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बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के शानदार टिप्स – How To Raise Independent Children

परवरिश का हर माता-पिता का अपना अनूठा तरीका है लेकिन इनका एकमात्र लक्ष्य बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना है. (How To Raise Independent Children)

अपने बच्चे की परवरिश करने का हर माता-पिता का अपना अनूठा तरीका होता है. बावजूद इसके इनका लक्ष्य एक ही होता है और वो है अपने बच्चे को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर (How To Raise Independent Children) बनाना. किसी भी बच्चे को जीवन में आगे बढ़ने के लिए उसका आत्मनिर्भर होना जरूरी है. एक बच्चे को स्वतंत्र और जिम्मेदार बनने में सालों लग जाते हैं और यह यात्रा चुनौतीपूर्ण होती है. इस प्रक्रिया में बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाना और उनकी समस्या को सुलझाने के कौशल में सुधार लाना शामिल है.

Tips to Raising an Independent Child

स्वतंत्र बच्चे की परवरिश करना कोई आसान काम नहीं है. स्वतंत्र बच्चे की परवरिश करने के कई सारे फायदें हैं. आपका बच्चा जब स्वतंत्र हो जाता है तो माता-पिता के रूप में आप कम तनाव महसूस करते हैं. लेकिन अब प्रश्न यह उठता है कि एक स्वतंत्र बच्चे की परवरिश कैसे की जाए?

यहां बताए जा रहे कुछ टिप्स को आजमाकर आप एक स्वतंत्र बच्चे की परवरिश कर सकते हैं. जैसे- How To Raise Independent Children

बच्चे को किस उम्र में स्वतंत्र होना सिखाया जाना चाहिएHow To Raise Independent Children

सामान्य तौर पर एक बच्चा 3-5 साल साल की उम्र में अन्य बच्चों के साथ कई गतिविधियों में भाग लेना सीखते हैं. बिना अधिक मदद के वे कुछ गतिविधियां करते हैं और  दूसरों की बुनियादी भावनाओं को भी समझते हैं. इस उम्र में बच्चे काम करने में भी अपनी रुचि दिखाने लगते हैं. इस प्रकार स्वतंत्र होने की दिशा में उनकी यात्रा की शुरुआत के लिए यह सही उम्र है.

स्वतंत्र बच्चों की परवरिश कैसे करें?

1. एक रूटीन सेट करें

अपने बच्चे की स्वतंत्र परवरिश के लिए सबसे पहले जरूरी है रूटीन तैयार करने की. किसी भी काम को बेहतर तरीके से करने के लिए रूटीन का होना जरूरी है. जब बच्चा तय रूटीन के आधार पर काम करना सीख जाता है, तब उसे आप नए कार्यों के बारे में बता सकते हैं.

2. उन्हें घर के कामों में आपकी मदद करने दें

स्वतंत्र होने का मतलब बच्चे का घर के कामों को करने में प्रशिक्षित होना भी है. कम उम्र में घर के कामों में शामिल करना बच्चे को और अधिक जिम्मेदार बना सकता है. यह बच्चे के टाइम मैनेजमेंट और निर्णय लेने की क्षमता को भी विकसित कर सकता है. आप अपने बच्चे से घर की सफाई, कपड़े धोने, अलमारियों को व्यवस्थित करने आदि में मदद करने के लिए कह सकते हैं.

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3. निर्णय लेने में बच्चे की मदद करें

बच्चे को स्वतंत्र बनाने की कोशिश करते समय निर्णय लेना भी एक महत्वपूर्ण कौशल है और आपको इस पर काम करना चाहिए. शुरुआती दिनों में बच्चे से संबंधित अधिकांश निर्णय आप ही ले रहे होंगे, बावजूद इसके आप उन्हें विकल्पों के बीच चयन करने की कोशिश करें. इस विकल्प का चयन दो पोशाकों, दो खिलौनों या दो गतिविधियों के बीच भी हो सकता है. बच्चे को यह बताएं कि उनकी पसंद मायने रखती है. अपने बच्चे को सही निर्णय कैसे लिया जाता है यह भी बताएं. जैसे-जैसे बच्चा किशोरावस्था में पहुंचता है, आप उन्हें परिवार में भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कह सकते हैं.

4. हमेशा बच्चे के प्रयासों की प्रशंसा करें

किसी भी बच्चे के स्वतंत्र होने की राह आसान नहीं होती. एक सफलता हासिल करने से पहले उसे कई असफलताएं हाथ लगेंगी. एक अभिभावक के रूप में आपकी अहम भूमिका परिणाम के बजाय उनके प्रयासों की सराहना करना होना चाहिए. बच्चे को यह समझने दें कि असफलता उन्हें मजबूत बनाती है. उनके प्रयासों पर ध्यान देने से भी अपकी चिंता कम होगी. अपने बच्चे को परिणामों के बजाय उनके प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने को कहें और विपरीत परिस्थितियों में उनकी मदद करें.

5. बच्चे को स्वतंत्र रूप से काम करने दें

ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों के लिए सारा काम खुद ही करना चाहते हैं. यह बात न सिर्फ माता-पिता पर दबाव डालती है बल्कि इससे बच्चे खुद को हमेशा बच्चा ही समझते हैं. ऐसे में बच्चा अपने आप काम करने का विकास नहीं कर सकता. एक अच्छे माता-पिता होने के नाते बच्चे को उसकी उम्र के हिसाब से अपना काम खुद ही करने दें. उन्हें दैनिक दिनचर्या के कार्य स्वयं करने को बोलें जैसे- स्वयं कपड़े पहनना, ब्रश करना, बालों में कंघी करना, नाखून काटना और अपना भोजन करना आदि.

कई माता-पिता बच्चे को स्वयं काम (How To Raise Independent Children) करने की अनुमति इसलिए नहीं देते हैं कि बच्चा काम सही से नहीं करेगा. ऐसे में आपके बच्चे में यह धारणा विकसित हो जाती है कि आप उनकी क्षमताओं पर भरोसा नहीं करते. बच्चे में भी हमेशा यह डर बना रहता है कि अगर वो कई काम करेगा तो गलती हो जाएगी. जब आप बच्चे को चीजों को स्वतंत्र रूप से करने की अनुमति देते हैं, तो वो स्वयं संभालने का कौशल सीखते हैं.

6. महत्वपूर्ण चीजों की सूची तैयार करेंHow To Raise Independent Children

आप अपने बच्चे को चीजों को स्वयं करने के लिए प्रोत्साहित करें. इसके लिए सबसे अच्छी बात यह है कि पहले उन सभी महत्वपूर्ण चीजों की एक लिस्ट तैयार करें, जो आपका बच्चा खुद ही कर सकता है. फिर बच्चे को यह विकल्प दें कि सूची में से वह कौन-सा काम अपने आप करने में सहज महसूस करता है. फिर आप इसकी एक रूटीन तैयार कर लें कि आपका बच्चा रोजाना ये काम खुद करेगा. पहले तो आपको काफी परेशानी होगी क्योंकि जो काम आप अपने बच्चे के लिए पांच मिनट में करते हैं वही काम बच्चा 20 मिनट में करेगा, लेकिन धैर्य रखें क्योंकि धीरे-धीरे आपका बच्चा खुद ही इसे करने में माहिर हो जाएगा.

7. उन्हें खुद पर निर्भर रहने दें

अपने बच्चे को हमेशा अपनी जरूरत की चीजें पाने के लिए खुद ही प्रयास करने दें. उदाहरण के तौर पर उनके कपड़े या स्कूल बैग आप उनके लिए तैयार रखना बंद कर सकते हैं. यह काम आप उन्हें स्वयं करने दें. इस तरह धीरे-धीरे बच्चा चीजों के लिए खुद पर निर्भर रहना सीख लेगा.

8. बच्चे की बचाव मशीन बनने से बचेंHow To Raise Independent Children

यह बात सही है कि माता-पिता के रूप में अपने बच्चों को किसी कार्य के साथ संघर्ष करते देखना कठिन है, लेकिन हर काम में आपका सहयोग उन्हें आत्मनिर्भरता (How To Raise Independent Children) नहीं सिखाएगा. उन्हें गलतियां करने दें और जब वे कार्य कर सकते हैं तो हस्तक्षेप करने की कोशिश मत करें. बेहतर होगा आप उनके लिए समाधान खोजने में सहायता करें. जैसे- अगर बच्चे ने एक गेंद खो दी है, तो उन्हें तुरंत एक नई गेंद न दें और न ही उनके लिए जाकर इसे खोजें. इस तरह के छोटे-छोटे कार्य से उन्हें अपनी समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी.

11. अति-प्रशंसा से बचें

वैसे तो अपने बच्चे के प्रयासों और अच्छे व्यवहार की प्रशंसा करना अच्छा है लेकिन अपने बच्चे को यह बताना कि वे जो भी कर रहे हैं वो सबसे बेहतर है, यह कहना फायदेमंद नहीं हो सकता. क्योंकि यह आदत विपरीत परिस्थितियों में उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है. इसकी वजह है कि बच्चा इसके लिए तैयार नहीं होता है. इसलिए अपने बच्चे की उस सफल कार्य की प्रशंसा करने का प्रयास करें जिसमें वे पहले पराजित कर चुके हैं. उन्हें तब तक प्रयास करने के लिए बोलें जब तक कि वे एक कौशल नहीं सीख लेते, क्योंकि यह आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है.

10. बच्चे की आलोचना करने से बचें

माता-पिता होने के नाते आपको एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि अपने बच्चे की बहुत अधिक आलोचना करना उसके आत्मविश्वास को कम करता है. अगर आप अपने बच्चे की हमेशा आलोचना करेंगे, तो उसमें यह भावना विकसित होगी कि वह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकता है. ऐसे में बच्चा हमेशा आप पर निर्भर रहेगा. इसलिए बच्चे को प्रयोग के माध्यम से चीजें सीखने दें.

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