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बच्चे के लिए ट्यूटर का चयन करते समय ध्यान रखने वाली 6 महत्वपूर्ण बातें

बच्चों के लिए ट्यूटर का चयन करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, यहां विस्तार से बताया गया है. How to Choose a Tutor in Hindi

How to Choose a Tutor in HINDI: प्रतियोगिता के इस दौर में हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में सबसे तेज हो और हर परीक्षा में वह अच्छे नंबर हासिल करे. इसके लिए वे बच्चे को बेहतर से बेहतर स्कूल में दाखिला दिलाते हैं. लेकिन सच तो ये है कि सिर्फ स्कूल की पढ़ाई से हर बच्चे का काम नहीं चलता. इसकी वजह है कि स्कूल में अधिक बच्चे होने के कारण शिक्षक का सभी बच्चों पर ध्यान देना असंभव हो जाता है.

ऐसे में पैरेंट्स के लिए बच्चों को ट्यूटर देना जरूरी हो जाता है. लेकिन ध्यान रहे कि ट्यूटर अच्छा होगा तभी आपका ट्यूशन कारगर होगा. लेकिन किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चों के ट्यूटर का चयन करना अपने आप में ही अहम टास्क है. क्यूंकि बच्चे के लिए एक ऐसे शिक्षक की जरूरत होती है जो उसे अलग से गाइड कर सके और उन्हें स्कूल के तरीके से अलग हटकर कुछ नया सिखाए और उन्हें भीड़ से आगे रखे. ट्यूटर समय-समय पर बच्चे का टेस्ट लेते हैं और उन्हें पढ़ाई से संबंधित मटेरियल एडवांस में ही उपलब्ध कराते हैं. ताकि बच्चा पढ़ाई के लिए प्रेरित हो सके.

How-to-Choose-a-Tutor

यहां हम आपको बताते हैं कि बच्चों के लिए ट्यूटर का चयन करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

बच्चों के लिए ट्यूटर का चयन – How to Choose a Tutor

आप भी अगर अपने बच्चे के लिए अलग से प्राइवेट ट्यूटर रखना चाह रहे हैं तो इसके लिए थोड़ी मेहनत की जरूरत होती है. आप चाहें तो स्कूल से भी किसी शिक्षक को रख सकते हैं लेकिन ट्यूटर हायर करने से पहले आपको उसकी एक एम्पलाई की तरह सही से जांच-परख करनी होगी. अपने बच्चे के ट्यूटर (tutor ka chayan kaise kare) में इन 6 बातों को देखें.

1. विषय की सही जानकारी

बच्चे के लिए ट्यूटर रखते समय सबसे पहले यह ध्यान रखें कि उस शिक्षक को विषय की कितनी और कैसी जानकारी है. इसका पता लगाने के लिए आप उस शिक्षक पर दो-चार दिनों तक निगरानी रखें. एक अच्छा शिक्षक कोई भी पाठ शुरू करने से पहले बच्चे को उस चैप्टर की समरी बताएगा.

वह परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होने वाले कई सारे सवाल व टॉपिक बताएगा. इसके विपरीत जो शिक्षक कमजोर होगा वो कुछ भी समझाने के लिए बार-बार बुक का सहारा लेगा. हर उत्तर देने के लिए वो किताब का ही सहारा लेगा. जो कठिन होंगे उसे वह शिक्षक या तो सही से नहीं पढ़ाएगा या छोड़ देगा.

2. मोटिवेटर

अगर कोई अच्छा ट्यूटर है तो उसे एक अच्छा मोटिवेटर भी होना चाहिए. बच्चों के लिए ट्यूटर रखने से पहले पता कर लें कि उक्त शिक्षक में मोटिवेशनल गुण है या नहीं. स्कूल की कक्षा में एक साथ 40-50 बच्चे होते हैं. ऐसे में शिक्षक को केवल चैप्टर पढ़ाने से मतलब रहता है. उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस बच्चे को समझ में आया और किसे नहीं.

लेकिन ट्यूटर को ऐसा नहीं होना चाहिए बल्कि बच्चे के साथ उसे भी काम करना चाहिए और बच्चे की कमजोरियों को दूर करता रहे. अच्छा ट्यूटर वही है जो बच्चे को हर टॉपिक बेहतर तरीके से समझा दे. ऐसा ट्यूटर जो बहुत आसान टॉपिक को लंबे समय तक पढ़ाए और कठिन टॉपिक को जल्दी खत्म कर दे, तो फिर समझ लीजिए कि वो मोटिवेटर नहीं है.

3. पढ़ाने का सही तरीका

अच्छे ट्यूटर के पास पढ़ाने का बेहतर तरीका होता है. किसी भी विषय के बारे में जानना और उसे सही तरीके से पढ़ाना दोनों में काफी अंतर होता है. इसका सीधा मतलब है कि ऐसा जरूरी नहीं कि जिसे विषय की जानकारी हो वो अच्छे से पढ़ाना भी जानता हो. तभी तो किसी भी ट्यूटर का चयन करने से पहले इस बात की जानकारी रखना आवश्यक है. क्यूंकि अच्छा शिक्षक फॉर्मूला को अच्छे से समझाकर फिर उदाहरण की सहायता से सवालों को बताएगा. ताकि बच्चे को लंबे समय तक सवाल याद रहे.

4. ईमानदारी

ट्यूटर की ईमानदारी की जांच करना बहुत जरूरी है लेकिन यह बहुत ही कठिन काम है. कई बार ऐसा होता है कि ट्यूटर को कोई टॉपिक क्लेयर नहीं हो रहा हो, लेकिन वही शिक्षक सही है जो ईमानदारी से स्वाकीर कर ले कि यह टॉपिक मुझे समझ नहीं आ रहा. वह बच्चे से बोले कि मुझे एक दिन का समय दो, स्टडी करके फिर मैं कल तुम्हें ये समझा दूगां. लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे होते हैं जो खुद को टॉपिक समझ नहीं आने पर यह कहकर टाल देते हैं कि यह टॉपिक बेकार है और यह परीक्षा में नहीं आएगा.

5. समय की पाबंदी

ट्यूटर रखते समय यह देखें कि शिक्षक समय का पाबंद है कि नहीं. समय की पाबंदी अच्छे ट्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण गुण होता है. शिक्षक अगर समय का पाबंद होगा तो वो बच्चे को एक्सट्रा समय दे पाएगा. परीक्षा के वक्त यह एक्सट्रा समय काफी उपयोगी साबित होता है.

6. व्यवहार

अभी के दौर में कई बार ट्यूटर के चरित्र को लेकर सवाल उठते रहते हैं. अक्सर ही ट्यूटर का बच्चे के साथ गलत हरकत करने की खबरें आती रहती है. इसलिए जरूरी है कि आप शिक्षक को हायर करने से पहले उसके व्यवहार का पता लगा लें.

आप ट्यूटर का एक इंटरव्यू भी ले सकते हैं ताकि आप सुनिश्चित हो सकें कि यह शिक्षक आपके बच्चे के लिए कितना सही है.

ये रहे कुछ महत्वपूर्ण सवाल – How to Choose a Tutor

1. क्या वे एक सर्टिफाइड शिक्षक हैं? अगर हैं तो किस विषय में सर्टिफाइड हैं?

2. शिक्षक का टीचिंग एक्सपीरीयंस क्या है? क्या उन्होंने उस विषय पर पहले कोई क्लास लिया है और उनसे पढ़ने वाले बच्चों के रिजल्ट कैसे रहे?

3. शिक्षक पढ़ाने के लिए किस तरह के तरीके आपनाते हैं? क्या वे बच्चे को स्कूल वाले तरीके से ही पढ़ा रहें हैं या फिर उससे कुछ अगल तरीका अपनाकर बच्चे तो कुछ नया ज्ञान दे रहे हैं.

4. वन-टू-वन ट्यूशन के चार्ज महंगे होते हैं. इसलिए पता कर लें कि ट्यूशन के चार्ज क्या है? यह भी पूछ लें कि किसी एक्स्ट्रा मटेरियल के कुछ अलग चार्ज तो नहीं लगेंगे.

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