Home Experts Advice आपका बच्चा भी तो नहीं है हाई ब्लड प्रेशर का शिकार?

आपका बच्चा भी तो नहीं है हाई ब्लड प्रेशर का शिकार?

आजकल हाई ब्लड प्रेशर छोटे बच्चों में आम समस्या बनती जा रही है. इनकी जीवनशैली में परिवर्तन कर इस बीमारी का काफी हद तक निदान संभव है. Hypertension In Children

एक अध्ययन में पता चला है कि 13 से 17 वर्ष की उम्र के करीब 21 प्रतिशत बच्चे हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension In Children) के शिकार हैं. इस बीमारी की वजह से स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होती है, उन्हें आगे चल कर अन्य बीमारियों का भी खतरा रहता है.

Hypertension In Children

हाई बी.पी. (Hypertension In Children) की वजह से ही देखा जाता है कि छोटे-छोटे बच्चे 5 मिनट टहलने के बाद ही थक जाते हैं और हांफना शुरू कर देते हैं. सांस लेने में तकलीफ होती है व पसीना भी ज्यादा आता है. इंडिया में बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. यह बेहद चिंता का विषय है.

हम आपको यहाँ हाई ब्लड प्रेशर से संबंधी जानकारी देने जा रहे हैं:

हाई बी.पी. की समस्या बच्चों में लगभग समान होती है. समान उम्र, लंबाई, जेंडर के लगभग 95 फीसद बच्चों में ब्लड प्रेशर समान होता है. जिन बच्चों में बचपन से ही ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उनमें हार्ट अटैक, किडनी, स्ट्रोक, चक्कर आना, नाक बंद, दिल की धड़कन तेज होना व आंखों की बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता है.

कई बार हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. लेकिन वह अंदर ही अंदर शरीर को प्रभावित करता रहता है. हाई ब्लड प्रेशर छोटे बच्चों (Hypertension In Children) में ज्यादा देखने को मिलती है. बच्चे की उम्र जितनी कम होती है उसे यह परेशानी ज्यादा होती है.

क्या हैं कारण – Hypertension In Children

बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं. किसी के परिवार में अगर पहले से कोई हाई बी.पी. का मरीज हो तो बच्चे में इस बीमारी के होने की संभावना रहती है. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से ही बच्चे में बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है. व्यस्क लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम बात है. लेकिन बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर का कारण मोटापा है. इसके लिए जिम्मेदार माता-पिता हैं.

इन खास बातों का ख्याल रखें

वैसे तो बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर का कारण जेनेटिक हो सकती है. लेकिन आजकल की जीवशैली भी इसकी एक बड़ी वजह है. आज के बच्चे पिज्जा, बर्गर, आलू पराठा आदि खाना ज्यादा पसंद करते हैं. इस तरह के खाद्य पदार्थ बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. माता-पिता को बच्चों की जीवनशैली पर कंट्रोल करना उचित है.

अस्वस्थ डाइट, तनाव, ओवरवेट व शारीरिक गतिविधि में कम हिस्सा लेने की वजह से बच्चों में हाई ब्लड की समस्या शुरू होती है. बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले डाइट में बदलाव, टीवी, कंप्यूटर व मोबाइल फोन पर अधिक कम से कम वक्त बिताने दें. बच्चों का व्यायाम करना सबसे ज्यादा कारगर साबित होता है. इसके लिए अभिभावक को विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

हाई ब्लड प्रेशर की रोकथाम करने वाली डाइट – Hypertension In Children

बच्चों में ब्लड प्रेशर (Hypertension In Children) कम करने के लिए डाइट की अहम भूमिका होती है. आपके बच्चे को अगर हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेनी पड़ती हो तो भी जरूरी है उसके खानपान में बदालव लाने की.

आजकल तो छोटे-छोटे बच्चे भी इस गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं. बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर काफी कॉमन समस्या हो चली है. विशेषज्ञ का कहना है कि 6 साल तक के बच्चों में हाई बी.पी का कारण किसी बीमारी की दवा भी हो सकती है.

जबकि बड़े बच्चों में यह बीमारी दवा व वजन के साथ-साथ जीवनशैली में गड़बड़ी की वजह से होता है. बच्चों की सुरक्षा के लिए आपको विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. आप बच्चों के स्वास्थ्य की जांच समय-समय पर कराते रहें.

लक्षणों की ना करें अनदेखी

ध्यान रखें अगर आपके बच्चे को सीने में दर्द, उल्टी, सिरदर्द व चक्कर आने की शिकायत है तो उसके ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं. खानपान में बदलाव कर आप घर से ही हाई बी.पी. (Hypertension In Children) का इलाज शुरू कर सकते हैं. डाइट में पोषण की कमी बिल्कुल ना होने दें.

बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर रोकने की डाइट में मौसमी फल, सब्जियां, कार्बोहाइड्रेट, नट्स व कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट शामिल हैं. यह खाने में हाई बी.पी की समस्या से निजात पाने में राहत मिलती है. क्योंकि इसमें नमक कम और चीनी होता है. सबसे जरूरी बात है कि सब्जियां इस बीमारी में काफी लाभदायक होती है, खासकर हरी सब्जियां.

इसे भी पढ़ें: ठंड के मौसम में अस्थमा से बचाव के लिए इन उपायों को आजमाएं!

फल, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद व फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ को भोजन में शामिल करें. वहीं वसा, प्रोसेस्ड फूड, चीनी वाला पेय पदार्थ व कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों की सेव कम करें. ज्यादा नमक खाने से परहेज करे. कच्चा नमक खाने की कोशिश तो बिल्कुल नहीं करें. अध्ययन के अनुसार नमक 2300 मिलीग्राम से कम ही खाना चाहिए. रोटी, सैंडविच, पिज्जा व फास्ट फूड आदि से दूर ही रहें.

hypertension

स्वस्थ डाइटHealthy Diet

बच्चे को जंक फूड से दूर रखें. उनके भोजन में फल व सब्जी पर्याप्त मात्रा में शामिल करें. खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाकर उसमें फैट व शुगर की मात्रा को कम करना चाहिए. फल व सब्जी के साथ दाल व मछली को भोजन में अधिक मात्रा में शामिल करें.

फिजिकल एक्टिविटीHypertension In Children

ब्लड प्रेशर कम करने के लिए आउटडोर ऐक्टिविटी को अधिक बढ़ावा देना चाहिए. बच्चों को टीवी व मोबाइल से दूर रख कर उन्हें घर के बाहर खेलने को प्रेरित करें. टहलना व साइकलिंग करना भी इसमें काफी फायदेमंद होता है.

हर अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे. इसके लिए विभिन्न तरह के प्रयास भी करते हैं. आपके बच्चे में भी कहीं हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण तो नहीं हैं? लक्षणों की पहचान आप हमारे इस ब्लॉग के माध्यम से कर सकते हैं. अगर आपके बच्चे में भी यहां बताए गए लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क स्थापित करें. #Hypertension

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here