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How to choose toys for your child: बच्चे की उम्र के हिसाब से करें खिलौनों का चयन

खिलौना खरीदने से पहले यह जांच लेना सही होगा कि आपके बच्चे के लिए किस तरह का खिलौना खरीदा जाए. (How to choose toys for your child)

बच्चों के विकास में खेल भी अहम भूमिका निभाते हैं. खेल-खेल में भी बच्चों के व्यक्तित्व का विकास होता है. खिलौनों के माध्यम से बच्चे नए कौशल सीखते हैं. आप भी अगर अपने बच्चे के लिए खिलौने (How to choose toys for your child) खरीदना चाहते हैं तो बाजार में बहुत सारे विकल्प मिल जाएंगे. लेकिन इसे खरीदने से पहले यह जांच लेना सही होगा कि आपके बच्चे के लिए किस तरह का खिलौना खरीदा जाए.

How to choose toys for your child

खिलौने खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान How to choose toys for your child

बच्चे को वही खिलौने खरीद कर दें जो उनकी उम्र के हिसाब से उपयोगी हो. उम्र के हिसाब से खिलौने देने पर बच्चे को भी उसके साथ खेलने में मजा आएगा. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि आप जो खिलौना ले रहे हैं क्या वो आपके बच्चे के लिए उपयोगी है? इस खिलौने में बच्चे की रुचि कब तक बनी रहेगी? क्या उक्त खिलौने (How to choose toys for your child) से बच्चे की रचनात्मक क्षमता का विकास होगा? इन तमाम सवालो का जवाब लेकर ही आप बच्चे के खिलौने खरीदें. इसके अलावा बच्चे को कभी भी डरावनी शक्लों वाले खिलौने मत दें क्योंकि इस तरह के खिलौनों से बच्चा डरा और सहमा सा रह सकता है. खिलौने का मतलब है बच्चे को डराना नहीं बल्कि खुश करना.

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खिलौने खरीदते समय उम्र का रखें ख्यालHow to choose toys for your child

  • 3-6 महीने की उम्र में बच्चों के दांत आने शुरू हो जाते हैं. इसलिए उन्हें रबड़ और प्लास्टिक के खिलौने दें. इस खिलौने को टीथर कहा जाता है, जिसे बच्चा चबा भी सकता है.
  • 1-3 साल की उम्र के बच्चे का ध्यान रंग-बिरंगी तस्वीरों वाली कहानियों की किताबों में लगा सकते हैं. इन तस्वीरों के माध्यम से समझाकर बच्चे को कहानियां सुनाएं. उसे खेलने के लिए अनब्रेकेबल क्रिएटिव ब्लॉक दें. जिसे तोड़ जोड़ कर बच्चा कुछ नया सीखने का प्रयास करे. बच्चे को फलों, सब्जियों, रंगों व पशु-पक्षियों की पहचान कराने वाली स्टार्टर बुक्स दें.
  • 4-6 साल की उम्र के बच्चों की रुचि के अनुसार छोटी-छोटी कारें, ब्लॉक्स, बिल्डिंग सेट, किचन सेट, फर्नीचर, डॉल के तरह-तरह के परिधान व आभूषण आदि खेलने के लिए दें. इन खिलौनों (How to choose toys for your child) से बच्चे की कल्पना शक्ति बढ़ती है. इस उम्र के बच्चे को आप बिल्डिंग ब्लॉक्स, इलेक्ट्रोनिक ट्रांसपोर्ट वाले खिलौने जैसे कार, स्कूटर मोटरसाइकिल आदि दें. बच्चे को आप ड्राइंग एवं पेंटिंग का सामान, म्यूजिकल गिटार, माऊथआर्गन व चित्रों वाली किताबें भी दे सकते हैं.

ध्यान रखें

किसी भी उम्र के बच्चे के लिए खिलौना लेते समय वॉर्निंग लेबल को पढ़ना जरूरी होता है. लेकिन अगर आप तीन साल से कम उम्र के बच्चे के लिए खिलौना ले रहे हैं तो वॉर्निंग लेबल को अवश्य पढ़ लें. क्योंकि वॉर्निंग में उस खिलौने से बच्चों को हो सकने वाले संभावित खतरों की जानकारी रहती है. साथ ही इसके लिए क्या सावधानिनयां बरतना है इसका भी उल्लेख रहता है.

इसका ध्यान जरूर रखें कि खिलौने कहीं नुकीले और धारदार तो नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि छोटे बच्चे खिलौने को हमेशा मुंह में डाल लेते हैं, कभी उस पर गिर जाते हैं. ऐसे में अगर खिलौने नुकीले हैं तो बच्चे को उससे चोट पहुंचेगी. अगर आप कॉर्ड या रस्सी लगे हुए खिलौने खरीदते हैं तो ध्यान रहे कि रस्सी बहुत ज्यादा लंबी न हो. क्योंकि खेलते समय रस्सी का फंदा बन सकता है जो बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

बच्चे अक्सर हाथ में आने वाली चीजों को सीधे मुंह में डाल लेते हैं. खिलौने अगर छोटे-छोटे और आसानी से अलग होने वाले पार्ट्स होंगे तो बच्चा उन्हें निगल सकता है. 7-8 महीने के बच्चे को इसकी समझ नहीं होती है कि कौन सी चीज मुंह में डालनी है और कौन सी नहीं. जिससे कई बार वो चीजें बच्चे के गले में फंस सकती है.

खिलौने में हो मजबूती

आपने देखा होगा कि बच्चे कई बार खिलौनों को ऊंचाई से गिराते हैं या फिर उसे जोर-जोर से पटकते हैं. खिलौने अगर कमजोर होंगे तो उनका टूटना निश्चित है. इस टूटे हुए खिलौने से बच्चे को चोट लगने की संभावना रहती है. इसलिए ऐसे खिलौने खरीदें जो आसानी से नहीं टूटे.

आप अगर बच्चे के लिए कोई ऐसा खिलौना ले रहे हैं, जिससे आवाज आती है तो ध्यान रहे कि उस आवाज को नियंत्रित करने की सुविधा भी रहे. क्योंकि कई बार खिलौने से आने वाली तेज वाज बच्चे को सुनने की क्षमता को प्रभावति कर सकता है.

हानिकारक रसायनों का रखें ध्यान

सिर्फ आकर्षक खिलौना देखते ही उसे मत खरीद लें. उसे लेते समय यह तसल्ली कर लें कि जो खिलौना आप ले रहे हैं उसमें कोई हानिकारक रसायन तो नहीं है. कुछ खिलौने के रंग उतरते हैं और बच्चा अगर उसे मुंह में रखता है तो यह उसके लिए हानिकारक हो सकता है. खराब किस्म के साफ्ट टॉयज खरीदना भी नुकसान देह साबित हो सकता है. इन खिलौनो में पॉलीफिल भरी होती है और बच्चा अगर इसे मुंह में डाल लेता है तो उससे बच्चे को सांस लेने या किसी और तरह की एलर्जी भी हो सकती है.

खिलौने बच्चे की मानसिक व शारीरिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होती है. इसलिए इन्हें लेने से पहले उपर बताई गई बातों का ध्यान रखें.

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