Home Health Care आखिर इरफान खान को व्हीलचेयर का सहारा क्यों लेना पड़ता है, कितने...

आखिर इरफान खान को व्हीलचेयर का सहारा क्यों लेना पड़ता है, कितने बीमार हैं?

बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान को एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर पर बैठे देख फैंस हैरान हो गए. कैमरे से बचने के लिए इरफान ने अपना चेहरा ढ़क लिया. Irfan Khan Cancer

बॉलीवुड ऐक्टर इरफान खान (Irfan Khan Cancer) पिछले दिनों एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर पर बैठे दिखाई दिए हैं. उनकी ऐसी हालत देखकर फैंस ने इरफान खान की बेहतरी की दुआएं मांगनी शुरू कर दी है. इरफान काफी दिनों से लंदन में अपनी आने वाली फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ की शूटिंग करने में व्यस्त हैं.

इरफान पिछले वर्ष से एक रेयर कैंसर से पीड़ित हैं. इसका इलाज कराने वे लंदन गए थे. करीब एक साल तक इलाज कराने के बाद शुक्रवार रात वे भारत वापस लौटे हैं. जब उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया तब वे व्हीलचेयर पर थे और वहां मौजूद मीडिया के फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स से बचने के लिए वे अपना चेहरा छुपा रहे थे.

उन्होंने डार्क ब्लू डेनिम, ब्लैक जैकेट, व्हाइट शर्ट, ब्लू कैप और व्हाइट शूज पहन रखे थे. लेकिन उनकी ऐसी स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी तबीयत अभी भी खराब है. यानी अभी तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं. अपनी इस गंभीर बीमारी से वे उभरने की कोशिश कर रहे हैं.

लंदन में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे इरफान (Irfan Khan Cancer)

इरफान खान (Irfan Khan Cancer) इन दिनों डायरेक्टर होमी अदजानिया की आने वाली फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ पर काम कर रहे हैं. यह फिल्म वर्ष 2017 में रिलीज हुई ‘हिंदी मीडियम’ का सीक्वल है. इसी फिल्म की शूटिंग के लिए वे लंदन गए थे. खबर है कि फिल्म का लंदन शेड्यूल पूरा करने के बाद वे मुंबई लौटे हैं.

ज्ञात हो कि इरफान खान (Irfan Khan Cancer) वर्ष 2018 में न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज कराने लंदन गए थे. करीब एक साल तक वहां इलाज कराने के बाद वे अप्रैल 2019 में भारत लौटे थे. यहां आने के बाद फिर वे अपनी फिल्म अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग के लिए राजस्थान चले गए थे. वहां की शूटिंग पूरी करने के बाद फिर वे लंदन चले गए थे. इस फिल्म में करीना कपूर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी.

अब लंदन की शूटिंग पूरी करने के बाद वे भारत लौट आए हैं. लेकिन एयरपोर्ट पर लोगों को अपनी फोटो खींचते देख उन्होंने अपना चेहरा छुपा लिया था. हालांकि उनको व्हीलचेयर पर देख उनके फैंस ने चिंता व तस्वीर लेने वालों व वीडियो बनाने वालों पर नाराजगी जाहिर की है. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए उनके वीडियो पर किसी ने लिखा है कि इमरान खान व्हीलचेयर पर क्यों हैं?

भगवान उन पर आर्शीवाद बनाए रखें व उन्हें जल्द से जल्द ठीक कर दें. तो किसी ने लिखा है कि ऐसी तस्वीरें खींचने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए. फिर किसी ने लिखा है इंसानियत के लिए उस आदमी को अकेला छोड़ दो. लेकिन अब यह जानना जरूरी है कि इरफान (Irfan Khan Cancer) किस बीमारी की चपेट में आए थे. उस बीमारी के लक्षण क्या-क्या हैं और उससे बचाव कैसे किया जा सकता है.

तो आइए यहां जानते हैं इरफान खान की बीमारी के बारे में –

बॉलीवुड ऐक्टर इरफान खान (Irfan Khan Cancer) न्यूरो एंड्रोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी से पीड़ित हैं. जब उनकी बीमारी का खुलासा हुआ था तब उन्होंने ट्वीटर पर बताया था कि न्यूरो मतलब सिर्फ दिमागी नसें नहीं है. न्यूरोक्राइन सेल्स पूरे शरीर में पाए जाते हैं. जैसे-फेफड़ों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट आदि. न्यूरो एंड्रोक्राइन कैंसर सिर्फ दिमाग में ही नहीं बल्कि फेफड़े, पेट और आंतों में भी हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: आयुष्मान खुराना की पत्नी ने ऐसे दिया कैंसर को मात!

क्या है न्यूरो एंड्रोक्राइन ट्यूमर? (Irfan Khan Cancer)

हार्मोन पैदा करने वाली एंडोक्राइन और नर्व कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से न्यूरो एंड्रोक्राइन ट्यूमर होने की संभावना बढ़ जाती है. यह ट्यूमर अक्सर पेट व आंत में होती है. वैसे तो यह लो ग्रेड ट्यूमर है लेकिन अगर आंत में यह कैंसर हो जाए तो यह लीवर में भी फैल जाता है. आम बोलचाल की भाषा में इसे शरीफ ट्यूमर भी कहा जाता है.

न्यूरो एंड्रोक्राइन ट्यूमर के लक्षण –

1. फेफड़े में ट्यूमर, बुखार, घबराहट, खांसी, ब्लड प्रेशर बढ़ना.

2. आंत, पेट, पैंक्रियाज में ट्यूमर की वजह से डायरिया, पेट में दर्द, उल्टी व ज्यादा पसीना आना.

3. एपेंडिक्स सहित कई अन्य अंगों में ट्यूमर होने पर कोई लक्षण नहीं होते हैं.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? (Irfan Khan Cancer)

चिकित्सक के मुताबिक अगर समय रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो इसका इलाज काफी हज तक संभव है. इस बीमारी के तीन स्तर होते हैं. जिसमें से पहले व दूसरा स्तर सामान्य होता है लेकिन तीसरा स्तर खतरनाक है. इसका इलाज सर्जरी से संभव है. अगर किसी व्यक्ति के आंत व पेट में ट्यूमर हो जाए तो सर्जरी से उसका इलाज संभव है.

सर्जरी के बाद 2-3 वर्षों तक फॉलोअप किया जाता है. अगर यह शरीर के अन्य अंगों में फैलती है तो सर्जरी के साथ बायोथेरेपी देने की जरूरत भी पड़ती है. लेकिन एक बात तो आप जानते हैं कि सेहत से ही सबकुछ है. स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाकर आप कई तरह की बीमारियों से दूर रह सकते हैं. तनाव व चिंता कई तकलीफों का कारण है. इसलिए हमेशा तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें. #IrfanKhan

(योदादी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here