Home Experts Advice हर हाल में बच्चे को वक्त पर सुलाएं!

हर हाल में बच्चे को वक्त पर सुलाएं!

सही वक्त पर व सही तरीके से सोना हर इंसान के लिए जरूरी है. क्योंकि सोने का भी स्वास्थ्य पर अच्छा व बुरा असर पड़ता है. Healthy Sleep Habits

सही वक्त पर व सही तरीके से सोना (Healthy Sleep Habits) हर इंसान के लिए जरूरी है. क्योंकि सोने का भी स्वास्थ्य पर अच्छा व बुरा असर पड़ता है. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आपका बच्चा कितनी देर सोता है. बच्चा अगर पर्याप्त नींद लेता है, तो ठीक है. लेकिन उम्र के अनुसार अगर वह पर्याप्त नींद नहीं ले रहा है तो यह आपके लिए चिंता का विषय है. इसलिए जरूरी है बच्चों में शुरुआत से ही सोने की अच्छी आदत डाली जाए. क्योंकि इस उम्र में सिखाई गई आदतें ज्यादा प्रभावी होती है.

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जबकि आजकल के माता-पिता का रूटीन बहुत ज्यादा व्यस्त होने की वजह से वे बच्चे की इस आदत की ओर ध्यान नहीं देते. विशेषज्ञ की मानें तो स्कूली बच्चों को कम से कम 9-11 घंटे तक सोना (Healthy Sleep Habits) जरूरी है. मतलब उन्हें रात्रि 8 से 9 बजे तक बिस्तर पर चले जाना व सुबह 6 से 7 बजे तक जगना चाहिए. कम सोना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. इससे बच्चे के व्यवहार, एकाग्रता व पढ़ने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होता है.

चिंताजनक है नींद की अनियमितता –

आपका बच्चा भी अगर रोजाना देर रात को सोता है तो हो जाएं सावधान. माता-पिता दोनों को चाहिए कि वे बच्चे के सोने का समय हर संभव निर्धारित करें. नींद की अनियमितता चिंता का बहुत बड़ा कारण बन सकती है. अध्ययन की मानें तो जिन बच्चों के सोने का समय निर्धारित नहीं होता उन्हें आगे चलकर व्यवहार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पता चला है कि सोने का वक्त निर्धारित नहीं होने पर व्यक्ति में अनिद्रा की समस्या (Healthy Sleep Habits) होने लगती है. नींद न आना कई सारी बीमारियों का घर है. नींद की कमी का सीधा असर बच्चे के दिमाग पर पड़ता है. जिससे बच्चा दिमागी तौर पर कमजोर हो जाता है.

बच्चे के शुरूआती वर्ष उसके भावी जीवन व विकास के लिए महत्वपूर्ण नींव तैयार करता है. एक शोध में पता चला है कि जिन बच्चों के सोने व जागने का समय निर्धारित नही होता उन्हें भविष्य में हाइपरएक्टिविटी, दोस्तों के साथ समस्या, भावनात्मक परेशानी व किसी भी समस्या को सुलझाने में दिक्कत देखी जाती है.

यहां जानते हैं बच्चे के सही वक्त पर सोने की आदत डालने के तरीके –

1. सबसे पहले रूटीन बनाना है आवश्यक –

अगर आप बच्चे में सोने की अच्छी आदतों (Healthy Sleep Habits) को विकसित करना चाहते हैं तो सबसे पहले रूटीन बनाना आवश्यक है. इस रूटीन में बच्चे की सुबह से लेकर सोने के क्रिया कलाप शामिल करें. जिसमें बच्चे के उठने से लेकर ब्रश करने, नास्ता करने, पढ़ने, खेलने व खाने से लेकर सोने तक का समय तय करें.

2. इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के इस्तेमाल का समय निर्धारित करें – Healthy Sleep Habits

जब बच्चे के सोने का वक्त हो तो उसके हाथों में ना तो मोबाइल फोन दें, ना ही कंप्यूटर और ना तो टीवी देखने के लिए बैठाए. क्योंकि बच्चों में ये उपकरण नशे की तरह घर जाते हैं. जब एक बार वह इसका व्यवहार करना शुरू करता है तो फिर वह उसे छोड़ना नहीं चाहता और देर रात तक जागता रहता है.

3. कमरा रखें आरामदायक –

जिस कमरे में बच्चे को सोना हो उसे आरामदायक बनाएं. सामान्य तौर लोग रात के वक्त लाइट बंद करके ही सोना पसंद करते हैं. लेकिन कुछ बच्चों को ऐसे में डर लगता है तो उन्हें निश्चिंत नींद देने के लिए आप कमरे में नाइट लैंप जला सकते हैं.

4. बच्चे में डालें अकेले सोने की आदत – Healthy Sleep Habits

बच्चे के 8-10 वर्ष की उम्र तक होने पर उनमें अकेले सोने की आदत डालें. अकेले सोना बच्चे को मानसिक रूप से स्ट्रांग बनाता है. बच्चे के स्ट्रांग होने पर उनके अंदर से डर की भावना निकल जाएगी.

5. कब और कैसे शुरुआत करें –

अपने बच्चे में अकेले सोने की शुरुआत एक दिन में ही अचानक शुरू ना करें बल्कि उसमें धीरे-धीरे इस आदत को विकसित करें. मां के साथ सोने में कोई भी बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है. लेकिन बच्चे को अलग सुलाने का कोई निर्धारित समय नहीं है लेकिन 8-10 वर्ष की उम्र में इसकी शुरुआत जरूरी है.

इसे भी पढ़ें: आपका बच्चा भी सोने में करता है आनाकानी?

6. कमरे को सजाकर खूबसूरत बनाएं –

सुंदर कमरा तो हर किसी के लिए आकर्षक होता है. पर जब बात बच्चों की हो रही हो तो उनके लिए भी यह आकर्षक होते हैं. सुंदर कमरे में बच्चे अधिक देर तक समय बिताना चाहते हैं. ऐसे कमरे में बच्चा खुद को आनंदित महसूस करता है और ऐसे में अगर उसके सोने का कमरा वही हो तो इसमें उन्हें नींद भी अच्छी आती है. बच्चे का कमरा आप कम बजट में भी सजा सकते हैं.

7. अकेले सोने के फायदे – Healthy Sleep Habits

आपका बच्चा अगर कमरे में अकेला सोता है तो समझ लीजिए बच्चा आत्मविश्वास से भरपूर होगा. उसके अंदर व्याप्त डर की भावना लापता हो जाएगी.

8. रूटीन के प्रति रहें सख्त –

एक बात जरूर ध्यान रहे कि अगर आप बच्चे को आज्ञाकारी बनाना चाहते हैं तो बच्चे के बुरे बर्ताव के प्रति सख्त रहना जरूरी है. कहने का मतलब है कि अगर उसके सोने का टाइम आपने निर्धारित (Healthy Sleep Habits) कर दिया है तो उसे तय वक्त पर ही सुलाएं.बच्चा अगर सोने के वक्त ही टीवी या मोबाइल में व्यस्त रहे तो उसके प्रति आपका थोड़ा सख्त होना जरूरी है. नहीं तो एक दिन अगर आपने उसे छूट दे दी तो फिर वो हमेशा वही गलती दोहराएगा.

इस आलेख के माध्यम से हमने आपको बच्चे को सही वक्त पर सुलाने के प्रति सावधान किया है. क्योंकि सही वक्त पर खाना जितना जरूरी है उतना ही सोना भी. स्वास्थ्य के लिए कम सोना या ज्यादा सोना दोनों ही हानिकारक है. आपका बच्चा भी अगर सोने में अनियमितता बरतता है तो यह आलेख आपकी जरूरतों को पूरी करेगा. उम्मीद है यह लेख आपके लिए लाभकारी होगा, तो अपना अनुभव ‘योदादी’ के साथ कमेंट कर जरूर शेयर करें. #GoodHabits

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