Home Education Increase Memory Power In Hindi: बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के 15 उपाय

Increase Memory Power In Hindi: बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के 15 उपाय

अगर बच्चे का दिमाग कमजोर हो तो उसका सीधा असर उसकी पढ़ाई पर पड़ता है,उनकी याददाश्त बढ़ाने का तरीका देखें. (Increase Memory Power In Hindi)

बच्चों के अलग-अलग रूप होते हैं, जिसमें कोई बच्चा चंचल होता है तो कोई शांत, कोई बहुत तेज होता है तो कोई बहुत कमजोर. चंचलता तो फिर भी ठीक है लेकिन अगर बच्चे का दिमाग कमजोर (Increase Memory Power In Hindi) हो तो फिर उसका सीधा असर बच्चे के स्कूल के प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है. यानी बच्चे की याददाश्त का कमजोर होना उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है. इसलिए उनकी याददाश्त बढ़ाने पर बचपन से ही ध्यान देना जरूरी है. तो फिर चलिए आपको बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के तरीकों के बारे में बताते हैं.   

Increase Memory Power In Hindi

    

बच्चों की याददाश्त (स्मरण शक्ति) बढ़ाने के तरीके- Increase Memory Power In Hindi

1. चित्रों की मदद लें

स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए चित्रों का सहारा लेना एक बेस्ट उपायों में शामिल है. इसके लिए आप अपने बच्चों को उन चित्रों का सहारा लेने के लिए बोल सकते हैं, जिनके बारे में बच्चे ने पढ़ा हो. उदाहरण के तौर पर, यदि बच्चे ने अल्फाबेट्स की पढ़ाई की है तो उसे वही चित्र (ए फॉर एप्पल आदि) बनाने को बोलें जैसे बच्चे को ए, बी और सी आदि का चित्र बनाने के लिए बोल सकते हैं. इससे उनकी स्मरण शक्ति में सुधार हो सकता है. एक शोध में पता चला है कि चित्रों के माध्यम से चीजों को याद करने में काफी मदद मिल सकती है.

2. मानसिक कल्पना का सहारा लेना

बच्चों की याददाश्त को मजबूत करने के लिए मानसिक कल्पना का भी सहारा लिया जा सकता है. बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए शिक्षक भी मानसिक कल्पना का सहारा ले सकते हैं. इसमें शिक्षक बच्चों को पढ़ाई गई चीजों के बारे में कल्पना करने के लिए बोलते हैं, इससे बच्चों की स्मरण शक्ति मजबूत होती है. जैसे मान लीजिए कि बच्चों को यदि इतिहास पढ़ाया जा रहा है तो उसे उससे ही जुड़ी किसी घटना की कल्पना करने के लिए बोलें. इससे बच्चों को चीजों को समझने और याद करने में बहुत आसानी हो सकती है.

3. पर्याप्त नींद दिलाएं

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉरमेशन) की बेवसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार पर्याप्त नींद याददाश्त को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं. बच्चों में नींद का प्रभाव उनके संज्ञानात्मक प्रदर्शन पर पड़ सकता है. अगर उनकी नींद पूरी नहीं होती है तो उनकी याद करने, सोचने, समझने व ध्यान देने की क्षमता खराब हो सकती है. यही कारण है कि बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए उन्हें सही वक्त पर सुलाने के साथ-साथ पर्याप्त नींद (8-10 घंटे) की भी जरूरत होती है.

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4. शब्दों से वाक्य बनवाएं

किसी चीज के बारे में विस्तार से बताने पर भी बच्चों की याददाश्त मजबूत (Increase Memory Power In Hindi) होती है. इसके लिए आप बच्चों को एक शब्द दे सकते हैं और फिर उन्हें उससे एक पूरा वाक्य बनाने के लिए बोल सकते हैं. उदाहरण के तौर पर  मान लीजिए कि बच्चों को एक शब्द ‘आम’ दिया गया. अब उससे बोलें कि वो इससे एक पूरा वाक्य बनाए, जैसे – ‘राम आम खाता है.’ इससे बच्चे दिमाग पर जोर डालेंगे और  इससे उनके सोचने की क्षमता बढ़ सकती है. यह प्रक्रिया भी याददाश्त को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

5. कहानी और कविताओं की मदद लें

यह तो आप भलि-भांति जानते हैं कि बच्चों को कहानी और कविताओं में बहुत रुचि रहती है. इसलिए उनकी याददाश्त को बढ़ाने के लिए कहानी व कविताओं का सहारा लेना लाभकारी साबित हो सकता है. यह प्रक्रिया बहुत ही आसान है. इसमें पहले तो आप बच्चों को कोई प्रेरणादायक कहानी सुनाइए और फिर उनसे वही कहानी सुनाने को बोलें. इसके अलावा बच्चों को कोई ऐसी कविताएं पढ़ाएं जिसमें राइमिंग हो और हल्की भी हो. इसके बाद फिर बच्चे को वहीं कविता सुनाने के लिए कहें. कविता की जगह आप चाहे तो गाने का भी सहारा ले सकते हैं.

6. जरूरी पोषक तत्व

स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए बच्चों को पौष्टिक आहार देना सबसे जरूरी है. पौष्टिक आहार से मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. एक शोध में बताया गया है कि मस्तिष्क को लगातार अमीनो एसिड की जरूरत पड़ती है. ताकि वो न्यूरोट्रांसमीटर खासकर सेरोटोनिन और कैटेकोलेमिन्स) का निर्माण कर सके. इसकी कमी से बच्चों में सीखने की क्षमता कमजोर हो जाती है. इसलिए जरूरी है कि बच्चे को पौष्टिक आहार दें. इसके लिए उनके भोजन में विटामिन बी 1, बी 6, बी 12, विटामिन डी, फोलिक एसिड, आयोडीन, कोलीन, आयरन आदि को शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट भी संज्ञानात्मक सुधार कर सकता है.

7. ड्राई फ्रूट्स खिलाएंIncrease Memory Power In Hindi

ड्राई फ्रूट्स भी याददाश्त को मजबूत करने में काफी मददगार साबित हो सकता है. बच्चा यदि एक साल से छोटा है तो उन्हें ड्राई फ्रूट्स का सेवन न कराएं. सीडीसी (सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन) के अनुसार 12 महीने की उम्र तक के बच्चों में साबुत खाद्य पदार्थों से गले में अटकने का खतरा बना रहता है. जबकि  6 महीने तक बच्चे को सिर्फ मां के दूध का सेवन कराया जाता है. यहां कुछ सूखे मेवे के बारे में बता रहे हैं, जो एक साल के अधिक उम्र के बच्चों की याददाश्त बढ़ाने में कारगर साबित हो सकते हैं. जैसे अखरोट, बादाम और किशमिश.

8. घी का सेवन कराएं

बच्चों को घी का सेवन कराना भी स्मृति बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है. एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध के अनुसार घी स्मृति में सुधार करने के साथ-साथ मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को भी मजबूत कर सकता है. यानी आप आहार में घी शामिल कर बच्चे की याददाश्त को बढ़ा सकते हैं.

9. बच्चे को सवाल पूछने के लिए कहें

बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए उनके द्वारा सवाल पूछा जाना भी जरूरी माना गया है. एक शोध के मुताबिक बच्चों द्वारा पूछा गया सवाल उनके संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसलिए आपको अपने बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए कि उनके मन में अगर किसी चीज को लेकर थोड़ी सी भी शंका हो, तो वह उसके बारे में सवाल पूछें और उसे दूर करें.

10. काम में बच्चों की मदद लें

आप चाहें तो अपने कामों में भी बच्चों की मदद लेकर उनकी स्मरण शक्ति (Increase Memory Power In Hindi) को बढ़ा सकते हैं. जब आप रसोई में कोई डिश बना रही हैं या फिर बच्चे की ही पसंद की कोई चीज बना रही हैं, तो इस दौरान बच्चों से पूछ सकती हैं कि अब क्या डालना है. इसके अलावा  बच्चे से कोई दूसरा काम  जैसे-  अगर घर में कोई चीज रखी हो, तो आप बच्चे को कहें कि उसे याद करें और फिर उसे ढूंढ कर लाएं. यह भी एक अच्छा तरीका हो सकता है बच्चों की याददाश्त को सुधारने का.

11. पजल्स की मदद लें

पजल एक ऐसा खेल है, जिसमें एक फोटो के कई सारे टुकड़े हुए होते हैं.  फिर उन टुकड़ों को सही तरीके से जोड़ कर एक तस्वीर पूरी की जाती है. इस खेल के माध्यम से भी बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है. इंडोर गेम्स के तौर पर इसे बच्चों के लिए एक अच्छा खेल माना जाता है.

12. चेस की सहायता लेंIncrease Memory Power In Hindi

बच्चों के दिमागी विकास के लिए बोर्ड गेम्स को भी काफी महत्वपूर्ण माना गया है. इन गेम्स में सबसे पहला नाम चेस यानी शतरंज का आता है. शोध बताते हैं कि शतरंज खेलने से बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमता में सुधार हो सकता है. यदि बच्चे की उम्र चेस खेलने की है, तो उसकी मेमोरी को बढ़ाने के लिए इस खेल का भी सहारा लेना लाभकारी हो सकता है.

13. बच्चों को बाहर घुमाने ले जाएं

बच्चे ना सिर्फ पढ़ाई से बल्कि अन्य माध्यमों से भी बहुत कुछ सीखते हैं. इस क्रम में बच्चे को बाहर घुमाना भी शामिल है. बच्चा अगर बाहर जाता है तो वह नई-नई चीजों को सीखने के साथ-साथ बाहरी दुनिया का भी अनुभव करता है और इससे बच्चे ज्ञान भी हासिल कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि आप बच्चे को म्यूजियम घुमाने ले जाते हैं और उन्हें ऐतिहासिक चीजों के बारे में बताते हैं  तो उस घटना और पात्र को बच्चे आसानी से लंबे समय तक याद रख सकते हैं. बच्चों की याददाश्त बढ़ाने का यह भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है.  

14. जोर-जोर से पढ़ने के लिए बोलें

एक शोध के अनुसार जोर-जोर से पढ़ने से उसका स्पष्ट असर याददाश्त पर पड़ सकता है. अगर कोई किसी चीज को जोर-जोर से पढ़ता है,  तो वह चीज दिमाग में जल्दी बैठ सकती है. इसलिए बच्चों की याददाश्त को बढ़ाने के लिए उसे जोर-जोर से पढ़ने के लिए कहना लाभकारी हो सकता है. इससे बच्चे की स्मरण शक्ति अच्छी होने के साथ-साथ भाषा पर भी पकड़ बन सकती है

15. अभ्यास कराएं

यदि किसी भी चीज का अभ्यास बार-बार किया जाए तो वह चीज दिमाग में लंबे समय तक बैठ सकती है. इसलिए बच्चों की स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए यह तरीका भी बेहतर हो सकता है. इसके लिए आप बच्चों को होमवर्क के तौर कुछ गिनती, पहाड़ा या फिर अल्फाबेट दे सकते हैं और उसे मौखिक या लिखित रूप से बार-बार अभ्यास करने के लिए कह सकते हैं. इससे बच्चे उस चीज को लंबे समय तक याद रख पाएंगे और उनकी याददाश्त भी मजबूत होगी.

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