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Dussehra Festival in hindi: अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दशहरा

दशहरा के दिन प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया था और इसी दिन मां दुर्गा ने भी राक्षस महिषासुर का वध किया था. (Dussehra Festival in hindi)

हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार दशहरा (Dussehra Festival in hindi) जिसे आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. प्रभु श्रीराम ने दशहरा के दिन रावण का वध किया था. मान्यता ये भी है कि मां दुर्गा ने भी इसी दिन राक्षस महिषासुर का वध किया था. इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.

Dussehra Festival in hindi

हर इंसान के जीवन में शक्ति का बहुत महत्व है और मां दुर्गा शक्ति की देवी हैं इसलिए हम सब दुर्गा शक्ति की आराधना करते हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड समेत विभिन्न प्रांतों में महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है. त्योहार के अंतिम दिन को विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है. विजयादशमी के दिन पूरे देश में रावण के पुतले फूंकने की परंपरा है.

‘दशहरा’ शब्द को संस्कृत भाषा से लिया गया है। इसमें ‘दश’ का अर्थ है ‘दशानन’ यानि दश सिर वाले रावण और ‘हारा’ का अर्थ है रावण को राम से मिली पराजय.

‘विजयादशमी’ भी संस्कृत शब्द ‘विजय’ और ‘दशमी’ से लिया गया है. दशमी का अर्थ हिन्दू महीने के दसवें दिन से है. चूकि श्री राम ने दशमी के दिन रावण का वध कर उस पर जीत हासिल की थी. इसलिए दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है.

दशहरा और नवरात्रि का संबंधDussehra Festival in hindi

नवरात्रि और दशहरा के पीछे एक कहानी जुड़ी है. राक्षस महिषासुर को उसके पापों की सजा देने के लिए मां दुर्गा ने उसके साथ प्रचंड युद्ध किया था. यह युद्ध नौ दिन और नौ रातों तक चली थी. जिसके बाद आश्विन शुक्ल पक्ष के दसवें दिन इन्होंने महिषासुर का वध कर दिया था. यही वजह है कि दशहरा को नवरात्रि या दुर्गोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इन 10 दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है. दशहरा को नवरात्रि और विजयादशमी (Dussehra Festival in hindi) के अलावा आयुध पूजा और बीजोया आदि नामों से भी जाना जाता है.

दशहरा मनाने का कारण

रावण बहुत ही अत्याचारी और घमंडी राजा था. श्रीराम का वनवास चलने के दौरान उसने प्रभु श्री राम की पत्नी सीता का छल से अपहरण कर लिया था. माता सीता को रावण के चंगुल से चुड़ाने के लिए राम ने वानरराज सुग्रीव से दोस्ती की थी. इसके बाद वे वानर सेना के साथ समुद्र पार कर लंका गए और रावण पर चढ़ाई की थी. इस दौरान राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध हुई थी. इस लड़ाई में मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण समेत तमाम वीर योद्धा मारे गए थे. फिर राम ने अपनी शरण आए रावण के भाई विभीषण को लंका का राजा बनाया. और पत्नी सीता को लेकर अयोध्या की ओर रवाना हुए. रामायण से श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम रूप उजागर होता है.

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लंका नरेश रावण

रावण राक्षस तो था लेकिन वो कोई साधारण राक्षस नहीं था. दक्षिण दिशा में हीरे, मोती, सोना और कीमती रत्नों से सुसज्जित लंका नगर में रहने वाला लंकापति रावण समस्त वेदों का ज्ञाता था. सिर्फ यही नहीं बल्कि रावण तो मायावी शक्ति और युद्ध कौशल में भी पारंगत था और बाहुबल में व्रज के समान शक्तिशाली था. वहीं रावण का भाई विभीषण नीतिज्ञान में निपुण और कुंभकरण एक महाकाय प्रचंड योद्धा था. जबकि रावण का पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत), अतिकाय ये सब उच्च कोची के असुर योद्धा थे.

रावण जब हाथ में चंद्रहास मुखी खड़ग लेकर युद्ध के लिए निकलता था तो उसके सामने खड़े शत्रु डर के मारे कांप उठते थे. रावण और उसके पुत्र बहुत ही सशक्त थे. रावण स्वयं घोर तपस्वी और बहुत सारे देवी अस्त्रों व शस्त्रों का ज्ञाता था. इसके अलावा परम शिव भक्त भी था.

विजयादशमी के दिन शुरू हुआ था महाभारत

वीर पांडवों ने लक्ष्य भेदकर द्रोपदी का वरण किया था. महाभारत का युद्ध भी विजयादशमी के दिन ही शुरू हुआ था. भगवान श्री राम ने भी इसी दिन दस दिन के महायुद्ध के बाद आश्विनी मास की शुक्ल दशमी को रावण का वध किया था. इसकी मुख्य वजह थी कि अहंकारी रावण के कारण देव और मानव दोनों ही परेशान थे. साथ ही वनवास के दौरान रावण ने माता सीता का अपहरण भी कर लिया था. इसलिए इस दिन श्री राम की विजय पर पूरे देश में लोग खुशियां मनाते हैं.

रामलीला का मंचनDussehra Festival in hindi

उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में रामलीला का मंचन होता है. नवरात्री में राम के जीवन पर आधारित रामलीला का आयोजन किया जाता है. दिल्ली में रामलीला मैदान, परेड ग्राउंड और कई जगहों पर विशाल रूप में रामलीला का आयोजन किया जाता है. दशहरा (Dussehra Festival in hindi) रामलीला का अंतिम दिन होता है. इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाए जाते हैं. इन पुतलों में अनेक प्रकार के बम्बों (आतिशबाजी) को लगाया जाता है. शाम को राम और रावण के दलों में कृत्रिम लड़ाई करवाई जाती है और राम रावण को मार कर लंका पर विजय प्राप्त करते हैं.

इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को जलाया जाता है. तब पटाखों की आवाज के साथ जलते पुतलों को देखने का आनन्द ही अलग होता है. पुतला जलाने के बाद राम के राज तिलक का अभिनय किया जाता है. दशहरे के मौके पर जगह-जगह पर मेले भी लगते हैं.

विभिन्न स्थानों पर दशहरा पर्वDussehra Festival in hindi

देश के विभिन्न स्थानों में विजयादशमी का त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है. कहीं रामायण के सभी पात्रों की झांकियां निकली जाती हैं. जिसे लोग बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ देखते हैं.

नवरात्रि के नौ दिन पहले गुजरात में गरबा खेलने का कार्यक्रम किया जाता है. इसमें सभी उम्र के लोग दांडिया रास और गरबा खेलते हैं. इन दिनों मां दुर्गा की उपासना और हवन-पूजा का भी आयोजन होता है. दशहरा के दिन रावण का पुतला जला कर कार्यक्रम को समाप्त किया जाता है. नवरात्रि में बहुत सारे भक्तजन व्रत भी रखते हैं और इस उत्सव में सभी उम्र के लोग अतरंगी, चमकदार, सजीले पोशाक पहनकर खुशियों के साथ इस त्योहार को मनाते हैं.

मौसूर का दशहरा भी बहुत मशहूर है. यहां का दशहरा देखने के लिए विदेशी सैलानी भी हर साल इकट्ठा होते हैं. यहां के मैसूर महल को तो दुल्हन की तरह सजाया जाता है और यहां से सुसज्जित हाथियों का भव्य जूलूस निकाला जाता है.

वहीं हिमाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला कुल्लू का दशहरा भी विश्व प्रसिद्ध है. यहाँ पर लोग नए-नए कपड़े पहन कर पूरे हर्षोल्लास के साथ अपने ईष्ट देवी-देवताओं को पालकी में बैठाकर घूमाते हैं. इस दौरान ढोल-नगाड़े समेत अन्य वाद्य यंत्र बजाये जाते हैं.

भारत की राजधानी दिल्ली में दशहरे के दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा को ट्रक और गाड़ियों में लादकर गलियों और बाजारों से एक जुलूस की तरह निकाला जाता है और फिर प्रतिमा को नदियों या फिर पवित्र सरोवरों और सागरों में विसर्जित कर दिया जाता है.

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