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Intresting Stories for kids in hindi: बच्चों के लिए 20 रोचक कहानियां

बचपन में कहानियां सुनने की आदत बच्चे को भविष्य में किताबें पढ़ने को प्रेरित करती है. (Intresting Stories for kids in hindi)

कहानियां सुनना तो हर बच्चे को अच्छा लगता है. माना कि आज के व्यस्त और तकनीकि युग में आपके मनोरंजन का मूल स्रोत इंटरनेट है. फिर भी आपको अपने बच्चे के साथ थोड़ा समय बिताते हुए उन्हें कहानियां (Intresting Stories for kids in hindi) सुनाना और ज्ञान साझा करना भी जरूरी है. बच्चे खासकर रात को सोने से पहले कहानियां सुनना बहुत पसंद करते हैं. बच्चे को आप नैतिक शिक्षा देने वाली कहानियां सुना सकते हैं.

Intresting Stories for kids in hindi

बचपन में कहानियां सुनने की आदत उनमें भविष्य में किताबें पढ़ने के लिए प्रेरणा देती है. अगर आप बच्चे को किताबें पढ़कर कहानी (Intresting Stories for kids in hindi) सुनाते हैं तो उनका किताबों के साथ प्रेम बढ़ता है और इसका प्रभाव ये होता है कि बच्चे की याददाश्त तेज होता है, बच्चे की भाषा में सुधार होता है और उसकी कल्पना शक्ति भी मजबूत होती है.

बच्चों  के लिए यहां 20 रोचक कहानियां बताने जा रहे हैं जिसे सोते समय सुनने में उन्हें बहुत आनंद आएगाIntresting Stories for kids in hindi

1. सुई का पेड़

बहुत पहले की बात है, दो भाई एक जंगल के निकट रहते थे. बड़ा भाई हमेशा अपने छोटे भाई का सारा खाना खा जाता था. यहां तक की वो उसके सारे अच्छे कपड़े भी पहन लेता था. बड़ा भाई एक दिन बाजार में बेचने के लिए लकड़ियां जमा करने जंगल गया. एक पेड़ से दूसरे पेड़ की शाखाएं काटकर वो जैसे ही आगे बढ़ा वैसे ही उसकी मुलाकात जादुई पेड़ से हुई और उस पेड़ ने कहा “हे! दयालु महोदय, कृप्या मेरी शाखाओं को न काटें.

आप यदि मुझे छोड़ देते हैं, तो मैं आपको अपने सुनहरे सेब दूंगा, तो वह मान गया. लेकिन पेड़ द्वारा दिए गए सेबों की संख्या से वह खुश नहीं था. लालच में आकर उसने पेड़ से धमकी देते हुए कहा कि यदि पेड़ ने उसे और सेब नहीं दिए तो वह उसकी पूरी शाखा काट देगा. अब पेड़ ने सेब देने के बजाय उसपर सैकड़ों छोटी सुइयों की बौछार कर दी. सुईयों के जख्म से बड़ा भाई कराहते हुए जमीं पर गिर पड़ा. धीरे-धीरे शाम ढलने लगी तो छोटे भाई को चिंता होने लगी.

अब वह अपने बड़े भाई की तलाश में निकल पड़ा. जैसे ही उसने देखा की उसका भाई शरीर पर सैकड़ों सुइयों के साथ पड़ा है. वह भाई की तरफ दौड़ा और उसने प्रत्येक सुई बहुत सावधानी और प्यार से निकाली. शरीर में लगी तमाम सुईयां निकालने के बाद बड़े भाई ने उसके साथ बुरा व्यवहार करने के लिए माफी मांगी. साथ ही उसने एक बेहतर इंसान बनने का भी वादा किया. बड़े भाई के दिल में यह बदलाव देख जादुई पेड़ ने उसे सभी सुनहरे सेब दे दिए. 

2. बदसूरत बत्तख का बच्चाIntresting Stories for kids in hindi

यह कहानी लोकप्रिय कहानियों में से एक है. एक बार एक बत्तख एक किसान के खेत में 6 अंडे दे दिए. बत्तख के उन अंडों में एक और अंडा कहीं जा मिला. अब 7 अंडे देख कर बत्तख सोचा कि शायद उससे गिनने में कोई भूल हुई है और उसने सारे अंडे सेये. कुछ दिनों बाद 6 अंडों में से तो पीले रंग के चूजे निकले लेकिन सातवें अंडे से निकला बच्चा दिखने में अलग था. यह बच्चा थोड़ा बड़ा और बेडौल भी था.

बच्चा दिखने में अजीब था इसलिए बाकी सभी चूजे उस पर हंसते थे. यहां तक कि उसके साथ खेलते भी नहीं थे. अजीब दिखने वाला यह बच्चा जब एक दिन पानी में अपना प्रतिबिंब देखा तो वह बहुत दुःखी हुआ. खुद को बदसूरत समझ कर वह उदास हो गया. अलग रूप और चाल को देखकर बाकी पशु-पक्षी और किसान के बच्चे भी उसका मजाक उड़ाते. एक दिन एक बच्चे ने उस पर पत्थर फेंक दिया, जिससे डर कर वह वहां से भागा.

कहानियां…

भागकर वह दूर एक तालाब के पास जाकर रोने लगा. धीरे-धीरे समय बीतने के बाद सर्दियों का मौसम आ गया. तालाब का पानी जमने लगा और बर्फ गिरने लगी. एक दिन पास से एक किसान गुजर रहा था तो उसने बच्चे को ठंड में ठिठुरते देखा दया आ गई. किसान उसे अपनी झोंपड़ी में ले आया और खाने और रहने को जगह दी. इसके बाद अब बसंत ऋतु आई, तब तक बच्चा बड़ा हो गया था. 

इसलिए गरीब किसान उसे तालाब में छोड़ कर आ गया. अचानक ही वहां हंसों का एक झुंड आ पहुंचा. इस झुंड को देखकर ही बेचारा बच्चा छिपने की कोशिश करने लगा. तभी अचानक उसे पानी में अपने प्रतिबिंब पर नजर गई. अपना प्रतिबिंब देखते ही वह हैरान हो गया. वह बत्तख नहीं एक हंस था. अपने असली रूप का पता चलते ही वो बहुत खुश हुआ और हंसों के उस झुंड में शामिल हो गया और अपने नए परिवार के साथ उड़ गया.  

3. भेड़िया आयाभेड़िया आया

इस कहानी में सच्चाई के महत्व को बताया गया है. एक गांव के एक चरवाहा रहता था. वह हर दिन भेड़ों को घास चरने के लिए पहाड़ी पर स्थित चारागाह में ले जाता था. लेकिन हर दिन यह करके उसका मन ऊब गया था. अपने मन को बहलाने के लिए उसने सोचा की कुछ मजेदार किया जाये. वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा, भेड़ियां आया, भेड़ियां आया.

इससे पहले कि भेड़िया किसी भेड़ को खा जाए, उसे भगाने के लिए पूरे गांव के लोगों को जो भी मिला उसे हाथ में लेकर पहुंचे. गांव वालों ने जब देखा की वहां कोई भेड़िया नहीं है. गांव वालों को ऐसे परेशान होते देख चरवाहा खूब हंस रहा था. तब गांव वाले उस चरवाहे को डाँटते हुए वहां से निकल गए. उन लोगों को गुस्सा भी बहुत आया कि चरवाहा उनका टाइम बर्बाद कर रहा है.

कहानियां…

वह लड़का अगले दिन फिर वैसे ही चिल्लाया ‘भेड़िया आया! भेड़िया आया!!’. यह सुनकर गांव वाले फिर भेड़िये को भगाने के लिए दौड़ते हुए पहुंचे. लड़का फिर से उन्हें देख कर हंस रहा था तो गांव वाले वहां से चले गए. अब तीसरे दिन वह लड़का एक छोटी पहाड़ी पर गया, वहां एक भेड़ियां उसके भेड़ों पर हमला कर रहा था.

इस दिन उसने पूरे दम लगाकर चिल्लाया “भेड़िया! भेड़िया! भेड़िया! भेड़िया!’ लेकिन इस बार मजाक समझ कर गांव का एक भी व्यक्ति उसे बचाने नहीं आया. लड़के ने तो किसी तरह पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई लेकिन भेड़िये ने 2-3 भेड़ों को मार डाला. अब उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा था. गांव आकर उसने सबको घटना की जानकारी दी और माफी भी मांगी.

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4.  लालची चूहा Intresting Stories for kids in hindi

एक चूहा जिसे कई दिनों से खाना नहीं मिला था. लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से वह बहुत दुबला हो गया था. काफी समय तक भोजन की तलाश करने के बाद चूहे को मक्के के दानों से भरी टोकड़ी मिली. इस टोकड़ी में एक छोटा सा छेद था (Intresting Stories for kids in hindi) जिससे वह किसी तरह टोकड़ी में घुस सकता था और इसी छेड़ से चूहा टोकड़ी में गया और मक्का खा लिया. पेट भरने के बाद भी वह खाता ही रह गया.

ज्यादा खा लेने से उसका पेट फूल गया. पेट फूलने के कारण चूहे को टोकड़ी से बाहर निकला ही नहीं जा रहा था. अब तो चूहा बहुत परेशान हो गया, तभी वहां से एक दूसरा चूहा गुजर रहा था. चूहे ने उसे अपनी समस्या बताई तो  दूसरे चूहे ने कहा कि अब उसे तब तक इंतजार करना होगा जब तक वह फिर से पतला नहीं हो जाये. क्यूंकि पतला होने के बाद ही वह इस छेद से बहार निकल पायेगा. चूहे को लालच के कारण जरूरत से ज्यादा मक्का खाने पर बहुत पछतावा हुआ. यानी लालच मुसीबत बन सकती है.

5. घमंडी गुलाब

एक बार एक गुलाब को अपनी सुंदरता पर बहुत घमंड था. उस गुलाब को सिर्फ एक बात की तकलीफ थी की वह एक कैक्टस के बगल में उगा था और इसकी वजह से वह उदास भी रहता था. गुलाब रोजाना कैक्टस के रूप को लेकर उसका बुराई करता था लेकिन कैक्टस पर इसका कोई असर नहीं होता और वो हमेशा शांत रहता था. बगीचे के अन्य पौधों ने गुलाब को बहुत समझाया लेकिन उसे अपनी सुंदरता पर बहुत घमंड था.

गर्मी के मौसम में बगीचे के बीच स्थित एक कुआँ सूख गया. अब पौधों को देने के लिए पानी बिल्कुल नहीं बचा था. पानी के बिना गुलाब मुरझाने लगा, उसने देखा कि एक चिड़िया कैक्टस में अपनी चोंच डालकर पानी पी रही थी. गुलाब शर्मिंदा तो था लेकिन फिर भी उसने कैक्टस से थोड़े पानी के लिए पूछा. दयालु कैक्टस फौरन ही मान गया और दोनों ने दोस्ती करके गर्मी के इस कठिन परिस्थिति का मिलकर सामना किया.

6. नकलची बंदर

काफी साल पहले एकबार एक टोपी बेचने वाला बहुत सारी टोपियां लेकर बेचने जा रहा था. रास्ते में उसे थकान महसूस हुई तो वो आराम करने के लिए एक पेड़ के निचे बैठ गया लेकिन थकान के कारण उसे नींद आ गई और वो सो गया. इतनी ही देर में उस पेड़ पर रहने वाले बंदरों ने टोपी वाले की सारी टोपियां लेकर ऊपर गए और पूरे पेड़ पर फैला दिया. जागने के बाद टोपीवाले ने देखा की बंदर उसकी टोपियां लेकर चले गए हैं.

टोपियां लौटाने के लिए वो बंदरों को डराने लगा. सभी बंदर चिढ़ कर उसकी नकल करने लगे. सारे बन्दर टोपीवाले की तरह करने लगे. अंत में गुस्से में आकर टोपीवाले ने अपने सिर में पहनी हुयी टोपी निकाल कर नीचे फेंक दी. नक़ल करते हुए बंदरों ने भी सारी टोपियां जमीं पर फेंक दी. बस टोपीवाले ने अपनी सारी टोपियां उठाई और खुश होकर अपने रास्ते चला गया.   

7.   द गोल्डन टचIntresting Stories for kids in hindi

एक आदमी जो अमीर तो था लेकिन वो लालची भी बहुत था. एक दिन संयोगवश वह एक पारी से मिला. एक दिन एक परी के बाल किसी पेड़ की शाखाओं में फंस गए थे. उस अमीर आदमी ने पैसे कमाने के लालच में परी की सहायता के लिए आगे आया. इस मदद के बदले उसने परी के सामने एक मांग रखी. उस आदमी ने कहा कि ‘मैं जिस भी वस्तु को छुऊं, वह सोने की बन जाए’ और उस परी ने उसकी इच्छा पूरी कर दी.

अब वह लालची व्यक्ति सभी पत्थरों और कंकड़ों को छूकर उन्हें सोने में परिवर्तित करते हुए इस वरदान की जानकारी पत्नी और बेटी कोदेने के लिए घर की ओर भगा. घर जाते ही उसकी बेटी उसका स्वागत करने के लिए दौड़ती हुई आई और जैसे ही वह आदमी उसे अपनी गोद में लेने के लिए नीचे झुका वैसे ही उसकी बेटी सोने की मूर्ति में परिवर्तित हो गई. अब उसे अपनी मूर्खता और लालचीपन का एहसास हुआ. उसने अपने जीवन के बाकी का समय अपने इस वरदान वापस लेने के लिए परी की तलाश करते हुए ही बिता दिया.

8.  सोने का अंडाIntresting Stories for kids in hindi

एक व्यापारी अपनी पत्नी के साथ एक गांव में रहता था. वह बाजारों से मुर्गियां लेकर घर में मुर्गी पालन किया करता था. एक दिन व्यापारी बाजार से छोटी सी सुंदर मुर्गी खरीद कर लाया और कुछ महीने बाद उस मुर्गी ने अंडा दे दिया. यह देखकर व्यापारी और उसकी पत्नी हैरान हो गए क्यूंकि वो अंडा सोने का था.  वह मुर्गी प्रतिदिन एक सोने का अंडा देने लगी. व्यापारी उस अंडे को बेचकर खूब पैसे भी कमाने लगा.

धीरे-धीरे उसके मन में जल्दी से अमीर बनने की लालच बढ़ने लगी. उसने सोचा कि अगर यह मुर्गी हर दिन एक अंडा देती है तो इसके पेट में कितने सारे अंडे होंगे और अगर वो अंडे एक साथ उसे मिल जाएंगे तो वो  जल्द से जल्द अमीर बन जायेगा. यही सोच कर  व्यापारी ने उस मुर्गी को मार डाला और उसका पेट चीर के देखा तो उसमें कोई भी सोने का अंडा नहीं था. अब उसे अपने किये पर पछतावा हो रहा था. 

9.  लोमड़ी और सारस

बहुत पहले एक जंगल में चालाक लोमड़ी रहती थी. यह अपनी चालाकी से  हर किसी जानवर को अपनी मीठी बातों में फंसा कर कुछ न कुछ ले लिया करती या उनका खाना खा लेती थी. उसी जंगल में एक सारस पक्षी भी रहता था जिसे लोमड़ी ने अपनी चालाकी से दोस्त बना लिया. एक दिन लोमड़ी ने उस दोस्त को अपने घर खाने पर घर बुलाया. सारस को बहुत खुशी हुई और उसने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया.

अब सारस लोमड़ी के घर खाने पर पहुंचा. उसने देखा लोमड़ी दोनों के लिए एक-एक प्लेट में सूप ले कर आई है. यह देख सारस मन ही मन बड़ा दुःखी हुआ क्योंकि लंबी चोंच के कारण वह प्लेट में सूप नहीं पी सकता था. लोमड़ी ने चालाकी से सारस से सवाल पूछा कि “मित्र सूप कैसा लग रहा है”. सारस ने जवाब दिया, “बहुत अच्छा है लेकिन मेरे पेट में दर्द है इसलिए में नहीं पी पाउँगा” और वह वहां से चला गया.

अगले ही दिन लोमड़ी बबिना बुलाये ही सारस के घर पहुंच गई. सारस ने उसका अच्छे से स्वागत किया. कुछ देर बाद सारस दो लंबे मुंह वाली सुराही में सूप ले आया. सारस अपनी लम्बी चोंच से आराम से उस सुराही में सूप पीने लगा पर उस लोमड़ी का मुँह उस सुराही में घुसा ही नहीं. सूप पीने के बाद अब सारस ने लोमड़ी से  पूछा “सूप कैसा लगा”. यह सुनते ही लोमड़ी को अपना समय याद आया और शर्म के मारे वो वहाँ से चली गयी.

10.  चींटी और टिड्डा Intresting Stories for kids in hindi

यह कहानी कड़ी मेहनत और भविष्य की योजना का महत्व समझती है. एक बार गर्मी के दिनों में एक मैदान में एक टिड्डा यहां- वहां कूद रहा था, फुदक रहा था और बहुत चहक रहा था. टिड्डा बहुत मस्ती में गाना गाते हुए आगे की ओर बढ़ रहा था. तभी एक चींटी उसके सामने से गुजरी, टिड्डा ने देखा कि चींटी एक मक्के के दाने को लुढ़काते हुए अपने घर में ले जाने का प्रयास कर रही है.

टिड्डा उससे बोला कि इतनी मेहनत करने के बजाय आओ कुछ अच्छा समय गुजारते हैं, तो चींटी ने कहा, “मैं ठंड के लिए खाना जमा कर रही हूॅं और मैं तुम्हें भी सलाह देती हूँ की तुम भी खाना जमा कर लो”. टिड्डे ने जवाब दिया कि ठंड का मौसम आने में अभी बहुत समय बाकि है, फिर अभी से उसकी चिंता क्यूँ करना. अभी के लिए  मेरे पास पर्याप्त खाना है. चींटी वहाँ से चली गई और टिड्डे ने अपना काम जारी रखा. टिड्डा प्रतिदिन उस चींटी को खाना जमा करते हुए देखता लेकिन उसने खुद अपने लिए काम करने की नही सोची.

देखते ही देखते ठंड के दिन आ ही गए और अब टिड्डा भूख से बेहाल हो गया. वह दाने-दाने का मोहताज हो गया. इसके विपरीत चींटी के पास खाने का भंडार था जो उसने गर्मी के दिनों में ही अपने लिए जमा कर लिए थे. चींटी अपने घर में जमा किया हुआ खाना खाकर आराम से समय बिताने लगी. यह देख टिड्डे को अपनी गलती का एहसास हुआ. वह सोचने लगा कि अगर उसने भी समय रहते अपने लिए खाना जमा कर लिया होता तो आज ये दिन देखने नहीं पड़ते.

11. पेंसिल की कथा

एक लड़के को अंग्रेजी की परीक्षा में बहुत कम नंबर मिले थे इसलिए वो बहुत दुःखी था. एक दिन उसकी दादी बगल में आकर बैठी और उसे एक पेंसिल दी. लड़के ने हैरान होकर अपनी दादी की ओर देखा और कहा कि वह परीक्षा में इतने कम नंबर लाकर इस पेंसिल के लायक नहीं है. दादी ने उसे समझाया कि तुम इस पेंसिल से बहुत कुछ सीख सकते हो क्योंकि यह पेंसिल भी तुम्हारी तरह ही है.

जब तुम इस पेंसिल को नुकीला बनाते हो तो उसे भी ऐसा ही दुःख महसूस होता है जैसा तुम अपनी परीक्षा में कम अंक आने पर करते हो. हालांकि यह आपको एक बेहतर छात्र बनने में मदद करेगा. जिस तरह पेंसिल की सभी अच्छाइ उसके अंदर होती है ठीक उसी तरह तुम्हें भी इस बाधा को दूर करने के लिए अंदर से ताकत मिलेगी. अंत में जिस तरह यह पेंसिल किसी भी सतह पर अपनी छाप छोड़ती है, ठीक वैसे ही तुम भी जहां चाहे अपनी पहचान छोड़ सकते हैं. लड़के का मन शांत हुआ और उसने अपने आप से वादा किया कि अब आगे वह हमेशा अपना बेहतर प्रदर्शन करेगा.

12.  एक ग्लास दूध

राज एक दिन स्कूल से घर पैदल ही जा रहा था. रास्ते में उसे भूख के कारण अचानक ही कमजोरी सी महसूस होने लगी. उसे यह भी मालूम था कि उसकी माँ घर पर उसके लिए खाना तैयार नहीं रखी होगी. यह सोच कर वो हताश हो गया और सभी घरों में जाकर खाना मांगने लगा. तभी एक लड़की ने उसे एक बड़ा ग्लास दूध भरकर दिया. दूध के बदले राज ने उसे कुछ पैसे देने चाहे तो उस लड़की ने पैसे लेने से मना कर दिया.

बहुत सालों बाद एक दिन वह लड़की  बहुत बीमार पड़ गई और ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जो उसका इलाज करवा सके. इलाज के लिए वो शहर के सबसे बड़े अस्पताल में गई जहां शहर के अच्छे अच्छे  डॉक्टर्स थे. डॉक्टर्स ने उसे महीनों तक नहीं छोड़ा जब तक वो बढियां से ठीक नहीं हो गयी. अब वह खुश थी और उसे यह भी डर था कि वह बिल का भुगतान कैसे और कहाँ से कर पाएगी. जब अस्पताल से उसे बिल सौंपा गया तो उस पर लिखा था ‘एक ग्लास दूध द्वारा पूरे बिल का भुगतान किया जा चुका है.’

13. भालू और दो दोस्त

दो अच्छे दोस्त एक दिन जंगल से गुजरने वाले एकांत और खतरनाक रास्ते से होकर जा रहे थे. जैसे-जैसे शाम होती गई दोनों डरने लगे लेकिन उन्होंने एक दूसरे का साथ नहीं छोरा. अचानक उनकी नजर सामने से आ रहे एक भालू पर पड़ी. एक दोस्त अपने सामने वाले पेड़ की ओर दौड़ा और फटाफट ऊपर चढ़ गया लेकिन दूसरा दोस्त पेड़ पर चढ़ना नहीं जानता था इसलिए वह मरने का नाटक करके जमीन पर लेट गया.

भालू जमीन पर पड़े लड़के के पास गया और उसके सिर के चारों तरफ सूंघा और लड़के को मरा हुआ जानकर भालू आगे बढ़ गया. अब  पेड़ पर चढ़ा दोस्त नीचे उतरा और उसने अपने दोस्त से पूछा कि भालू ने उसके कान में क्या कहा तो उसने जवाब दिया ‘उन दोस्तों पर कभी भरोसा मत करना जो तुम्हारी परवाह नहीं करते हैं.’

14. लोमड़ी और अंगूर

भूखी लोमड़ी भोजन की तलाश में इधर-उधर भटक रही थी. उसने बहुत जगह ढूंढा लेकिन उसे खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला. अंत में वह अपना पेट पकड़कर एक किसान के घर की दीवार के पास आकर रुक गई. दीवार के ऊपर बड़े-बड़े और रसीले अंगूर लटक रहे थे. गहरा जामुनी रंग देख कर लोमड़ी को पता चल गया कि ये अंगूर एकदम पके हुए हैं.

लोमड़ी ने अपने मुँह में अंगूर पकड़ने के लिए हवा में ऊंची छलांग लगाई, लेकिन वह उन तक पहुँच नहीं सकी. उसने दोबारा कोशिश की लेकिन फिर भी उन तक पहुँच नहीं सकी. कई बार कोशिश करने के बाद भी वो लोमड़ी अंगूरों तक नहीं पहुँच सकी. थक हार कर लोमड़ी ने घर वापस जाने का फैसला किया और पूरा समय यह कहती रही कि ‘मुझे यकीन है कि अंगूर वैसे भी खट्टे ही थे.’

15. दूधवाली और उसका सपनाIntresting Stories for kids in hindi

दूधवाली जिसने अभी-अभी अपनी गाय का दूध निकाला था. अब उसके पास दो घड़े भरकर ताजा मलाईदार दूध था. दूधवाली ने एक लकड़ी पर दोनों घड़ों को टांग दिया और बाजार में दूध बेचने निकली. चलते-चलते वह मन में दूध और उससे मिलने वाले पैसों के बारे में सोचने लगी. उसने सोचा कि इस दूध को बेचकर जो पैसे मिलेंगे उससे मैं मुर्गी खरीदूंगी. मुर्गी अंडे देगी और उन अंडों से मुझे और मुर्गियाँ मिलेंगी.

वो सभी मुर्गियां अंडे देंगी और मैं और पैसों के लिए उन्हें बेच सकती हूं.  इसे बेचकर मिलने वाले पैसों से मैं पहाड़ी पर घर खरीदूंगी और फिर सभी गांववाले मुझसे ईर्ष्या करेंगे. सभी मुझे अपना मुर्गी का व्यवसाय बेचने के लिए बोलेंगे और मैं अपना सर ऐसे उछालकर उन्हें मना कर दूंगी. ऐसा बोलते हुए दूधवाली  ने अपना सर उछाला और अपने दोनों दूध के घड़े गिरा दिए. सारा दूध जमीन पर गिर गया और वो रोने लगी.

16. एक चतुर गणना

एक बार अकबर ने अपनी अदालत में एक प्रश्न रखा और इस प्रश्न ने सभी को चक्कर में डाल दिया. सभी लोग जवाब ढूंढने की कोशिश कर ही रहे थे कि इतने में बीरबल आया और उसने समस्या पूछी. फिर उसे अकबर द्वारा पूछे सवाल के बारे में बताया गया. सवाल था कि इस शहर में कुल कितने कौवे हैं? बीरबल मुस्कुराया और अकबर के पास जाकर घोषणा करते हुए कहा कि, उनके सवाल का जवाब “इक्कीस हजार पाँच सौ तेईस” है.

जब उससे पूछा गया कि उसे जवाब कैसे पता है, तो बीरबल ने जवाब दिया कि, ‘अपने आदमियों से कौओं की संख्या गिनने को कहें,  अगर संख्या ज्यादा है तो समझ लीजिये शहर के बाहर से कौओं के रिश्तेदार उनसे मिलने आए हैं और यदि संख्या कम है, तो फिर कौवे शहर के बाहर अपने रिश्तेदारों से मिलने गए है. यह जवाब सुनकर अकबर ने प्रसन्न होकर बीरबल को माणिक और मोती की माला भेंट की.

17. एकता की शक्ति

बहेलिया पक्षियों को पकड़ने के लिए जंगल में जाल फैलाकर उस पर चावल के दाने बिखेर दिए और खुद झाड़ियों में छुप गया.  कुछ देर बाद आकाश में झुंड में उड़ते कबूतरों को नीचे जंगल में चावल के दाने बिखरे हुए दिखे. सभी कबूतरों के मुँह में पानी भर आया और दाने चुगने के लिए सभी नीचे उतरे. तभी उनमें एक बुद्धिमान कबूतर को कुछ शक हुआ, उसने सोचा कि जंगल में चावल के दाने कहा से आ गए, हो सकता है कोई हमें धोखा दे रहा है.

उसने काफी मना किया लेकिन बाकि कबूतर नहीं मानें और सभी दाना चुगने नीचे उतरे और शिकारी द्वारा फैलाए जाल में फंस गए और उड़ने की कोशिश नाकाम रही. तब उस बुद्धिमान कबूतर ने कहा कि साथियों अगर हम सभी एक साथ पूरी शक्ति लगाकर उड़ें तो निश्चित ही हम इस जाल को लेकर उड़ सकते हैं.

अब सभी कबूतर एक साथ पूरी ताकत लगाकरऔर जाल लेकर उड़ने लगे. पास की झाड़ियों में छिपा बहेलिया उन्हें पकड़ने के लिए उनके पीछे दौड़ा लेकिन कबूतरों की एकता की शक्ति के पीछे वह असफल रहा. कबूतर यहां से सीधे अपने दोस्त चूहे के पास पहुंचे जिसने इनका जाल काटकर उन्हें आजाद कर दिया. इस तरह कबूतरों की एकता ने उन्हें बहेलिये की कैद में जाने से बचा लिया.

18. भूखी कैटरपिलर

एक रविवार की सुबह एक पेड़ की पत्ती पर एक अंडे से लाल मुंह वाली कैटरपिलर निकलती है. अब इसकी भोजन की तलाश शुरू हो जाती होती है. कैटरपिलर एक पत्ती खाती है लेकिन उसकी भूख नहीं मिटती. वह अगले पांच दिनों में रोज एक नई चीज बढ़ती मात्रा में खाती है. कैटरपिलर हर सोमवार को एक सेब, मंगलवार को दो नाशपाती, बुधवार को तीन प्लम, गुरुवार को चार स्ट्रॉबेरी और शुक्रवार को पाँच संतरे खाती है.

वहीं शनिवार को वह चॉकलेट केक, आइसक्रीम कोन, लॉलीपॉप, चेरी पाई, सॉसेज, अचार, स्विस चीज, सैलेमी, कपकेक और तरबूज खाकर बहुत मजे करती है. अब कैटरपिलर को ज्यादा खाना खाने से पेट में दर्द होने लगता है. फिर अब वह रविवार को एक बड़ी हरी पत्ती खाती है तब जाकर बेहतर महसूस करती है. इसके बाद अपने चारों तरफ एक कोकून का आवरण बनाती है और उसमें दो हफ्तों तक रहती है. दो सप्ताह बाद कैटरपिलर रंगीन पंखों के साथ एक सुंदर तितली के रूप में कोकून से बाहर निकलकर उड़ने लगती है. 

19.  क्रिस्टल बॉलIntresting Stories for kids in hindi

प्रिंस को बगीचे में एक बरगद के पेड़ के पीछे एक क्रिस्टल बॉल मिला. पेड़ ने उसे बताया कि यह क्रिस्टल बॉल उसकी कोई भी इच्छा पूरी के देगा. उसने बहुत सोचा लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि उसे क्या चाहिए. इसलिए उसने बॉल को अपने बैग में रखा और अपनी इच्छा के बारे में सोचने का निर्णय किया. कई दिन बीत गए लेकिन उसने कुछ भी नहीं माँगा. लेकिन उसके एक साथी ने उसे क्रिस्टल बॉल को निहारते हुए देख लिया था और उसने वह बॉल चुरा लिया और गांव में सभी लोगों को दिखा दिया.

सबने महल और सोना मांगा लेकिन वे एक वस्तु से ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते थे. जब लोगों को और कुछ नहीं मिला तो   हर कोई दुःखी हो गया. अब सभी ने प्रिंस से मदद मांगने का फैसला किया. प्रिंस ने चाहा कि सब कुछ पहले की तरह हो जाए जैसा गाँव वालों के लालच को पूरा करने से पहले हुआ करता था.  महल और सोना सब गायब हो गया और गांववाले फिर से खुश और संतुष्ट हो गए.

20. लकड़ियों का गट्ठर

तीन पड़ोसी जो अपनी-अपनी फसलों को लेकर बहुत परेशान रहते थे. तीनों के खेतों में ऐसी फसलें थी जो मुरझा भी रही थी और कीटों द्वारा संक्रमित भी हो जा रही थी. तीनों अपनी-अपनी फसलों को बचाने के लिए अलग योजनाएं बनाते थे. एक ने खेत में एक बिजूका रखा तो दूसरे ने कीटनाशकों का उपयोग किया और तीसरे ने अपने खेत पर एक बाड़ लगाया. लेकिन कुछ फायदा नहीं मिला. एक दिन गांव के मुखिया ने तीनों किसानों को बुलाया.

उन्होंने तीनों को एक-एक लकड़ी दी और उन्हें तोड़ने को कहा. तीनों किसान उसे बड़ी आसानी से तोड़ सके. अब उन्हें तीन लकड़ियों का गट्ठर दिया गया और तोड़ने को कहा गया. इस बार इन तीनों किसानों को लकड़ियाँ तोड़ने के लिए अधिक बल प्रयोग करना पड़ा. गांव के मुखिया ने कहा अकेले काम करने से ज्यादा ताकत साथ काम करने से मिलती है. अब किसानों ने अपनी योजनाओं की सारी चीजें इक्कठा की और अंत में उन्हें अपने खेतों के कीटों से छुटकारा मिल गया.

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