Home Trending निर्मला सीतारमण: सेल्स गर्ल से वित्त मंत्री तक का सफर!

निर्मला सीतारमण: सेल्स गर्ल से वित्त मंत्री तक का सफर!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुरू से ही प्रतिभावान रही हैं. उन्होंने सेल्स गर्ल से वित्त मंत्री तक का सफर तय किया है, जो किसी के लिए प्रेरणा से कम नहीं है!

पिछले कुछ समय से निर्मला सीतारमण चर्चा में छाई हुई हैं. सोशल मीडिया पर उनके बयानों को खूब ट्रोल किया जा रहा है. राजनीतिक बातों और विवादों को अगर किनारे रखा जाए तो निर्मला सीतारमण ने अपने जीवन में कई कामयाबियों को हासिल किया है. अपने माता-पिता ही नहीं बल्कि देशभर की बेटियों के लिए वे एक आदर्श हैं. यहां ये कहना जरूरी है कि जिन दिनों वे बड़ी हो रही थी, उस समय आज की तरह न सुविधाएं थी और न व्यापक प्रगतिशीलता.

जाहिर है कि सीतारमण अपनी बेटियों को भी अपने जीवन से जुड़े सीखों को देती होंगी। बेटी दिवस पर किया गया उनका ट्विटर पोस्ट वायरल हो रहा है. लोग इस पर खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं. सीतारमण ने पोस्ट में लिखा है-

‘बेटियों के बारे में बहुत कुछ कह सकती हूं. मेरी बेटी की पुरानी तस्वीर. एक दोस्त, एक फिलॉस्फर और गाइड. आज बेटी दिवस पर यह तस्वीर.’

उनके पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं-

आइए यहां जानते हैं कि निर्मला सीतारमण ने कितने संघर्ष के बाद इस सफल मुकाम पर पहुंची हैं जो हमारी बेटियों और बहनों के लिए प्रेरणा का काम कर सकती है-

अपने सपनों के लिए संघर्ष करना सीखो. सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर दो. मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती. उनके सपने (Journey of Nirmala Sitaraman) आज नहीं तो कल साकार होना ही है.

nirmala sitaraman

सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयासरत रहने वाले कई लोगों की कहानियां आपने सुनी होगी. ऐसी ही एक कहानी है भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की.

इनकी सफलता की कहानी भी बहुत ही प्रेरणादायी है. अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व व काम काज के तरीके के कारण उन्होंने कामयाबी हासिल की.

वित्त मंत्री (Journey of Nirmala Sitaraman) उन महिलाओं के लिए मिसाल हैं जो अपनी राह में आने वाली मुश्किलों से घबराकर हार मान लेती हैं.

नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में वर्ष 2017 में निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्री के पद पर नियुक्त थी. इस पद पर पहुंचने वाली वह इंदिरा गांधी के बाद दूसरी महिला थी.

जबकि मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें (Journey of Nirmala Sitaraman) वित्त मंत्री बनाया गया है. अगर इनके राजनीतिक सफर की बात करें तो ना सिर्फ महिलाओं के लिए बल्कि हर किसी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं.

निर्मला का जन्म चेन्नई में एक बहुत ही साधारण परिवार में हुआ था. उन्होंने देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की थी.

कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला (Nirmala Sitaraman)

इसके बाद देश की सबसे बड़ी पार्टी की प्रवक्ता बनने और उसके बाद कई प्रमुख मंत्रालयों के प्रमुख के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां निभाना सपने सरीखा है.

सीतारमण (Journey of Nirmala Sitaraman) शुरू से ही महत्वाकांक्षी रही हैं. उन्होंने यूनाइटेड किंग्डम के एग्रीकल्चर इंजीनियर्स एसोसिएशन के लिए भी काम किया था.

उन्होंने प्राइसवॉटर हाउस कूपर्स में भी काम किया. यहां सीनियर मैनेजर के पद पर काम करने के बाद वह 1991 में अपने पति के साथ इंडिया वापस आ गई थी.

यहां सीनियर मैनेजर के पद पर काम करने के बाद वह 1991 में अपने पति के साथ भारत वापस आ गईं।

आइए जानते हैं निर्मला सीतारमण के इस सफर के बारे में –

सेल्स गर्ल से वित्त मंत्री तक का सफर (Journey of Nirmala Sitaraman)

1. निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को तामिलनाडु के मदुरै में हुआ था. उनके पिता रेलवे में नौकरी करत थे व मां हाउस वाइफ थीं.

2. इनकी शुरुआती पढ़ाई तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से हुई. इन्होंने अर्थशास्त्र से ग्रेजुएशन किया है.

3. उन्होंने जेएनयू से इकोनॉमिक में मास्टर्स कर वहीं से एम.फिल की उपाधि हासिल की थी.

4. जब वह जेएनयू में पढ़ाई कर रही थी तभी उनकी मुलाकात डॉ परकाला प्रभाकर से हुई थी. बाद में निर्मला ने उन्हीं के साथ शादी की थी. इनकी एक बेटी भी है.

5. जब वह लंदन में पति के साथ रह रही थी उस वक्त उन्होंने घर का सजावटी सामान बेचने वाली एक दुकान में सेल्स गर्ल (Journey of Nirmala Sitaraman) के तौर पर काम किया था. उनके काम से कंपनी इतनी प्रभावित हुई थी कि उन्हें पुरस्कृत भी किया गया था.

6. लंदन में वह कृषि इंजीनियर्स एसोसिएशन में भी रह चुकी हैं. बाद में वह लंदन के प्राइस वॉटरहाउस में सीनियर मैनेजर बनीं.

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7. जब वह लंदन से भारत लौटीं तो उन्होंने कुछ दिनों तक हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी में डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर काम किया था.

यह भी है उपलब्धियां –

8. वर्ष 2003-05 तक वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं.

9. वर्ष 2008 में वह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुई.

10. वर्ष 2010-14 तक वह पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं.

11. मोदी सरकार बनने के बाद वर्ष 2014 में उन्होंने मंत्रालयों का भी प्रभार संभाला.

12. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कॉरपोरेट मामलों की राज्यमंत्री, वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर भी काम किया था.

13. फिर उन्हें राज्यसभा सदस्य रहते हुए रक्षा मंत्री बनाया गया.

14. रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने मोदी सरकार में बड़ी भूमिका अदा की थी. रफाल मामले से जुड़े विवादों को लेकर उन्होंने विपक्ष के हर वार को विफल किया था.

15. इस बार मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया. इंदिरा गांधी के बाद इस पद पर पहुंचने वाली वह दूसरी महिला हैं. जबकि इंदिरा गांधी पूर्णकालिक वित्त मंत्री नहीं थी लेकिन निर्मला सीतारमण पूर्णकालिक वित्त मंत्री हैं.

मंजिल हर किसी को आसानी से नहीं मिलती. लेकिन जिनमें मंजिल तक पहुंचने की सच्ची लगन होती है उन्हें जरूर मिलती है. इसलिए असफलताओं से घबराकर नहीं बल्कि उससे सीखते हुए आगे बढ़ते रहने की कोशिश करना ही सफलता की सही सीढ़ी है. #NirmalaSitaraman

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