियों की वजह से महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा की राह कठिन होती है. लेकिन पहले की तुलना में बाकी मामलों की तरह इसमें भी बदलाव आया है. इस बदलाव में डिस्टेंस लर्निंग हम भूमिका अदा कर रहा है.   

3. जो व्यक्ति शारीरिक रूप से अक्षम हैं लेकिन पढ़ाई के माध्यम से अपना भविष्य उज्जवल करना चाहते हैं, उनके लिए डिस्टेंस लर्निंग संभावनाओं का बेहतर स्त्रोत है. इसके माध्यम से वे घर बैठे ही डिग्री व डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं.

4. डिस्टेंस लर्निंग औसत प्रतिभा वाले उन विद्यार्थियों के लिए बड़ा सहारा है सीमित सीटों के चलते प्रोफेशनल कॉलेजों में एडमिशन नहीं ले पाते. उनके लिए यह कोर्स बहुत मददगार साबित होता है.

5. शिक्षा जगत में अधिक उम्र के लोगों की मौजूदगी यह बताती है कि बढ़ती उम्र में भी लोग पढ़ाई का रुझान रखते हैं. आजकल की ओपन इकोनॉमी के दौर में रिटायरमेंट के बाद बी कंपनियां अपने ही कर्मचारियों या फिर अन्य अनुभवी कर्मचारियों को जगह देती है. ऐसे में उनका हाइली क्वालीफाइड होना जरूरी होता है ताकि रिटायरमेंट के बाद भी उनके लिए स्कोप जीवित रहे.

इंस्टीट्यूट की सूचीDistance Education in Hindi

1. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी

2. डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, हैदराबाद

3. सिंबोसिस, पुणे

4. एसएनडीटी यूनिवर्सिटी

5. आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी

6. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड

7. सिक्किम मनिपाल यूनिवर्सिटी

8. नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी

9. मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी, मदुरै

10. दिल्ली यूनिवर्सिटी

11. मद्रास यूनिवर्सिटी

12. कर्नाटक ओपन यूनिवर्सिटी

13. महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, कोटट्म, केरल

14. उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद

15. अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु

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