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आयुष्मान खुराना की ड्रीम गर्ल ‘नुसरत भरूचा’ भी रह चुकी हैं डिप्रेशन की शिकार!

आम लोगों की तरह फिल्मी सितारे भी डिप्रेशन के शिकार होते हैं. आयुष्मान खुराना की ड्रीम गर्ल 'नुसरत भरूचा' भी डिप्रेशन की शिकार रह चुकी हैं. Nushrat Bharucha Depression

हम लोगों की सोच होती है कि सेलिब्रिटिज के पास कभी किसी बात की चिंता नहीं होती. उनकी जिंदगी ऐशो आराम की होती है. क्योंकि सेलिब्रिटिज (Nushrat Bharucha Depression) के पास शोहरत, इज्जत, तमाम तरह की सुख-सुविधाएं व ढ़ेर सारा पैसा होता है. इसलिए इन्हें कभी किसी चीज की तकलीफ नहीं होती.

लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि आम लोगों की तरह इनकी जिंदगी में भी सुख-दुःख लगा रहता है. आम लोगों की तरह सेलिब्रिटिज भी चिंता व तनाव के कारण डिप्रेशन के शिकार होते हैं. यानी सच तो यही है कि चकाचौंध से भरी बॉलीवुड इंडस्ट्री बाहर से जितनी खूबसूरत दिखती है अंदर से उतनी ही मुश्किल है.

जिसकी वजह से कई फेमस सितारे (Nushrat Bharucha Depression) डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं. इनमें परवीन बॉबी, दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा, परिणीति चोपड़ा, मनीषा कोइराला, शाहरूख खान, धर्मेंद्र व अमिताभ बच्चन समेत कई और भी शामिल हैं. कई सितारे अपनी डिप्रेशन के बारे में बात करने से कतराते हैं लेकिन कईयों ने खुद ही अपनी इस समस्या पर खुलकर बात की है.

डिप्रेशन में खो दिया था आत्मविश्वास – Nushrat Bharucha

अब खुलासा हुआ है कि आयुष्मारन खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ (Nushrat Bharucha Depression) भी डिप्रेशन का शिकार रह चुकी हैं. इसका खुलासा फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ को लेकर चर्चा में बनी हुई एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने स्वयं किया है. कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में नुसरत ने खुद ही बताया कि उनकी लाइफ में एक समय ऐसा भी था जब वो डिप्रेशन से गुजरी थीं.

उन्होंने कहा कि ‘मैंने बतौर एक्टर व परफॉर्मर के तौर पर अपना आत्मविश्वास खो दिया था. मैं कहती थी कि मैं एक्टिंग नहीं कर सकती. मुझे बहुत खालीपन लगता था. बहुत कुछ ऐसी चीजें थीं जिनका मुझे ही पता नहीं था. नुसरत भरूचा ने बताया कि अपने स्ट्रगल के दिनों में वह इतनी परेशान हो गई थी कि वह डिप्रेशन में चली गई थी.

नुसरत ने कहा, मेरे आस पास दोस्त, फैमिली होने के बावजूद मैं खुद को अकेला महसूस कर रही थी. मेरे अंदर से बस एक अवाज आती थी कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये एक बहुत बड़ी समस्या हो जाएगी. मुझे विश्वास था कि सब जल्द ही ठीक हो जाएगा.

परिवार वालों का मिला पूरा साथ – Ayushman Khurana’s Dream Girl

फिर कहती हैं ‘मैरे पेरेंट्स को इस बात की जानकारी थी कि मैं परेशान हूं. जब मैं पूरी रात रोती थी तो उन्हें इसकी जानकारी होती थी. ईमानदारी से कहूं तो डिप्रेशन से निकलने और इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए मेरे परिवार से मुझे काफी हिम्मत मिली है. मेरे परिवार वालों का अगर साथ नहीं होता तो शायद मैं वापस उसी शहर लौट जाती जहां से मैं आई हूं.’

नुसरत भरूचा और आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल (Dream Girl) बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. फिल्म प्यार का पंचनामा से मशहुर हुई नुसरत भरूचा ‘ड्रीम गर्ल’ में आयुष्मान खुराना के अपोजिट नजर आ रही हैं. नुसरत भरूचा ने साल 2006 में फिल्म जय संतोषी मां से ही बॉलीवुड में डेब्यू किया था. उनकी फिल्मस सोनू की टीटू की स्वीटी को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था.

बॉलीवुड में कदम रखने वाली नुसरत अभी तक कुछ चुनिंदा फिल्मों में ही नजर आई हैं. इसके अलावा नुसरत भरूचा अपनी अगली फिल्म ‘तुर्रम खां’ के लिए तैयार हैं. हंसल मेहता की इस फिल्म (Dream Girl) में वह एक्टभर राजकुमार राव के अपोजिट स्क्रीन शेयर करेंगी. इस फिल्म को लव रंजन और अजय देवगन प्रोड्यूस कर रहे हैं. ‘तुर्रम खां’ 31 जनवरी 2020 को रिलीज होगी.

क्या है डिप्रेशन?What is depression?

आज की व्यस्त जिंदगी में हम अपने लिए समय नहीं निकाल पाते हैं. हर दिन हमारे दिमाग में कुछ न कुछ चलता रहता है. यही सब धीरे-धीरे मानसिक बीमारी का रूप धारण कर लेती है. जिसे डिप्रेशन कहते हैं. लेकिन दिमागी तकलीफ या डिप्रेशन को लेकर सभी के मन में गलत धारणा है.

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Life’s too short to bullshit. – Naomi Campbell

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लोगों का मानना है कि डिप्रेशन के शिकार वही लोग होते हैं जिनकी जिंदगी में कोई बड़ा हादसा हुआ हो. लोग अक्सर पूछते हैं, कि ”तुम्हें डिप्रेशन क्यों है? क्या कमी है तुम्हारी जिंदगी में?” यह पूरी तरह से गलत है. डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति के शरीर में खुशी देने वाले हॉर्मोन्स जैसे ऑक्सिटोसीन का बनना कम हो जाता है.

जिस कारण डिप्रेशन में आप चाहकर भी खुश नहीं रह पाते. आपने किसी ऐसे इंसान को देखा होगा, जो अपने आप से बातें करता रहता है या फिर कोई ऐसा जो हमेशा मरने की बातें करता है. या फिर हर छोटी-छोटी बात पर रो देता है. आप उन खुशमिजाज लोगों से भी मिले होंगे, जिनकी खुदकुशी की खबर पर आपको यकीन नहीं होता. ऐसे लोग डिप्रेशन या मानसिक बीमारी के शिकार होते हैं.

यह एक तरह की मानसिक बीमारी है जो धीरे-धीरे इंसान के दिमाग पर हावी होने लगती है. इसका असर ऐसा होता है कि इंसान की जीने के प्रति रूचि खत्म होने लगती है. डिप्रेशन का शिकार व्यक्ति अकेलेपन का शिकार होकर अंदर ही अंदर घूटता रहता है. सिर्फ यही नहीं व्यक्ति के मन में आत्महत्या करने जैसे ख्याल भी आने लगते हैं. इसके शिकार व्यक्ति को दुःख, अक्षमता, व्यर्थता का अनुभव होता है.

डिप्रेशन के लक्षण – Symptoms of depression

1. आप खुद से नफरत करते हैं और अपने आप को खत्म कर लेना चाहते हैं.

2. यह भूल जाना कि आप आखिरी बार खुश कब हुए थे.

3. हमेशा अकेले रहने की कोशिश करना.

4. बिस्तर से उठने या नहाने जैसी डेली रुटीन की चीजें भी टास्क लगना.

5. हमेशा चिंतित रहना व निरंतर मनोदशा में बदलाव.

6. देर रात तक जगना व सुबह उठने में कठिनाई महसूस होना.

7. ज्यादा खाना या फिर भूख ही नहीं लगना.

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8. शरीर में अकारण थकान व सुस्ती रहना.

9. ध्यान लगाने में मुश्किल होना.

10. अगर आप इन बातों के अलावा गूगल पर खुदकुशी के तरीके सर्च करते हैं तो आपको तुरंत मदद लेनी चाहिए.

डिप्रेशन से बचने के उपाय – Ways to avoid depression

1. अपनी तकलीफों को परिवार व दोस्तों के साथ साझा करें.

2. डिप्रेशन से निपटने का सबसे बेहतर तरीका अपनी पसंद का म्यूजिक सुनना है.

3. ऐसे समय में परिवार व दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं.

4. रोजाना व्यायाम, योगा, जॉगिंग व वॉक करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. इससे नकारात्मकता दूर होती है.

5. तंबाकू, शराब व कैफिन मानसिक स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं इसलिए इनके दूर ही रहें.

6. आहार में फल, सब्जियां, कम वसा वाले डेयरी खाद्य पदार्थ, मांस, मछली के साथ खूब पानी पीएं.

7. ऑफिस के काम को वहीं पूरी करने की कोशिश करें. यानी ऑफिस के काम को घर लेकर मत आए.

8. डिप्रेशन के शिकार व्यक्ति को अकेला मत छोड़ें. क्योंकि ऐसी परिस्थिति में इंसान आत्महत्या करने की सोचता है.

9. भरपूर नींद नहीं लेना भी डिप्रेशन की एक वजह हो सकती है.

10. कभी भी लोगों से दूर नहीं बल्कि उनसे मिलें व बातचीत करें.

11. दुनियाभर में 30 करोड़ लोग डिप्रेशन का शिकार –

विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार विश्वभर में 30 करोड़ (300 मिलियन) लोग अवसाद की समस्या से जूझ रहे हैं. जबकि हर वर्ष 8,00,000 लोग आत्महत्या कर लेते हैं. वहीं 15 से 29 आयु वर्ग के बीच मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या बन चुका है. #NushratBharucha

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