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96 साल की अम्मा ने शुरू की पढ़ाई, साक्षरता परीक्षा में आई थी टॉपर!

96 साल की उम्र में साक्षरता परीक्षा टॉपर कार्तियानी अम्मा उनके लिए प्रेरणा हैं जो सोचते हैं कि अधिक उम्र होने के बाद पढ़ाई पूरी नहीं की जा सकती. Women Empowerment

कहते है ना कि पढ़ने की कोई उम्र नही होती लेकिन इसके लिए इंसान के अंदर इच्छाशक्ति होनी चाहिए. इस कथन को केरल की कार्तियानी अम्मा ने सच कर दिखाया है. 96 साल की अम्मा (Women Empowerment) ने केरल में 98 फीसद अंक के साथ साक्षरता परीक्षा में टॉप किया था. इससे साफ जाहिर होता है कि पढ़ने के लिए उम्र नहीं बल्कि जज्बा चाहिए. यह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि अधिक उम्र होने के बाद पढ़ाई पूरी नहीं की जा सकती.

60 साल की बेटी से मिली प्रेरणा – Women Empowerment

इन्हें पढ़ने की प्रेरणा अपनी 60 वर्ष की बेची से मिली थी. बेटी ने वर्ष 2016 में 60 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की थी. बेटी के परीक्षा पास होते ही उन्हें इससे प्रेरणा मिली. अम्मा (Women Empowerment) का कहना है कि उनके पास पढ़ने के लिए रुपये नहीं थे.

लेकिन बेटी के 10वीं पास करने पर उनके मन में एक उम्मीद की किरण जगी. उन्हें लगने लगा कि 100 वर्ष की उम्र तक वह 10वीं जरूर पास कर लेंगी. साक्षरता परीक्षा में टॉप करने के अलावा वह कंप्यूटर चलाना भी सीख रही हैं.

चौथी में लिया था दाखिला – Women Empowerment

अम्मा का कहना है कि जब उनके पढ़ने-लिखने की उम्र थी तब वह पढ़ नहीं सकी. लेकिन शुरू से ही उनका मन पढ़ाई- लिखाई में लगता था. आपको जानकर हैरानी होगी वह कभी भी अपने जीवन में स्कूल नहीं गईं. लेकिन अब उन्होंने ठान लिया है कि अपनी पढ़ाई वह जरूर पूरी (Women Empowerment) करेंगी.

इनका पूरा जीवन मंदिर की सेवा और लोगों के घरों में नौकरानी का काम करते हुए बीता है. काम की व्यस्तता व रूपये की तंगी के कारण उन्होंने कभी उंचे सपने नहीं देखे. इस परीक्षा में उनकी काबिलियत के अनुसार चौथी कक्षा में दाखिला दिलाया गया था.

42 हजार उम्मीदवारों में रहीं टॉपर – Women Empowerment

अम्मा वैसे तो कभी स्कूल नहीं गई थी लेकिन पिछले साल केरल में हुए साक्षरता मिशन ‘अक्षरालाक्षम’ परीक्षा में टॉपर (Women Empowerment) होकर सबको हैरान कर दिया था. बगैर स्कूल गए 42 हजार बच्चों में टॉप करना मामूली नहीं है. साक्षरता की लिखित परीक्षा में उन्हें 40 में से 38 अंक प्राप्त हुए थे. जबकि बाकी परीक्षाओं में उन्हें पूरे अंक हासिल हुए थे. इस परीक्षा से वह बेहद खुश थीं. उनका कहना है कि यह परीक्षा बहुत ही आसान थी.

कनाडा की संस्था ने बनाया गुडविल अंबेसडर –

कार्तियानी अम्मा को ‘कॉमनवेल्थ लर्निंग’ ने अपना गुडविल अंबेसडर नियुक्त किया था. उनका सपना है केरल वर्ष 2020 तक एक पढ़ा लिखा राज्य बन जाए.

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शिक्षा मंत्री से उपहार में मिला लैपटॉप – Women Empowerment

96 वर्ष में साक्षरता परीक्षा में टॉप करने वाली कार्तियानी अम्मा को केरल के शिक्षा मंत्री सी. रवींद्रनाथ ने लैपटॉप गिफ्ट किया है. मंत्री अलपुझा जिले के चेप्पाड गांव में अम्मा के घर जाकर उन्हें नया लैपटॉप उपहार दिया है. इसे पाकर अम्मा (Women Empowerment) बहुत खुश हैं और उनकी यह खुशी चेहरे पर साफ झलक रही है.

परीक्षा 5 अगस्त को हुई थी. जिसमें कुल 42933 लोगों ने हिस्सा लिया था. इन सभी में सबसे उम्रदराद अम्मा ही थी और उन्होंने 100 में से 98 अंक लाकर पहला स्थान हासिल किया था. परीक्षा में 100 अंकों के सवाल पूछे गए थे.

जिसमें लिखने, पढ़ने और गणित की समझ की जांच की गई थी. उन्होंने लिखित परीक्षा में 40 में से 38 अंक हासिल किए थे. वहीं पढ़ने और गणित पूरे नंबर हासिल किए थे. केरल सरकार ने साक्षरता परीक्षा के लिए ‘अक्षरालक्षम साक्षरता मिशन’ अभियान चलाया था.

जिसका उद्देश्य केरल में 100 फीसदी साक्षरता करना है. कार्तियानी अम्मा ‘चेप्पाड राजकीय एलपी स्कूल’ में परीक्षा में बैठी थीं. पढ़ने-लिखने को प्रेरित इस बुजुर्ग महिला ने 6 महीने पहले ही राज्य साक्षरता मिशन के एक कार्यक्रम में अपना नामांकन कराया था.#KarthyayaniAmma

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