Home Health Care दाद के कारण, लक्षण व उपचार – Home Remedies For Ringworm

दाद के कारण, लक्षण व उपचार – Home Remedies For Ringworm

दाद वायरस के संक्रमण से होने वाला एक रोग है. यह बीमारी उन लोगों में देखी जाती है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. Home Remedies For Ringworm

दाद वायरस के संक्रमण से होने वाला एक रोग है. आमतौर पर यह बीमारी अधिक उम्र वाले लोगों में देखी जाती है. लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जिनका तनाव, चोट या दवाओं के सेवन के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, वैसे लोगों में भी दाद की बीमारी (Home Remedies For Ringworm) का खतरा बना रहता है. आपको अगर एक बार कभी चिकन पॉक्स हुआ है तो दाद का वायरस शरीर की कोशिकाओं में सुप्त अवस्था में ही रह जाता है.

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यही वायरस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर फिर से सक्रिय हो जाते हैं और दाद का रूप धारण कर लेती है. कई बार तो यह वायरस दवाओं का अधिक सेवन करने पर भी सक्रिय हो जाते हैं. यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में व्यक्ति में नहीं फैलती, यानी यह कोई संक्रामक रोग नहीं है. लेकिन यह रोग उन लोगों को अपना शिकार बना सकती है जिन्होंने चिकनपॉक्स का टीका नहीं लगवाया हो.

दाद क्या होते हैं, इनके लक्षण क्या हैं? – Ringworm in Hindi

1. लाल चकत्ता, त्वचा में खुजली, त्वचा का परतदार और उभरा हुआ दिखना.

2. अंगूठी के आकार के लाल धब्बे.

3. मवाद भरे छाले.

4. दाद का फैलकर फफोला बन जाना.

5. फफोलों जैसे इन दाद में पस भर जाना.

6. धीरे-धीरे गहरे लाल रंग का हो जाना.

7. रैशेज में जलन होना.

8. त्वचा पर उभरे हुए किनारों वाले दाग.

9. गला, जांघों, हाथ, सिर, दाढ़ी और नाखूनों पर अंगूठी जैसा दाग.

दाद के कारणCauses of Ringworm in Hindi

1. अम्ल, लवन, तीखा रस वाले पदार्थों का अधिक सेवन करना.

2. देर रात तक जागना, बहुत गुस्सा करना या अधिक गर्मी में रहना.

3. रक्त की वजह से भी दाद जैसे स्कीन की अन्य बीमारियों का खतरा रहता है

4. संक्रमित व्यक्ति, जीव, भोजन या पानी के संपर्क में आने पर.

5. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर.

6. अधिक पसीना आने पर

7. अधिक गर्म या आर्द जलवायु में रहने पर

दाद के प्रकार – Types of Ringworm in Hindi

1. शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दाद को अलग नामों से जाना जाता ह

2. स्कैल्प पर होने वाला दाद टिनिया कैपिटिस.

3. चेहरे वाले दाद टिनिया फाचेई.

4. दाढ़ी में होने वाले दाद टिनिया बारबाई.

5. हाथ पर होने वाला दाद टिनिया.

6. पैर पर होने वाला दाद टिनिया पेडिस या एथलिट फुट.

7. उंगली वाले दाद टिनिया अंगियम

8. छाती, जांघ या पीठ पर होने वाले दाद को टिनिया कॉर्पोरिस कहते हैं.

दाद से सावधानी – Prevention of Ringworm in Hindi

1. अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें.

2. धुले हुए कपड़े पहनना.

3. हमेशा हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोते रहना.

4. ढ़ीले व सूती कपड़े पहनना ताकि पसीना ना हो.

5. शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखना.

6. खुजलीदार लाल धब्बे को खरोचने से बचें.

7. खुद को धुल और धुल भरे वातावरण से दूर रखना.

8. अपना तौलिया व कपड़ा अलग ही रखें.

9. अपनी स्किन को हमेशा सुखा रखें.

10. भीगे कपड़ें बिल्कुल मत पहनें.

11. एंटी फंगल क्रीम माइकोनोजोल व टेरबीनाफिन को दिन में 2 बार प्रभावित हिस्सों पर लगाने से दाद खत्म करने में मदद करता है

दाद से बचने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Ringworm in Hindi

सेब का सिरका

थोड़ा सा सेब का सिरका लें और उसमें एक रूई को भिगो कर उले निचोड़ लें. अब रूई को दाद वाली जगह पर 15 मिनट के लिए रखें. इस प्रक्रिया को रोजाना कई बार करके एक सप्ताह तक दोहराएं.

नारियल का तेल

दाद वाली जगह पर उंगली की मदद से नारियल का तेल लगाकर कुछ देर मसाज करें. ऐसा दिन में चारप बार दोहराएं.

लहसुन

लहसुन की एक या दो कलियों को पीसकर उसे दाद वाली जगह पर लगाएं. 15 मिनट बाद इसे धो लें.

टी ट्री ऑयल

थोड़ा सा टी ट्री ऑयल में रूई को भिगोकर दाद वाली जगह में लगाएं. ऐसा दिन में कम से कम चार बार करें.

हल्दी

1-2 चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा सा पानी मिवाकर इसका गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. इसे दाद पर लगाकर उंगली से मालिश करें. दाद ठीक होने तक यह प्रक्रिया दोहराते रहें.

नीम का तेल

नीम के तेल की कुछ बूंदे लेकर उसे दाद वाले हिस्से पर लगाएं.

कच्चा पपीता

कच्चे पपीता का एक टुकड़ा लेकर दाद वाली जगह पर रगड़ कर उसे 15 मिनट रहने दें. फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें. इस प्रक्रिया को दिन दिन में 2 बार दोहराएं.

एलोवेरा

एक चम्मच एलोवेरा जेल निकाल कर उसे दाद वाली जगह पर लगाएं. ऐसा दिन में 2 से 3 बार करें.

सरसों के बीज

थोड़ा सा सरसों के बीज लेकर उसे पानी में भिगो दें. अब उसे पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें और इसे दाद वाली जगह पर लगा लें.

सेंधा नमक

¼ कप सेंधा नमक में गरम पानी मिलाकर दाद वाले हिस्से को 30 मिनट तक उस पानी में रखें. फिर इसे पानी से धो लें.

अरंडी का तेल

दाद वाली जगह पर कुछ बूंदें अरंडी का तेल लगाएं और उसे धीमे-धीमे मसाज कर दें.

ब्लीच

1 भाग ब्लीच और 1 भाग पानी मिलाएं. अब एक रूई को इसमें भिगोकर उसे दाद पर लगाएं. ध्यान रखें कि ब्लिच सिर्फ दाद पर ही लगे, आसपास के हिस्से पर नहीं. इसे सूखने दें लेकिन अगर असहज महसूस हो रही हो तो तुरंत इसे धो लें.

कोलाइडल सिल्वर

कोलाइडल सिल्वर को दाद पर लगा कर छोड़ दें.

लैवेंडर ऑयल

8-10 बूंद लैवेंडर ऑयल और 1 चम्मच ऑलिव ऑयल को मिला लें. इसे दाद वाली जगह पर लगा कर छोड़ दें.

नीलगिरी तेल

1 भाग नीलगिरी तेल और 1 भाग पानी लेकर इसे अच्छे से मिला लें. अब इसमें एक कपड़ा डुबा कर उससे दाद वाली जगह पर लगाएं और फिर इसे दाद पर बांध दें. कपड़े को रात भर ऐसे ही रहने दें.

ऑरेगैनो ऑयल

दाद वाले स्थान पर ऑरेगैनो ऑयल की कुछ बूंदें डाल कर इसे कुछ देर के लिए ऐसे ही रहने दें

नेल पॉलिश

बिना रंग वाली नेल पॉलिश को दाद वाले हिस्से पर लगाएं. 7-8 घंटे बाद नेल रिमूवर और कॉटन की सहायता से हटा दें. इस तरीके को कई बार दोहराएं.

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