Home Pregnancy आश्चर्य: 28 वर्षीय महिला ने एक साथ दिया चार बच्चे को जन्म!

आश्चर्य: 28 वर्षीय महिला ने एक साथ दिया चार बच्चे को जन्म!

ऋषिकेश के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में 28 वर्ष की महिला ने एक साथ 4 बच्चे (Multiple Birth in India) को जन्म दिया. महिला उत्तराखंड के उत्तरकाशी की रहने वाली है और उसने जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद इन चारों बच्चों को जन्म दिया है.

ऋषिकेश के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में 28 वर्ष की महिला ने एक साथ 4 बच्चे (Multiple Birth in India) को जन्म दिया. महिला उत्तराखंड के उत्तरकाशी की रहने वाली है और उसने जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद इन चारों बच्चों को जन्म दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला को पहले उत्तरकाशी जिला अस्पताल ले जाया गया था.

स्थिति गंभीर होने की वजह से उसे दून अस्पताल में स्थानांतरित किया गया. लेकिन यह केस जोखिम भरा होने के कारण महिला को 2 फरवरी (रविवार) एम्स में स्थानांतरित कर दिया गया. एम्स ऋषिकेष की मानें तो महिला व उसके चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं. (Multiple Birth in India)

एम्स के गाइनी विभाग की डॉक्टर अनुपमा बहादुर का कहना है,

“महिला का हिमोग्लोबिन स्तर बहुत कम था जबकि टीएसएच 13 था. ऐसी परिस्थिति में महिला व नवजात को नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में रखने की आवश्यकता पड़ सकती है. महिला को अस्पताल लाने के बाद उसका अल्ट्रासाउंड जांच किया गया. इसी जांच में पता चला कि महिला के गर्भ में 4 बच्चे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, गर्भवती के शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम होने की वजह से यह मामला गंभीर हो गया था. मां और बच्चे की सुरक्षा पर पूरी तरह सावधानी बरतते हुए महिला को 3 यूनिट रक्त चढ़ाया गया. जबकि बच्चों के फेफड़ों की मैच्योरिटी के लिए महिला को इंजेक्शन लगाई गई. शनिवार दोपहर महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया और इन चार नवजातों में दो लड़का व दो लड़की है.

कितना है बच्चों का वजन?

डॉ. अनुपमा बहादुर का कहना है कि दून अस्पताल में महिला व नवजात के लिए तमाम किस्म की सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की वजह से ही महिला को एम्स भेजा गया था. खुशी की बात है कि सभी नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका वजन 1.60 किलग्राम, 1.50 किलोग्राम, 1.35 किलोग्राम व 1.10 किलोग्राम है. सभी स्वस्थ हैं इसलिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत नहीं पड़ी. अस्पताल की तरफ से मां व नवजात सभी को विशेष निगरानी में रखा गया है.

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अस्पताल के निदेशक डॉक्टर रविकांत का कहना है,

“एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड में नवजात शिशुओं के मृत्युदर को कम करने को लेकर पूरी तरह गंभीर है. ऋषिकेश एम्स में विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं. जिससे गर्भावस्था के जोखिम भरे मामले को सुविधापूर्वक संभाला जा सकता है. और इस मामले में हमलोगों ने प्राथमिकतानुसार ऐसा किया भी है.”

गर्भावस्था में क्यों होती है हिमोग्लोबिन की कमी?

1. विटामिन बी की कमी के कारण शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है.

2. शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी भी है हिमोग्लोबिन कम होने की वजह.

3. फॉलिक एसिड की कमी से भी शरीर में खून की कमी होती है.

लक्षणों को ऐसे पहचानें – Multiple Birth in India

1. गर्भवती का चेहरा पीला पड़ जाना.

2. सांस लेने में परेशानी महसूस करना.

3. महिला के आंखों, नाखून व होठों का रंग पीला पड़ना.

4. हमेशा कमजोरी व थकान महसूस करना.

क्या हैं इसके उपाय – Multiple Birth in India

1. गर्भवती महिला अपने शरीर में हिमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए डॉक्टर द्वारा दी गई आयरन की गोलियां लें.

2. आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ कच्चे केले को शामिल करें.

3. अनार व चुकंदर खून बढ़ाने में बेहद कारगर उपाय है.

4. अखरोट व किशमिश रात को भिगो कर रख दें और सुबह खा लें.

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गर्भ में एक से अधिक बच्चे रहने पर सावधानी

1. सीढ़ियां चढ़ने से बचें और अगर चढ़ना ही है तो धीरे-धीरे चढ़ें.

2. पैरो पर भार देकर ज्यादा देर तक ना बैठें.

3. चलने से ज्यादा थकान महसूस हो तो कुछ देर आराम कर लें.

4. सर दर्द, धुंधला दिखना व चक्कर आने पर डॉक्टर को दिखाएं.

5. समय-समय पर चेकअप व अल्ट्रासाउंड करवाते रहें.

6. पीना के सेवन भरपूर मात्रा में करें व नींद में भी कोई कई नहीं होनी चाहिए.

7. पेट के ऊपरी भाग में दर्द होते ही चिकित्सक को दिखाएं.

8. खानपान को लेकर सावधान रहें.

9. ज्यादा थकान वाला कोई काम ना करें.

10. ज्यादा उल्टी आने पर नजरअंदाज ना करें बल्कि तुरंत चिकित्सक को दिखाएं.

11. गर्भावस्था में पेट के बल ना सोएं.

12. सोते वक्त थोड़ी-थोड़ी देर बाद करवट लेनी चाहिए.

13. खनिज में उचित मात्रा वाले आहार का ही सेवन करें.

14. किसी तरह की दिक्कत होते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क स्थापित करें.

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